यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू:सरकार बोली- राजधानी सना को कब्जे में लेंगे; हूतियों का दावा- सऊदी एयरपोर्ट और अरामको को निशाना बनाया
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच फिर जंग तेज हो गई है। सरकार ने हूतियों के कब्जे वाली राजधानी सना को वापस लेने के लिए सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। ताइज, अल-बायदा और अल-जौफ समेत कई इलाकों में लड़ाई हो रही है। दूसरी तरफ हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के अबहा एयरपोर्ट, किंग खालिद एयरबेस और तेल और गैस कंपनी अरामको की सुविधाओं को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। सऊदी पर जेल पर हवाई हमले का आरोप 7 सितंबर को हूतियों ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने अल-जौफ प्रांत के अल-हज्म शहर की एक जेल पर हवाई हमला किया। शुरुआत में कहा गया था कि हमले में एक बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हुई है और कम से कम 7 लोग घायल हुए हैं। बाद में अल-जौफ सिविल डिफेंस के प्रमुख हसन साबौला ने मौतों का आंकड़ा बढ़कर 11 बताया। उन्होंने कहा कि 20 कैदी अभी भी मलबे में लापता हैं। हूती मीडिया के मुताबिक, मरने वालों में जेल में किसी से मिलने आया एक बच्चा भी शामिल था। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अरब ने जेल भी हमले के आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हूतियों का दावा- सऊदी के 4 निगरानी ड्रोन गिराए जेल हमले के आरोप के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। हूतियों ने कहा कि उन्होंने अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और अरामको की कुछ सुविधाओं को निशाना बनाया। इसके अलावा सऊदी अरब के 4 निगरानी ड्रोन भी गिराए। इन हमलों से हुए नुकसान की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। सऊदी का दावा- हूती हमलों में 73 लोग घायल इधर हूतियों पर सऊदी शहरों में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप है। इन हमलों में 73 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। हमलों का असर अबहा, खमिस मुशैत, नजरान और जिजान में पड़ा। सऊदी पक्ष के मुताबिक, घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सऊदी अरब ने इन हमलों का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। यमनी सरकार ने कहा- अब सना वापस लेंगे बढ़ते तनाव के बीच यमन के डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर मेजर जनरल समीर अल-साबरी ने कहा कि सरकार ने सना को वापस लेने का फैसला किया है। सरकार समर्थित सेना ने हूती ठिकानों पर रॉकेट और हवाई हमले किए हैं। जमीन पर भी दोनों पक्षों के बीच भारी लड़ाई चल रही है। सरकार समर्थित सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने कहा कि लक्ष्य यमन को हूतियों के कब्जे से मुक्त कराना और सना को फिर से सभी यमनियों की राजधानी बनाना है। सरकार ने सना जाने वाली कुछ प्रमुख सड़कों पर आम लोगों को जाने से बचने की चेतावनी भी दी है। अल-जौफ क्यों बना अहम मोर्चा? यमन का अल-जौफ सऊदी अरब की सीमा के करीब है। यह इलाका सना की दिशा में जाने वाले महत्वपूर्ण रास्तों से जुड़ा है। इसलिए यहां बढ़त बनाने से सरकार समर्थित सेना को राजधानी की तरफ आगे बढ़ने में रणनीतिक फायदा मिल सकता है। इसी वजह से अल-जौफ में चल रही लड़ाई को मौजूदा सैन्य अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। ताइज और अल-बायदा में भी लड़ाई तेज सरकार और हूतियों के बीच लड़ाई सिर्फ अल-जौफ तक सीमित नहीं है। ताइज, अल-बायदा और मारिब में भी दोनों पक्षों के बीच संघर्ष तेज हुआ है। ताइज पश्चिमी यमन का महत्वपूर्ण इलाका है। यहां लंबे समय से सरकार और हूतियों के बीच संघर्ष रहा है। अल-बायदा यमन के बीच में स्थित है। यह उत्तर और दक्षिण के कई इलाकों को जोड़ता है। इन इलाकों पर नियंत्रण से दोनों पक्षों को सैनिकों और हथियारों की आवाजाही में फायदा मिल सकता है। संघर्ष की शुरुआत 2014 में हुई थी यमन में मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 2014 में हुई थी। उस साल हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। राष्ट्रपति अबद्रब्बू मंसूर हादी की अपील पर 2015 में सऊदी अरब ने यमन में हस्तक्षेप किया। इसका मकसद हूतियों को पीछे हटाकर अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को दोबारा मजबूत करना था। इसके बाद कई साल तक यमन में भीषण लड़ाई चली। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से बड़े स्तर की लड़ाई काफी हद तक रुक गई लेकिन स्थायी राजनीतिक समझौता नहीं हो सका। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत:बाब अल-मंदेब पर कब्जे की कोशिश यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी फोर्स के बीच भीषण लड़ाई में 129 लोगों की मौत हुई है। हूती बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के करीब अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
EPFO-पोर्टल पर गलत एग्जिट डेट से अटक सकता है PF-क्लेम:जानिए जॉब छोड़ने की तारीख सुधारने का आसान ऑनलाइन तरीका
जब आप नौकरी छोड़ते हैं, तो आपकी पुरानी कंपनी को EPFO पोर्टल पर आपकी एग्जिट डेट यानी जॉब छोड़ने की तारीख दर्ज करनी होती है। अगर यह तारीख दर्ज नहीं है या गलत दर्ज हो गई है, तो नए एम्प्लॉयर के पास पीएफ ट्रांसफर अटक सकता है। इसके अलावा नई कंपनी में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन यानी BGV के दौरान भी आपकी नौकरी की तारीखों को लेकर सवाल उठ सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इस गलती को सुधारने के लिए कर्मचारियों को हमेशा अपनी पुरानी कंपनी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। एम्पलाइज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन अपने UAN-लिंक्ड मेंबर पोर्टल पर एग्जिट डेट खुद अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा देता है। अपडेट करने से पहले जानें जरूरी शर्तें अगर ऑनलाइन बदलाव न हो तो क्या करें? गलत एग्जिट डेट से क्या नुकसान हो सकता है? EPFO रिकॉर्ड्स में दर्ज एग्जिट डेट आपके एम्प्लॉयमेंट और सर्विस रिकॉर्ड का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। पीएफ ट्रांसफर और विड्रॉल: नई नौकरी में जाने पर पुराना पीएफ बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए सही एग्जिट डेट होना अनिवार्य है। इससे बाद में पीएफ का पैसा निकालना भी आसान हो जाता है। ओवरलैपिंग और BGV की समस्या: अगर आपकी एग्जिट डेट गलत है या पोर्टल पर दर्ज नहीं है, तो आपकी पुरानी और नई नौकरी की तारीखों में ओवरलैपिंग यानी एक ही समय में दो जगह काम करना दिख सकता है। इससे नई कंपनी में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (BGV) के दौरान गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं और आपकी जॉइनिंग में देरी या रुकावट आ सकती है। EPFO मेंबर्स सुरक्षा का ध्यान रखें EPFO अपने मेंबर्स को सतर्क करता है कि वे इस काम के लिए केवल आधिकारिक EPFO मेंबर पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। रिटायरमेंट फंड संस्था का प्रतिनिधि बनकर कॉल करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपना UAN पासवर्ड, आधार, पैन या बैंक खाते की जानकारी भूलकर भी साझा न करें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 







