फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोर्न एप दिखाकर साइबर ठगी:हैकर्स डेटा चुराकर बैंक खाते खाली कर रहे, गृह मंत्रालय ने 7 एप्स से बचने को कहा
सोशल मीडिया पर विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने का एक नया पैटर्न सामने आया है। गृह मंत्रालय की साइबर विंग नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने एक एडवाइजरी जारी की है। जांच एजेंसी ने पाया है कि जालसाज फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोर्न एप्स के विज्ञापन चलाकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। स्मार्टफोन यूजर्स को निशाना बनाने वाले इस फ्रॉड को लेकर सरकार ने अलर्ट रहने को कहा है। गृह मंत्रालय ने 7 संदिग्ध एप से दूर रहने को कहा गृह मंत्रालय की विंग ने कुछ संदिग्ध एप्स के नामों का खुलासा किया है, जो इस समय सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव हैं। सरकार ने मुख्य रूप से इन नामों और इनके जैसे अन्य वैरिएंट्स से बचने की सलाह दी है। पोर्न एप्स के नाम पर APK फाइल डाउनलोड करा रहे ठग NCTAU की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं। यहां वे एडल्ट या पोर्नोग्राफिक कंटेंट का झांसा देने वाले विज्ञापन चलाते हैं। जब यूजर इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है, तो उसे एक बाहरी वेबसाइट पर पहुंचा दिया जाता है। इस वेबसाइट पर जाने के बाद यूजर के सामने एक पॉप-अप आता है, जिसमें उसे एक APK फाइल यानी एप डाउनलोड करने के लिए उकसाया जाता है। एक्सेसिबिलिटी परमिशन से हैकर्स ऐसे करते हैं खेल फोन में एप शुरू करने की जल्दी में लोग अक्सर बिना सोचे-समझे सभी परमिशन को Allow (मंजूरी) कर देते हैं। ये खतरनाक एप्स विशेष रूप से आपके फोन की 'एक्सेसिबिलिटी परमिशन' का गलत इस्तेमाल करते हैं। एक बार यह मंजूरी मिलते ही एप को आपके फोन का रिमोट कंट्रोल मिल जाता है। इसके बाद वह बैकग्राउंड में आपकी बिना मर्जी के दूसरे वायरस वाले एप्स डाउनलोड कर लेता है और आपके पूरे स्मार्टफोन को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेता है। डिवाइस हैक कर सीधे बैंक खातों पर निशाना स्मार्टफोन का कंट्रोल मिलते ही हैकर्स आपके बैंकिंग पासवर्ड, डिटेल्स और OTP आसानी से चुरा लेते हैं। इसके बाद वे चुपके से आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं। चूंकि यह सारा खेल फोन के बैकग्राउंड में चलता रहता है, इसलिए आपको तब तक कुछ पता नहीं चलता जब तक कि मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज न आ जाए। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… आतंकी पोर्न वेबसाइट्स पर सीक्रेट चैटिंग कर रहे: पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स इसी पर मैसेज भेजते; एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए पहचान छिपाने की कोशिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी सीक्रेट चैटिंग के लिए अब पोर्न वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने रविवार को बताया कि आतंकी संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इसका सबसे ज्यादा यूज कर रहे हैं। आतंकी इसके जरिए जम्मू-कश्मीर में भर्ती किए गए लोगों तक मैसेज पहुंचा रहे हैं। ताकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इन पोर्नोग्राफी प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम चैट टूल मौजूद होते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
अगले साल इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगा AI:मस्क बोले- डिजिटल काम चुटकियों में करेगा, इंटरनेट और हैकिंग के लिए बनेगा बड़ा खतरा
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क का कहना है कि AI बहुत तेजी से इंसानों जैसी समझ हासिल कर रहा है। अगले साल के अंत तक यह कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े कामों में इंसानों से भी आगे निकल जाएगा। मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए यह बात कही। डिजिटल काम चुटकियों में करेगा, लेकिन इंसानों की जगह नहीं ले पाएगा मस्क ने साफ किया कि AI की यह सुपरह्यूमन क्षमता अभी सिर्फ डिजिटल दुनिया तक ही सीमित रहेगी। फैक्ट्री में उत्पादन या घर बनाने जैसे जमीनी कामों में AI फिलहाल इंसानों की जगह नहीं ले सकता। इसलिए लोगों को 'द मैट्रिक्स' फिल्म जैसी रोबोट्स की दुनिया की चिंता अभी करने की जरूरत नहीं है। 10 साल पहले गूगल के लैरी पेज ने हैकिंग की चेतावनी दी थी मस्क ने 10 साल पहले गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। मस्क ने बताया कि लैरी पेज ने तब उनसे कहा था कि एक दिन AI कंप्यूटर हैकिंग के मामले में इंसानों से बहुत आगे निकल जाएगा। AI खुद ही कंप्यूटर की कमियों को ढूंढकर उन्हें हैक कर सकेगा। मस्क की यह टिप्पणी वर्सेल के CEO गुइलेर्मो रोश की उस पोस्ट के बाद आई, जिसमें उन्होंने इंटरनेट की सुरक्षा पर AI के बढ़ते खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। रोश ने हाल ही में कहा था कि इंटरनेट के इस नए दौर में AI एजेंट्स खुद ही सिस्टम की कमियों को खोजकर उन्हें हैक कर सकते हैं। ओपन AI, एंथ्रोपिक और मेटा के AI मॉडल हो चुके हैं बेकाबू हाल के दिनों में AI सिस्टम के बेकाबू होने या खुद फैसले लेने के कई मामले सामने आए हैं। पिछले महीने ओपनAI ने खुलासा किया था कि उसके AI मॉडल्स ने एक इवैल्यूएशन टेस्ट के दौरान अमेरिकी कंपनी हगिंग फेस के सिस्टम को हैक कर लिया था। ओपनAI की सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1,200 AI एजेंट्स ने आपस में बातचीत करने के लिए एक इंटरनल सर्विस का इस्तेमाल किया और 70,000 से ज्यादा मैसेज व फाइलें शेयर कीं। इसके बाद इनमें से 700 AI एजेंट्स ने हगिंग फेस को टारगेट किया। सिर्फ ओपनAI ही नहीं, बल्कि एंथ्रोपिक और मेटा ने भी हाल ही में अपने AI मॉडल्स के बेकाबू होने की घटनाओं की जानकारी दी है।
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