Opinion: सपा का PDA मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’? 34 साल में सिर्फ यादव खानदान ही बना मुख्यमंत्री, बाकी जातियां वोट देकर दरी बिछाएं!
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब करीब 6 महीने से भी कम सयम बचा है. और एक शब्द खूब सुनाई दे रहा है- ‘PDA’. इस ‘PDA’ के सहारे समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव से पहले अपना दायरा बढ़ा रही है, इस बार खास इसमें यह है कि पहले ‘P’ का मतलब ‘पिछड़ा’ था, लेकिन अब अखिलेश यादव ने इसे बदलकर ‘पंडित’ (ब्राह्मण) भी जोड़ दिया है. लेकिन अब यही सबसे बड़ा सवाल उठता है कि आखिर समय के साथ ‘PDA’ की परिभाषा तो बदल रही है, तो क्या सपा के 34 साल के इतिहास में जो चला रहा है, वह भी बदलेगा? अभी तक सपा की तरफ से सिर्फ यादव मुख्यमंत्री ही बना है. वह भी अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के पास ही कुर्सी रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या PDA में शामिल जातियों को सिर्फ वोट देने के लिए अभी तक इस्तेमाल किया गया है? या उन्हें सत्ता में असली हिस्सेदारी भी मिलेगी?. आइए पूरी कहानी समझते हैं.
'बेवजह केस बढ़ाकर कोर्ट पर न डालें बोझ', FDA के सुस्त रवैये पर भड़का बॉम्बे हाईकोर्ट, अफसरों की लगाई क्लास
महाराष्ट्र सरकार और एफडीए की सुस्त कार्यप्रणाली पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ा ऐतराज जताया है. कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई कारोबारी उठाई गई सभी कमियों को दूर कर लेता है, तो उसके लाइसेंस निलंबन को अनिश्चितकाल तक लटकाए रखना सरासर अनुचित है. एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र वी. घुगे और जस्टिस गौतम ए. अनखड की बेंच ने पुणे की 'सिद्धार्थ एग्रो' की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस बात पर गहरी चिंता जाहिर की कि अफसरों के ढुलमुल रवैये के चलते कारोबार ठप पड़ जाते हैं.
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