धन शोधन मामला: उच्चतम न्यायालय ने चीनी नागरिक से भारत वापसी की गारंटी मांगी
धन शोधन मामला: उच्चतम न्यायालय ने चीनी नागरिक से भारत वापसी की गारंटी मांगीपीएम मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात के बाद ईरान ने की भारत की तारीफ, कहा- हिंदुस्तान हमारा पुराना दोस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात के एक हफ्ते ज्यादा समय बाद, ईरान ने सोमवार को भारत के साथ अपने रिश्तों को "बहुत अच्छा" बताया और कहा कि वह इस रिश्ते को "बहुत अहमियत" देता है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच "लंबे समय से चले आ रहे, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध" हैं. उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान भारत के साथ अपने रिश्तों को "बहुत अहमियत" देता है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने कहा, "भारत शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स, दोनों का सदस्य है. यह उन देशों में से भी एक है जिनके साथ हमारे कई क्षेत्रों में अच्छे संबंध हैं, जिसमें खासकर व्यापार और आर्थिक सहयोग शामिल हैं." बता दें कि बघाई का ये बयान 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट से पहले आईं, जो भारत की अध्यक्षता में 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होने जा रहा है.
Esmail Baghaei, @IRIMFA_SPOX Spokesperson for the Ministry of Foreign Affairs of the I.R. #Iran:
— Iran in India (@Iran_in_India) September 7, 2026
One of the meetings that President Masoud Pezeshkian held in Bishkek was with the Prime Minister of #India. Our relationship with India is a long-standing, historic and… pic.twitter.com/To8UVIbCGz
भारत के साथ और बातचीत करना चाहता है ईरान
एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने कहा कि ईरान ब्रिक्स समिट का इस्तेमाल भारत के साथ आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत जारी रखने के मौके के तौर पर करेगा. उन्होंने कहा, "आमतौर पर ईरान और भारत के बीच बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा होती है, जिनमें चाबहार पोर्ट भी शामिल है, जो दोनों देशों के लिए अहम है." उन्होंने आगे कहा, "हम निश्चित रूप से ब्रिक्स समिट से मिले मौके का इस्तेमाल भारत के साथ आपसी हित के मुद्दों पर अपनी बातचीत और चर्चा जारी रखने के लिए करेंगे."
बघाई ने कहा कि भारत के साथ ईरान के रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं हिंदुस्तान के साथ हमारे संबंध बहुत पुराने हैं. बता दें कि इस साल की शुरुआत में मिडिल ईस्ट में जंग की शुरुआत होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन की पहली मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में हुई थी.
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