Responsive Scrollable Menu

Jharkhand में मंत्री Sudivya Kumar के निधन पर SIR सुनवाई टली, 2 दिन का राजकीय शोक घोषित

रांची, छह सितंबर झारखंड में राज्य के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन के बाद सोमवार को निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सुनवाई स्थगित कर दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार ने छह और सात सितंबर को दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है और इस दौरान अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।

सोमवार को झारखंड सरकार के सभी कार्यालय भी बंद रहेंगे। झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने पीटीआई-को बताया , “राजकीय शोक और सरकारी अवकाश के मद्देनजर सोमवार को राज्यभर में होने वाली एसआईआर की सुनवाई स्थगित कर दी गई है।” निर्वाचन आयोग ने राज्य में एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है, जबकि संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दी गई है। यह पूछे जाने पर कि क्या समयसीमा और बढ़ाई जाएगी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा।

कुमार (56) को देर रात करीब ढाई बजे उनके गृह नगर गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने करीब चार बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Continue reading on the app

तुलसी के पौधे में रोज जल चढ़ाना क्यों माना जाता है शुभ? जानें मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से जुड़ी मान्यता

Tulsi puja rules: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है। यही वजह है कि कई घरों में सुबह स्नान के बाद तुलसी को जल अर्पित करने और दीपक जलाने की परंपरा निभाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी केवल एक पौधा नहीं बल्कि देवी स्वरूप मानी जाती हैं। घर के आंगन या पूजा स्थल पर तुलसी का पौधा होने को शुभता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है।

मान्यता है कि नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में तुलसी पूजा के नियमों और परंपराओं में कुछ अंतर भी देखने को मिलता है।

भगवान विष्णु को क्यों प्रिय है तुलसी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय हैं और तुलसी पत्र के बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है।

इसी कारण एकादशी, देवउठनी एकादशी और भगवान विष्णु से जुड़े अन्य धार्मिक अवसरों पर तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। कई श्रद्धालु भगवान विष्णु को भोग अर्पित करते समय भी तुलसी दल जरूर शामिल करते हैं।

मां लक्ष्मी से भी जुड़ी है तुलसी की मान्यता
हिंदू धार्मिक परंपराओं में तुलसी के पौधे को घर की सुख-समृद्धि से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी की नियमित पूजा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

कई परिवार सुबह और शाम तुलसी के पास दीपक जलाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना घर में शांति और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।

रविवार और एकादशी को लेकर क्या हैं मान्यताएं?
तुलसी पूजा से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं। आमतौर पर लोग प्रतिदिन तुलसी को जल अर्पित करते हैं, लेकिन कुछ मान्यताओं में रविवार और एकादशी के दिन तुलसी में जल न चढ़ाने या पत्तियां न तोड़ने की परंपरा बताई जाती है।

इसी तरह शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा भी कई हिंदू परिवारों में प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी की पूजा श्रद्धा और स्वच्छता के साथ करनी चाहिए।

तुलसी विवाह का भी है विशेष महत्व
कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी के अवसर पर तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इस दिन तुलसी और भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम का विवाह कराया जाता है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, तुलसी विवाह के बाद विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत का समय भी माना जाता है। कई जगह इस अवसर पर घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

घर में तुलसी का पौधा कहां लगाना चाहिए?
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे को साफ-सुथरी और खुली जगह पर रखना शुभ माना जाता है। इसे ऐसी जगह रखा जाता है जहां पौधे को पर्याप्त धूप और हवा मिल सके।

धार्मिक दृष्टि से तुलसी के स्थान को पवित्र रखने की परंपरा है। इसलिए पौधे के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

आज भी कायम है तुलसी पूजा की परंपरा
बदलती जीवनशैली के बावजूद आज भी देश के कई घरों में सुबह-शाम तुलसी पूजा की परंपरा निभाई जाती है। कहीं इसे धार्मिक आस्था से जोड़ा जाता है तो कहीं इसे परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा के रूप में देखा जाता है।

तुलसी का पौधा भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और आज भी विशेष अवसरों पर इसकी पूजा श्रद्धा के साथ की जाती है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इन मान्यताओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। पाठक इसे सामान्य जानकारी के रूप में लें।

Continue reading on the app

  Sports

अफगानिस्तान 'होस्ट' तो टीम इंडिया होगी दिल्ली में मेहमान, फिर कौन चुकाएगा अरुण जेटली स्टेडियम का खर्चा और कमाएगा सीरीज से माल?

ind vs afg series: 13 सितंबर से शुरु हो रही भारत बनाम अफगानिस्तान द्विपक्षीय सीरीज के वित्तीय मोर्चे पर एक बेहद दिलचस्प समीकरण सामने आया है. इस सीरीज के लिए दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम का पूरा किराया बीसीसीआई नहीं, बल्कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) अपनी जेब से चुकाएगा Tue, 8 Sep 2026 18:41:01 +0530

  Videos
See all

मटकी फोड़ने का ऐसा खेल नहीं देखा होगा! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T14:14:03+00:00

Noida Online Shopping Fraud: ऑनलाइन मंगाई Android Device,पैकेट खोलते ही निकला गोबर! युवक के उड़े होश #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T14:16:21+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers