BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का 9 सितंबर से Uttarakhand दौरा, चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा
नयी दिल्ली, सात सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार से उत्तराखंड के दो-दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मकसद राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का जायजा लेना और उन्हें मजबूत करना है। पार्टी के एक बयान के मुताबिक, अपनी यात्रा के दौरान नवीन पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के मकसद से कई “उच्च-स्तरीय बैठकों” की अध्यक्षता करेंगे।
वह राज्य के “ऊर्जावान युवाओं” से सीधे बातचीत करेंगे और पूर्व सैनिकों तथा पंजाबी समुदाय द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इसमें कहा गया है कि वह प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और पार्टी की राज्य कोर कमेटी के साथ भी बैठकें करेंगे। पार्टी ने कहा, “भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नौ सितंबर से देवभूमि उत्तराखंड का दो दिन का अहम दौरा करेंगे।” पार्टी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपनी “रणनीतिक तैयारियों” के मद्देनजर इस दौरे को “बेहद अहम और महत्वपूर्ण” बताया है।
भाजपा ने बताया कि नवीन बुधवार को उत्तराखंड दौरे के पहले दिन रुद्रपुर में पार्टी की राज्य कार्यसमिति की विस्तारित बैठक को संबोधित करेंगे। पार्टी ने कहा, “यह बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठनात्मक प्राथमिकताओं, जन-कल्याणकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार और राज्य भर में बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।” इसके बाद, उसी दिन भाजपा प्रमुख रुद्रपुर में पार्टी के राज्य पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और राज्य कोर कमेटी की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। पार्टी ने कहा, “इन बैठकों के दौरान, वह राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक मामलों और मौजूदा राजनीतिक हालात की विस्तार से समीक्षा करेंगे और जरूरी मार्गदर्शन देंगे।” नवीन बृहस्पतिवार को अपने दिन की शुरुआत सुबह हल्द्वानी के मशहूर महालक्ष्मी मंदिर जाकर करेंगे।
भाजपा ने कहा, “वे मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और तय रीति-रिवाजों के साथ मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेंगे। साथ ही, वे उत्तराखंड और पूरे देश की खुशी, समृद्धि और शांति के लिए भी प्रार्थना करेंगे।” पार्टी ने बताया कि भाजपा प्रमुख बाद में रुद्रपुर में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के जरिये उत्तराखंड के “प्रतिभाशाली युवाओं” से बातचीत करेंगे और “राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की ज्यादा भागीदारी और उनके उज्ज्वल भविष्य” को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण साझा करेंगे। भाजपा ने कहा कि नवीन हल्द्वानी में शहीद स्मारक भी जाएंगे और भारत के वीर सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
बयान में कहा गया, “इसके तुरंत बाद, वह ‘पूर्व-सैनिक सम्मेलन’ में शामिल होंगे और देश की रक्षा के लिए खुद को समर्पित करने वाले बहादुर पूर्व-सैनिकों के बेमिसाल साहस, बलिदान और देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए आभार व्यक्त करेंगे।” भाजपा ने बताया कि बाद में वह रुद्रपुर में ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में पंजाबी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जश्न मनाया जाएगा और साथ ही उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में समुदाय के “खास योगदान” को भी सराहा जाएगा।
Abhishek Banerjee को Calcutta High Court से बड़ी राहत, 3 FIR में गिरफ्तारी पर 30 नवंबर तक रोक
कोलकाता, सात सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों से जुड़े मामले में उन्हें सोमवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी और उनके खिलाफ लगातार दर्ज हो रहे मामलों पर नाराजगी भी जताई। इससे पहले भी उच्च न्यायालय ने बनर्जी के खिलाफ कुल चार प्राथमिकियों से जुड़े दो मामलों में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी। सोमवार को जिन मामलों में बनर्जी को राहत मिली, उनमें उनके द्वारा आयोजित दो ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सा लापरवाही और इलाज में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह 30 नवंबर तक बनर्जी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें। अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी और उसी दिन संबंधित पुलिस अधिकारी इन प्राथमिकी की जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि एक ही व्यक्ति ने एक से अधिक मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।
सुनवाई के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि वह ऐसा आदेश जारी करेंगे, जिसके बाद उच्च न्यायालय की अनुमति के बिना बनर्जी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकेगी। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक टिप्पणी में कहा, “अब बहुत हो गया। इस साल मई से मैं इन मामलों की सुनवाई कर रहा हूं।
अब मैं एक अन्य पीठ द्वारा शुभेंदु अधिकारी से जुड़े मामले में दिए गए आदेश के आधार पर निर्देश जारी करूंगा, जिसमें कहा गया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके (अधिकारी) खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए।” बनर्जी के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया था कि आठ दिसंबर, 2022 को उच्च न्यायालय ने अधिकारी के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों पर रोक लगा दी थी और निर्देश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए। उस समय अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे और अब मुख्यमंत्री हैं। शंकरनारायणन ने बनर्जी के मामले में भी इसी तरह का आदेश जारी करने का अनुरोध किया।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से कहा कि तीनों प्राथमिकी में से कोई भी सीधे तौर पर बनर्जी से जुड़ी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतें अभिजीत दास ने दर्ज कराई हैं, जो लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से बनर्जी से दो बार हार चुके हैं। अदालत ने कहा कि अधिक से अधिक यह मामला चिकित्सा लापरवाही के आरोप से जुड़ा है।
राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) राजदीप मजूमदार ने कहा कि शिकायतकर्ता दास एक ‘व्हिसलब्लोअर’ हैं और उन्होंने टीएमसी सांसद के प्रभाव के कारण पहले पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
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