Explainer: रिटायर्ड कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! क्या लेवल 7 की पेंशन बढ़कर 58,000 रुपये हो जाएगी?
8th Pay Commission Explainer: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और अलग-अलग भत्तों में बदलाव हो सकता है. इसी बीच कर्मचारी और पेंशनर संगठन अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने लगातार आवाज उठा रहे हैं.
चेन्नई में होने वाली एक अहम बैठक में कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है. इसमें सैलरी और पेंशन बढ़ाने के साथ-साथ अलाउंस, ट्रांसफर और पोस्टिंग के दौरान कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों पर भी चर्चा हो सकती है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 8वें वेतन आयोग के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर कितना असर पड़ेगा. खासकर पेंशनर्स यह जानना चाहते हैं कि उनकी मौजूदा पेंशन कितनी बढ़ सकती है और क्या 58 हजार रुपये तक पेंशन पहुंचने की बात वास्तव में संभव है.
पुरानी पेंशन स्कीम की मांग क्यों उठ रही है?
केंद्र सरकार के कई कर्मचारी फिलहाल NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम और UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम के दायरे में आते हैं. हालांकि, कर्मचारी संगठनों का एक बड़ा वर्ग पुरानी पेंशन स्कीम यानी OPS को दोबारा लागू करने की मांग कर रहा है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ज्यादा वित्तीय सुरक्षा देती है. इसी वजह से वे सभी पात्र कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि OPS की बहाली अभी कर्मचारी संगठनों की मांग है. इसे लागू करने का अंतिम फैसला सरकार को लेना होगा.
50% से बढ़ाकर 67% पेंशन की मांग
पेंशन को लेकर कर्मचारी संगठनों की एक और बड़ी मांग सामने आई है. संगठनों का कहना है कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलता है. इस सीमा को बढ़ाकर 67% किया जाना चाहिए.
इसे आसान उदाहरण से समझें. अगर किसी कर्मचारी की रिटायरमेंट के समय आखिरी बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये है, तो 50% के हिसाब से उसकी पेंशन 50 हजार रुपये होगी. अगर 67% की मांग स्वीकार होती है तो यही पेंशन करीब 67 हजार रुपये हो सकती है. लेकिन फिलहाल 67% पेंशन कोई लागू नियम नहीं है. यह कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की ओर से रखी गई मांग है.
अलग-अलग संगठनों की क्या मांग?
कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने सरकार के सामने कई अलग-अलग मांगें रखी हैं. नेशनल काउंसिल यानी NC-JCM और AIDEF की मांग है कि पेंशन को आखिरी बेसिक सैलरी का 67% और फैमिली पेंशन को 50% किया जाए.
वहीं AINPSEF और भारत पेंशनर्स समाज जैसे संगठनों की ओर से सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' यानी OROP लागू करने की मांग की गई है.
भारत पेंशनर्स समाज ने न्यूनतम पेंशन 45 हजार रुपये प्रति महीने करने की मांग भी रखी है. रेलवे से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने OROP के साथ ग्रेच्युटी का लाभ बढ़ाने की मांग की है.
एक नजर में समझिए
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं.
- कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन स्कीम यानी OPS बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
- कुछ संगठनों ने आखिरी बेसिक सैलरी की 67% पेंशन देने की मांग रखी है.
- फैमिली पेंशन को 50% करने की मांग भी की गई है.
- कुछ संगठन सभी पेंशनर्स के लिए OROP लागू करने की मांग कर रहे हैं.
- भारत पेंशनर्स समाज ने न्यूनतम पेंशन 45 हजार रुपये प्रति महीने करने की मांग रखी है.
- 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था.
- 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह अभी तय नहीं है.
- 2.15, 2.28 या 2.57 जैसे फैक्टर पर पेंशन में अलग-अलग बढ़ोतरी की गणना की जा रही है.
- 2.57 फिटमेंट फैक्टर होने पर लेवल 7 की संभावित पेंशन करीब 57,697 रुपये बताई जा रही है.
अभी कितनी पेंशन मिल रही है?
7वें वेतन आयोग के मौजूदा स्ट्रक्चर के आधार पर अलग-अलग पे लेवल पर शुरुआती पेंशन अलग-अलग है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक लेवल 4 की शुरुआती पेंशन 12,750 रुपये, लेवल 5 की 14,600 रुपये, लेवल 6 की 17,700 रुपये और लेवल 7 की 22,450 रुपये है.
