Ganpati Decoration Ideas: बप्पा के स्वागत में सजाएं घर का मंदिर, कम खर्च में मिलेगा खूबसूरत और यूनिक लुक
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनका दरबार सजाने का उत्साह भी अलग होता है। अगर आप इस बार बिना ज्यादा खर्च किए घर के पूजा वाले कोने को खास बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान DIY आइडिया आपके काम आ सकते हैं।
फूलों, पत्तियों, रंगोली, कपड़े और घर में पड़ी पुरानी चीजों की मदद से आप बप्पा के लिए खूबसूरत सजावट तैयार कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन आइडियाज में इको-फ्रेंडली चीजों को शामिल करके सजावट को सुंदर रखा जा सकता है।
1. फूलों से सजाएं बप्पा का दरबार
गेंदे की लड़ियां, गुलाब और मोगरे के फूलों से गणेश जी के आसन और पीछे की दीवार को सजा सकते हैं। अगर आप थोड़ा अलग लुक चाहती हैं तो फूलों से गोल या अर्धचंद्राकार बैकड्रॉप बनाकर बीच में बप्पा की मूर्ति रख सकती हैं। इससे पूजा की जगह बिना ज्यादा सामान के भी आकर्षक नजर आएगी।
2. केले और आम के पत्तों से दें ट्रेडिशनल टच
केले के पत्ते और आम के पत्तों का इस्तेमाल करें। आम के पत्तों का तोरण बनाकर पूजा स्थल के आगे लगाया जा सकता है। केले के पत्तों को दोनों तरफ लगाकर बीच में बप्पा की मूर्ति रखने से पूरा सेटअप पारंपरिक और खूबसूरत नजर आ सकता है।
3. पुरानी साड़ी या दुपट्टे से बनाएं बैकड्रॉप
घर में रखी कोई खूबसूरत साड़ी, दुपट्टा या रंगीन कपड़ा काम आ सकता है। इसे दीवार पर बैकड्रॉप की तरह लगाएं और किनारों पर फूल या छोटी लाइट्स सजाएं।
4. रंगोली से सजाएं पूजा की जगह
बप्पा के स्वागत में रंगोली बनाना सजावट को और खास बना सकता है। आप फूलों की पंखुड़ियों से सिंपल रंगोली बना सकती हैं या गणेश जी की आकृति वाली रंगोली ट्राई कर सकती हैं। शाम की आरती के समय यह सजावट बेहद खूबसूरत नजर आएगी।
5. फेयरी लाइट्स से जगमगाएं दरबार
शाम की आरती के दौरान हल्की रोशनी पूरे माहौल को खास बना देती है। फेयरी लाइट्स को बैकड्रॉप, कपड़े या पौधों के आसपास लगाया जा सकता है। लाइट्स के साथ छोटे दीये या पेपर लैंटर्न भी लगाए जा सकते हैं।
6. पेपर से बनाएं DIY डेकोरेशन
अगर बच्चों को भी गणेश चतुर्थी की तैयारी में शामिल करना चाहते हैं तो पेपर डेकोरेशन एक अच्छा विकल्प है। रंगीन कागज से फूल, पंखे, कमल और छोटे हैंगिंग डेकोरेशन बनाए जा सकते हैं। बच्चे अपनी पसंद के डिजाइन बनाकर पूजा स्थल को सजा सकते हैं।
7. मिट्टी के दीयों से बढ़ाएं खूबसूरती
छोटे मिट्टी के दीयों को रंगकर या फूलों से सजाकर बप्पा के आस-पास रखा जा सकता है। इन्हें रंगोली के चारों ओर रखने से पूजा स्थल और भी खूबसूरत लगेगा।
8. पुरानी बोतल और जार को बनाएं सजावट का हिस्सा
घर में पड़ी खाली कांच की बोतलें और जार भी गणपति डेकोरेशन में काम आ सकते हैं। इन्हें साफ करके फूलों के छोटे गुलदस्ते, लाइट होल्डर या सजावटी लैंप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर आपके घर में जगह कम है तो ज्यादा सजावट करने की जरूरत नहीं है। एक साफ बैकड्रॉप, कुछ ताजे फूल, छोटी रंगोली और हल्की लाइटिंग ही काफी है। बप्पा की मूर्ति को सजावट के बीच में रखें और आसपास बहुत ज्यादा सामान न भरें।
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Dhurandhar Movie: 'ये कोई कहानी है?' 3000 करोड़ कमाने वाली 'धुरंधर' पर तिग्मांशु धूलिया ने उठाए सवाल
