शिलांग, आठ सितंबर मेघालय उच्च न्यायालय ने यहां एक होमस्टे में तोड़फोड़ करने के आरोपी उत्तर प्रदेश के छह छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को अधिकारियों द्वारा यह बताए जाने के बाद रद्द कर दिया है कि विद्यार्थियों की ओर से नुकसान के बदले 2.06 लाख रुपये दे दिए गए हैं। अधिकारियों ने अदालत को यह भी बताया कि उनमें से दो को 25,000-25,000 रुपये अतिरिक्त देने और छह दिनों की समाज सेवा करने का निर्देश भी दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पक्षों के बीच आपसी समझौता हो जाने तथा होमस्टे के प्रबंधक एवं मालिक द्वारा प्राथमिकी रद्द करने पर कोई आपत्ति न जताए जाने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को यह आदेश पारित किया।
होमस्टे में तोड़फोड़ की शिकायत के बाद 11 जुलाई को लैतमुखराह थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विद्यार्थियों पर यह भी आरोप था कि एक कमरे में निर्धारित संख्या से अधिक मेहमानों को ठहराने की अनुमति न दिए जाने पर उन्होंने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करते हुए अदालत में याचिका दायर की थी।
आरोपियों में से तीन नाबालिग हैं और जबकि एक हाल ही में 18 साल का हुआ है। बाकी दो 20 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। घटना के बाद, सभी छह आरोपियों को 13 जुलाई को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया था और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अदालत ने इस बात पर गौर किया कि छात्रों के वरिष्ठों और शुभचिंतकों के हस्तक्षेप के बाद, दोनों पक्षों ने 17 अगस्त को आपसी समझौता कर लिया जिसके तहत छात्रों ने होमस्टे मालिक को नुकसान के बदले 2.06 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके साथ, उन्होंने अपने व्यवहार और कृत्यों के लिए माफी भी मांगी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि छात्रों के भविष्य व कल्याण तथा पक्षों के बीच हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकी रद्द करने में कोई बाधा नहीं है।
हालांकि, अदालत ने दो याचिकाकर्ताओं को एक सप्ताह के भीतर होमस्टे मालिक को 25,000-25,000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने का निर्देश दिया। इन दोनों छात्रों को छह दिन की समाज सेवा करने के लिए भी कहा गया। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘वे (छात्र) आठ सितंबर से तीन दिन शिलांग के लाचुमिएरे स्थित सिख सेंटर श्री गुरु सिंह सभा में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक डॉ. कमलजीत सिंह की देखरेख में सेवा करेंगे।
वे जीवा केयर्स के ‘प्रोजेक्ट ऑपरेशन क्लीन-अप’ के साथ समाज सेवा करेंगे, जो शहर भर में फूलों और कूड़ेदानों के रखरखाव के अलावा उमखराह नदी से संबंधित कार्यों सहित स्वच्छता गतिविधियों का संचालन करता है।
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पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) को अपनी पहली बड़ी परीक्षा में नाकामी का सामना करना पड़ा है। यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने अबहा, खमीस मुशैत, जाज़ान और नजरान में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। सऊदी दुश्मन को यह समझना होगा कि यमनी लोगों के खिलाफ बिना किसी जवाबी कार्रवाई, रोक-टोक या कीमत चुकाए अपराध और नरसंहार करने का दौर अब खत्म हो चुका है। नसीरुद्दीन हूती मीडिया ऑफिस के डिप्टी हेड हैं। वे हूती विद्रोहियों द्वारा चलाई जा रही सबा न्यूज़ एजेंसी को चलाते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर इन हमलों की तारीफ़ की।
सऊदी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार तड़के ईरान समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर हमलों में 73 लोग घायल हो गए। यमन में लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने कहा कि विद्रोहियों ने सऊदी शहरों आभा, जाज़ान, नज्रान और खमीस मुशैत में "नागरिक और आर्थिक सुविधाओं" को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि सऊदी-नेतृत्व वाला गठबंधन "आतंकवादी हूति मिलिशिया को रोकने के लिए पूरे संकल्प के साथ सभी ज़रूरी ऑपरेशनल कदम उठाएगा। हूति हमले तब हुए जब विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर यमन के उत्तरी प्रांत जफ़ में एक जेल पर हमला करने का आरोप लगाया। ये हमले यमन में हूतियों और सऊदी-समर्थित सरकारी बलों के बीच हफ़्तों से चल रही लड़ाई के बढ़ने के दौरान हुए, जिसने वहां गृह युद्ध में चार साल से चल रहे संघर्ष-विराम को तोड़ दिया।
हूती हमलों ने दक्षिणी सऊदी अरब में तेल सुविधाओं को निशाना बनाया
यमन में लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने बताया कि मंगलवार तड़के हुए इन हमलों में सऊदी शहरों - आभा, जाज़ान, नज्रान और खमीस मुशैत - में "नागरिक और आर्थिक सुविधाओं" को निशाना बनाया गया। अल-माल्की ने कहा कि इन हमलों में 73 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन हमलों से देश के दक्षिणी इलाके में कई तेल सुविधाओं और यूटिलिटी सेंटरों में आग लग गई। मंत्रालय ने बताया कि इन तेल सुविधाओं और यूटिलिटी सेंटरों में कामकाज कुछ समय के लिए रोक दिया गया। दक्षिणी इलाके में तेल से जुड़ी कई बड़ी सुविधाएं हैं, जिनमें जाज़ान में मौजूद 4,00,000 बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली तेल रिफाइनरी भी शामिल है, जो सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। इससे पहले हूथी विद्रोहियों ने आभा एयरपोर्ट पर भी हमला किया था। मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार सुबह दमकलकर्मी आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। अल-माल्की ने इन हमलों को हालात को गंभीर रूप से बिगाड़ने वाला" और किंगडम की संप्रभुता का खुला उल्लंघन तथा वहाँ के नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया।
उन्होंने बदला लेने का संकल्प लेते हुए कहा कि सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन पूरी दृढ़ता के साथ आतंकवादी हूथी मिलिशिया को रोकने के लिए सभी ज़रूरी ऑपरेशनल कदम उठाएगा। हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली और कहा कि ये हमले यमन में विद्रोहियों पर सऊदी के हालिया हमलों के जवाब में किए गए थे। पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो बयान में, विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने कहा कि उन्होंने दक्षिणी सऊदी अरब में तेल और आर्थिक ठिकानों के साथ-साथ एक एयर बेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।
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