उत्तराखंड में मजबूत हो रही कनेक्टिविटी, 1680 करोड़ से 253 पुलों की बदलेगी सूरत, पर्यटन और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
Uttarakhand Transformed: उत्तराखंड में सड़क और पुलों के नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में मजबूत और सुरक्षित कनेक्टिविटी के साथ विकास की गति को आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी क्रम में राज्य में करीब 1,680 करोड़ रुपये की लागत से 253 पुलों के सुदृढ़ीकरण का काम किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी केवल आवागमन को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पर्यटन, व्यापार, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है. पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में मजबूत पुल और सड़क नेटवर्क लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है.
पुलों की मजबूती से सुरक्षित होगा सफर
बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के कारण उत्तराखंड में सड़क और पुलों की मजबूती हमेशा अहम मुद्दा रही है. ऐसे में पुराने और कमजोर पुलों के सुदृढ़ीकरण से लोगों को अधिक सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सकेगा. इससे दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों को मुख्य मार्गों और बाजारों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी.
हाल के वर्षों में राज्य में कई महत्वपूर्ण पुल और सड़क परियोजनाओं पर काम हुआ है. जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल जिले में 220.90 मीटर लंबे धनगढ़ी पुल का उद्घाटन किया था. करीब 29.65 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल का उद्देश्य मानसून के दौरान NH-309 पर होने वाली आवाजाही की समस्या को कम करना और कुमाऊं-गढ़वाल के बीच संपर्क बेहतर करना है.
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पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी भूमिका है. चारधाम यात्रा से लेकर नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी इलाकों तक हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. बेहतर सड़क और पुल नेटवर्क से इन पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है.
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में उत्तराखंड में 6.03 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे, जबकि करीब 48 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा में हिस्सा लिया. ऐसे में पर्यटन स्थलों तक मजबूत कनेक्टिविटी को स्थानीय कारोबार और रोजगार के लिए भी अहम माना जा रहा है.
सरकार पर्यटन को सिर्फ धार्मिक यात्राओं तक सीमित नहीं रखना चाहती. विंटर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, ईको-टूरिज्म और होमस्टे को बढ़ावा देने की योजना भी राज्य के विकास एजेंडे में शामिल है. बेहतर कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में पर्यटकों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा सहारा
पुल और सड़कें पहाड़ के गांवों को बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. बेहतर कनेक्टिविटी से किसान और स्थानीय उत्पादक अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकते हैं. इससे फल, सब्जी, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है.
मुख्यमंत्री धामी ने भी 2026 के विकास एजेंडे में कनेक्टिविटी के साथ उद्यानिकी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है. सरकार सेब, नाशपाती, अखरोट और अन्य पहाड़ी फलों की वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है.
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी रफ्तार पर
उत्तराखंड में राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार की बड़ी परियोजनाओं से भी कनेक्टिविटी को मजबूती मिल रही है. अप्रैल 2026 में दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन हुआ. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इस परियोजना से यात्रा का समय और लागत कम होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा देहरादून में करीब 716 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण भी चल रहा है. यह बाईपास शहर के अंदर यातायात का दबाव कम करने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा. अप्रैल 2026 तक परियोजना का करीब 44 फीसदी काम पूरा हो चुका था.
हरिद्वार में 235 करोड़ रुपये का काम शुरू
हरिद्वार में भी करीब 235 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है. इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन, व्यापार, परिवहन और होटल कारोबार को बढ़ावा देना है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य के लिए लगातार काम कर रही है. 253 पुलों के सुदृढ़ीकरण की योजना को इसी व्यापक कनेक्टिविटी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है. मजबूत सड़क और पुल नेटवर्क से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों को बेहतर संपर्क मिलने के साथ पर्यटन, व्यापार और रोजगार की गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
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