ड्रीमी गार्डन सन कैचर के फैंसी लुक, बालकनी को दें एस्थेटिक लुक
Suncatcher Design: ड्रीमी गार्डन सन कैचर से अपनी बालकनी को दें एस्थेटिक और लग्जरी लुक। जानिए क्रिस्टल, बोहो मैक्रमे, स्टेन्ड ग्लास, मून-स्टार और बटरफ्लाई थीम वाले 5 खूबसूरत सन कैचर डिजाइन, जो छोटे गार्डन को भी आकर्षक बना देंगे।
'लोग भईया को सईयां बना देते हैं...', धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के ‘जौहर’ वाले बयान पर जताई नाराजगी
Dhirendra Shastri on Swara Bhasker: एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं. अब उनका करीब आठ साल पुराना ‘जौहर’ से जुड़ा बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है. तो वहीं पश्चिम बंगाल में हनुमत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वरा भास्कर के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने जौहर को कायरता कहे जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण से जोड़ दिया.
धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में हनुमत कथा कर रहे हैं. कथा के दूसरे दिन उन्होंने स्वरा भास्कर के पुराने बयान का जिक्र करते हुए उन पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जौहर को कायरता बताना सही नहीं है और इस पर सवाल उठाने वालों को जौहर की संस्कृति के बारे में जानकारी नहीं है.
स्वरा भास्कर पर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर का नाम लेते हुए कहा, “एक महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया. उस महिला ने जौहर को कायरता कहा. ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, ये बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है". उन्होंने आगे कहा कि, "कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वो जौहर के बारे में क्या जानेंगे?" धीरेंद्र शास्त्री ने ये भी कहा कि अगर उनकी बातों से किसी को बुरा लगता है या भावनाएं आहत होती हैं, तब भी वो अपनी बात कहते रहेंगे. उनकी इस टिप्पणी के बाद स्वरा भास्कर का पुराना बयान एक बार फिर सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में आ गया है.Dhirendra Shastri on Swara Bhasker: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में स्वरा भास्कर के जौहर वाले कमेंट पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने क्या कहा चलिए आपको बताते है.
क्या था स्वरा भास्कर का ‘जौहर’ पर बयान?
दरअसल, साल 2018 में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ रिलीज हुई थी. फिल्म को लेकर उस समय काफी विवाद हुआ था. स्वरा भास्कर ने फिल्म देखने के बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को एक खुला पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने फिल्म में जौहर और सती जैसी प्रथाओं के चित्रण और कथित महिमामंडन पर सवाल उठाए थे. वहीं हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वरा ने उसी पुराने पत्र और अपने बयान का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि फिल्म में अपनी इज्जत बचाने के लिए हजारों महिलाओं के जौहर करने के चित्रण ने उन्हें क्यों परेशान किया था.
Bageshwar Baba yesterday termed @ReallySwara as "Chandalan"
— आनंद गुप्ता (@aanandsg) September 6, 2026
Kuch log Bhaiyya ko Saiyyan bana leti hai. ,
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स्वरा का तर्क था कि अगर समाज में महिलाओं के सामने बलात्कार जैसी गंभीर समस्या मौजूद है, तो जौहर को सम्मान और बहादुरी से जोड़कर पेश करना एक गलत मैसेज दे सकता है. उनका सवाल था कि क्या रेप की शिकार महिला को इसलिए कम बहादुर या कम सम्मानित समझा जाना चाहिए क्योंकि उसने अपनी जिंदगी खत्म करने के बजाय जिंदा रहने का फैसला किया?
‘उन्हें जीने का हक नहीं?’
स्वरा भास्कर ने अपने बयान में इसी मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या समाज महिलाओं को ये मैसेज देना चाहता है कि अगर उनके साथ यौन हिंसा होती है तो उनकी जिंदगी खत्म हो गई? उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी महिला के साथ रेप होने के बाद उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई सम्मानजनक विकल्प नहीं होना चाहिए? स्वरा का कहना था कि ऐसी सोच रेप पीड़ित महिलाओं के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है. उनके मुताबिक, किसी महिला के साथ हुई यौन हिंसा उसकी जिंदगी का अंत नहीं है और पीड़िता को आगे जीने का पूरा अधिकार है.
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