यही रकम 8वें वेतन आयोग के तहत नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बढ़ सकती है. लेकिन अंतिम रकम सरकार द्वारा तय किए जाने वाले नए वेतन ढांचे पर निर्भर करेगी.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिसका इस्तेमाल नए वेतन आयोग में पुरानी बेसिक सैलरी या पेंशन को संशोधित करने के लिए किया जाता है. इसे एक आसान उदाहरण से समझें. अगर किसी कर्मचारी की बेसिक रकम 20 हजार रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2 है, तो गणना के स्तर पर यह रकम 40 हजार रुपये हो सकती है. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इसी वजह से 8वें वेतन आयोग में भी यह फैक्टर कितना होगा, इस पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर है.
2.15 फिटमेंट फैक्टर हुआ तो कितनी पेंशन?
अगर 8वें वेतन आयोग में 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो दिए गए अनुमान के अनुसार लेवल 4 की पेंशन करीब 27,413 रुपये हो सकती है. इसी तरह लेवल 5 की पेंशन करीब 31,390 रुपये, लेवल 6 की करीब 38,055 रुपये और लेवल 7 की करीब 48,268 रुपये हो सकती है. हालांकि ये केवल संभावित आंकड़े हैं. वास्तविक पेंशन नए वेतन आयोग के अंतिम नियमों के आधार पर तय होगी.
2.28 फिटमेंट फैक्टर पर कितना फायदा?
अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 तय किया जाता है तो अनुमान के मुताबिक लेवल 4 की पेंशन करीब 29,070 रुपये हो सकती है. लेवल 5 में यह रकम करीब 33,288 रुपये, लेवल 6 में 40,356 रुपये और लेवल 7 में करीब 51,186 रुपये तक पहुंच सकती है. इससे साफ है कि फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सीधा असर संशोधित पेंशन की गणना पर पड़ सकता है.
2.57 फिटमेंट फैक्टर मिला तो क्या होगा?
अब आते हैं सबसे ज्यादा चर्चा वाले 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर. 7वें वेतन आयोग में यही फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया गया था. दिए गए अनुमान के अनुसार अगर 8वें वेतन आयोग में भी 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो लेवल 4 की पेंशन करीब 32,768 रुपये हो सकती है. लेवल 5 की पेंशन करीब 37,522 रुपये, लेवल 6 की करीब 45,489 रुपये और लेवल 7 की पेंशन करीब 57,697 रुपये हो सकती है. यानी लेवल 7 के मामले में पेंशन लगभग 58 हजार रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है.
क्या सच में 58 हजार रुपये मिलेगी पेंशन?
यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है. 58 हजार रुपये की पेंशन अभी तय नहीं हुई है. यह आंकड़ा केवल संभावित गणना पर आधारित है. अगर सरकार 8वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर अपनाती है और इसी आधार पर पेंशन की गणना होती है, तभी दिए गए अनुमान के मुताबिक लेवल 7 की पेंशन करीब 57,697 रुपये हो सकती है.
अगर सरकार कोई दूसरा फिटमेंट फैक्टर तय करती है या पेंशन की गणना का अलग फॉर्मूला लागू करती है तो अंतिम रकम अलग हो सकती है. इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि हर लेवल 7 कर्मचारी या पेंशनर को निश्चित रूप से 58 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी.
8वें वेतन आयोग से क्या उम्मीदें हैं?
8वां वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन के ढांचे में बदलाव का एक बड़ा मौका हो सकता है. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि महंगाई और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सैलरी और पेंशन में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए. पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन, फैमिली पेंशन, OROP और ग्रेच्युटी जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं. वहीं कुछ कर्मचारी संगठन OPS की बहाली की मांग भी कर रहे हैं. सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों की उम्मीदों और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ के बीच संतुलन बनाने की होगी.
अब कर्मचारियों को किस बात का इंतजार?
फिलहाल, कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा. फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आ सकते हैं, लेकिन जब तक सरकार आधिकारिक तौर पर कोई आंकड़ा तय नहीं करती, तब तक किसी संभावित पेंशन को निश्चित रकम नहीं माना जा सकता.
अगर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो दिए गए गणित के आधार पर लेवल 7 की पेंशन करीब 58 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. लेकिन अंतिम पेंशन कर्मचारी के पे लेवल, मौजूदा पेंशन और 8वें वेतन आयोग के अंतिम नियमों पर निर्भर करेगी. यानी फिलहाल 67% पेंशन, OPS, OROP और 58 हजार रुपये तक पेंशन जैसी बातें कर्मचारी संगठनों की मांग और संभावित गणना हैं, न कि सरकार की ओर से घोषित अंतिम व्यवस्था.
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