RBI VRRR Auction: बैंकों की सुस्त प्रतिक्रिया से 7 लाख करोड़ की नीलामी हुई पस्त
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 30 दिन की परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी को बैंकों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली। बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी होने के बावजूद नीलामी में मिली बोलियां तय राशि से काफी कम रहीं। वीआरआरआर नीलामी एक मौद्रिक नीति घटक है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय बैंक बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी को बाहर निकालने के लिए करता है।
आरबीआई को 30 दिन की वीआरआरआर नीलामी के लिए सात लाख करोड़ रुपये की तय राशि के मुकाबले 2,59,276 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। आरबीआई की अधिसूचना के अनुसार, इन बोलियों को 5.24 प्रतिशत की ‘कट-ऑफ’ दर और भारित औसत दर पर स्वीकार किया गया। अतिरिक्त नकदी को बाहर निकालने के लिए केंद्रीय बैंक ने सोमवार को पांच लाख करोड़ रुपये की तय राशि वाली एक दिन की वीआरआरआर नीलामी की भी घोषणा की। यह नीलामी सुबह 11 बजे से 11.30 बजे के बीच हुई।
फिलहाल बैंकिंग प्रणाली में करीब 10.73 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होने का अनुमान है। बैंकिंग प्रणाली में विशेष विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) जमा योजना के तहत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आने के बाद आरबीआई ने नकदी को बाहर निकालने के उपाय तेज कर दिए हैं।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, उसके विशेष विदेशी मुद्रा उपायों के तहत 31 अगस्त तक 136.38 अरब डॉलर जुटाए गए। केंद्रीय बैंक ने अगस्त से लेकर सितंबर में अब तक 32 वीआरआरआर नीलामियां की हैं। इनकी अवधि एक दिन से लेकर 14 दिन तक रही है।
Air India के लिए Cost Control और Safety सबसे अहम, टाउनहॉल में बोले N Chandrasekaran
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के कर्मचारियों को सोमवार को संबोधित करते हुए सुरक्षा पर ध्यान देने और लागत नियंत्रण की मजबूत संस्कृति बनाने की जरूरत पर जोर दिया। एयर इंडिया के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टेवोल्डे गेबरियाम और निवर्तमान प्रमुख कैंपबेल विल्सन भी बैठक में मौजूद थे।
एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कहा कि विमानन कंपनी के अगले चरण में सुरक्षा, ग्राहकों का भरोसा, परिचालन को बेहतर ढंग से संचालित करना और लागत पर अनुशासन पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘एयर इंडिया को सबसे महत्वपूर्ण चीज जो हासिल करने का प्रयास करना चाहिए, वह लोगों का भरोसा है।’’ चंद्रशेखरन ने कहा कि विमानन कंपनी का सुरक्षा रिकॉर्ड सबसे बेहतर से भी बेहतर होना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से लागत नियंत्रण की मजबूत संस्कृति बनाने में मदद करने का आग्रह किया। चंद्रशेखरन ने यह भी माना कि पिछले 18 महीने विमानन कंपनी के लिए खास तौर पर चुनौतीपूर्ण रहे हैं।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम, हवाई क्षेत्र बंद होने, ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एआई171 की दुखद दुर्घटना ने परिचालन और प्रदर्शन को प्रभावित किया। बैठक में चंद्रशेखरन ने औपचारिक रूप से गेबरियाम का कर्मचारियों से परिचय कराया। एयर इंडिया ने पांच अगस्त को व्यापक चयन प्रक्रिया के बाद गेबरियाम को सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किए जाने की घोषणा की थी। इस चयन प्रक्रिया की निगरानी एक समर्पित बोर्ड समिति ने की थी। गेबरियाम को इथियोपियन एयरलाइंस समूह में करीब चार दशक का अनुभव है।
वह 11 साल से अधिक समय तक इसके सीईओ भी रहे हैं। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। बाद में सिंगापुर एयरलाइंस ने एयरलाइन में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। एयर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी, ‘‘एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने टाउन हॉल में एकत्र होकर एयर इंडिया के नए सीईओ टेवोल्डे गेबरियाम का स्वागत किया। इस मौके पर निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन भी मौजूद रहे। यह एयर इंडिया के बदलाव की यात्रा के अगले अध्याय की शुरुआत है।
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