Tigmanshu Dhulia: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके दूसरे भाग ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने दर्शकों के बीच खूब चर्चा बटोरी है। बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करने वाली इस फ्रेंचाइजी को लेकर अब फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने अपनी राय रखी है। उन्होंने फिल्म के पहले भाग के प्रेजेंटेशन और मनोरंजन की तारीफ की, लेकिन इसकी कहानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
तिग्मांशु को पसंद आई ‘धुरंधर’, पर कहानी पर दी राय
हाल ही में एक कार्यक्रम में तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा दौर की फिल्मों और उनके कंटेंट पर बात की। इसी दौरान उन्होंने ‘धुरंधर’ का भी जिक्र किया। धूलिया ने कहा कि अब कॉर्पोरेट कल्चर है और उसी तरह की फिल्में बन रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी मेनस्ट्रीम कमर्शियल फिल्में काल्पनिक बायोपिक होती हैं और इसके लिए पुष्पा, केजीएफ और धुरंधर का उदाहरण दिया।
उन्होंने 'धुरंधर पार्ट 1' की तारीफ करते हुए इसे 'बहुत अच्छे से पेश की गई और बहुत दिलचस्प' फिल्म बताया। उन्होंने आगे कहा, "लेकिन अगर आप किसी से 'धुरंधर' की कहानी बताने को कहें, तो कोई भी आपको कहानी नहीं बता पाएगा। एक आदमी, जो अंडरकवर है, पाकिस्तान जाता है और वहां तहलका मचा देता है। क्या यह भी कोई कहानी है?"
???? Tigmanshu Dhulia on Dhurandhar
— Tilu Badmosh 12 (@tilubadmosh12) September 8, 2026
Praises its presentation & music but questions its depth: “An undercover spy goes to Pakistan and causes havoc… is that really a story?” ????
He says corporate pressure is killing original storytelling. Do you agree? ????#TigmanshuDhulia pic.twitter.com/XsAFKrzHzs
तिग्मांशु धूलिया ने कहानी की कमी पर सवाल उठाए
नेशनल अवॉर्ड जीत चुके तिग्मांशु ने कहा कि आजकल की फिल्मों में कहानियां नहीं होतीं। उन्होंने आगे कहा, "अब ऐसे लोग नहीं रहे जो कहानियां सुना सकें, और जो लोग अपनी कहानियां सुनाना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं मिलता। लोगों को लगता है कि ऐसी फिल्में 'नहीं चलेंगी'।"
बॉक्स ऑफिस पर सफल रही ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी
आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी इस साल की चर्चित फिल्मों में रही है। पहला पार्ट दिसंबर में रिलीज हुआ था और दर्शकों के बीच इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद मार्च में ‘धुरंधर: द रिवेंज’ सिनेमाघरों में पहुंची और बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए।
फिल्म की सफलता के बीच तिग्मांशु धूलिया की यह टिप्पणी खास चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने फिल्म की प्रस्तुति को सराहा है, लेकिन कहानी के मूल ढांचे पर सवाल उठाया है।
तिग्मांशु धूलिया की ‘घमासान’ भी जल्द होगी रिलीज
तिग्मांशु धूलिया बतौर निर्देशक ‘हासिल’, ‘पान सिंह तोमर’ और ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। अब वह अपनी अगली फिल्म ‘घमासान’ की रिलीज को लेकर चर्चा में हैं।
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