Kal Ka Mausam: यूपी समेत 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का बड़ा खतरा
कल का मौसम, 7 सितंबर: देशभर में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने सोमवार के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के लगभग 22 राज्यों में भयंकर बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी की तरफ से उठ रही नमी वाली तेज हवाएं मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाली हैं. कई मैदानी और तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जबकि पूर्वी और मध्य भारत के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से भारी नुकसान की आशंका जताई गई है.
उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में कल बादलों का जोरदार पहरा रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, पीलीभीत, बहराइच, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, सहारनपुर, सोनभद्र और बदायूं में भयंकर बारिश और आंधी की पूरी संभावना है. इसके साथ ही ललितपुर, गोरखपुर, इटावा, आजमगढ़ और प्रयागराज के इलाकों में भी रुक-रुक कर तेज पानी बरसने की बात कही गई है. लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भरने की दिक्कत सामने आ सकती है, जिससे लोगों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा.
दिल्ली-एनसीआर में हवाओं के साथ राहत और आफत
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कल का दिन बादलों की गड़गड़ाहट के बीच बीतेगा. दिल्ली में मध्यम स्तर की बारिश के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ठंडी और तेज हवाएं चल सकती हैं. इस मौसमी बदलाव के चलते राजधानी का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन व्यस्त सड़कों पर जलभराव और भारी जाम से लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं.
बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली की चेतावनी
बिहार में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय दिख रहा है. राज्य के गया, बक्सर, भोजपुर, पटना, सिवान, सारण, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय और कटिहार में जोरदार बारिश का अलर्ट दिया गया है. इधर झारखंड के रांची, जमशेदपुर, दुमका, पलामू, गुमला, चतरा, देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम और बोकारो में 7 और 8 सितंबर को भारी वर्षा के साथ आंधी चलने के आसार हैं. मौसम विभाग ने खुले मैदानों में काम करने वाले किसानों को बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए पक्के मकानों में शरण लेने को कहा है.
राजस्थान और पंजाब में बदलेगा मौसम का मिजाज
पश्चिमी भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल तेज होने वाली है. राजस्थान के भरतपुर, करौली, झालावाड़, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, बारां, बूंदी, दौसा, भीलवाड़ा, अलवर, जैसलमेर, उदयपुर और श्रीगंगानगर में बादलों की आवाजाही के साथ अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है. वहीं पंजाब के कपूरथला, चंडीगढ़, फरीदकोट, फिरोजपुर, संगरूर, लुधियाना, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, बरनाला और बठिंडा में तेज हवाओं के थपेड़ों के साथ जोरदार बारिश की संभावना है. इन इलाकों में हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे खड़े पेड़ों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है.
मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश
मध्य प्रदेश में भी मानसून का तगड़ा दबाव बना हुआ है. राज्य के कटनी, विदिशा, सिवनी, दमोह, होशंगाबाद, खरगोन, मंडला, खंडवा, बैतूल, नरसिंहपुर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा और सीधी में बादलों के जमकर बरसने की संभावना जताई गई है. उधर पश्चिम बंगाल के हावड़ा, कालिम्पोंग, कोलकाता, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, बांकुड़ा, कूचबिहार और दुर्गापुर में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा. कई जगहों पर अचानक जलभराव होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और रास्तों के टूटने का डर
पहाड़ों पर बारिश का रुख सबसे ज्यादा डराने वाला साबित हो रहा है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और हरिद्वार में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है. हिमाचल प्रदेश के मंडी, चंबा, ऊना, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर में अगले दो दिनों तक आंधी और भारी वर्षा की चेतावनी है. उधर जम्मू-कश्मीर के पुंछ, अनंतनाग, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी, मीरपुर, बारामूला और किश्तवाड़ में 45 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश का अनुमान है. पहाड़ों पर मिट्टी खिसकने और सड़कें बंद होने के खतरे को देखते हुए पर्यटकों को संवेदनशील रास्तों पर सफर न करने की कड़ी सलाह दी गई है.
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सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की नई रणनीति, 'मेक इन इंडिया' से आगे बढ़कर 'इंजीनियर इन इंडिया' की ओर कदम
नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने और वैश्विक चिप विनिर्माण एवं डिजाइन केंद्र बनने की दिशा में अपने प्रयासों को तेज कर रहा है। इसी उद्देश्य से सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण (सेमीकॉन 2.0) की शुरुआत की है, जिसके लिए लगभग 13 अरब डॉलर (करीब 1.27 लाख करोड़ रुपए) का प्रावधान किया गया है। नई रणनीति का लक्ष्य केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला को विकसित करना और कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी है।
दिस वीक इन एशिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब बुनियादी विनिर्माण अवसंरचना से आगे बढ़कर डिजाइन, इंजीनियरिंग, परीक्षण, पैकेजिंग और आपूर्ति शृंखला विकास जैसे क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। सरकार का मानना है कि देश की बड़ी इंजीनियरिंग प्रतिभा और तकनीकी कौशल भारत को केवल मेक इन इंडिया नहीं बल्कि इंजीनियर इन इंडिया के रूप में स्थापित कर सकते हैं।
सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित प्रणालियां, डेटा सेंटर, चिकित्सा उपकरण और उन्नत कंप्यूटिंग तकनीकों से लेकर लगभग हर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद में चिप्स की अहम भूमिका होती है। कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आए व्यवधानों ने यह भी दिखाया कि कुछ सीमित पूर्वी एशियाई देशों पर अत्यधिक निर्भरता कितनी जोखिमपूर्ण हो सकती है। इसी अनुभव के बाद भारत ने घरेलू सेमीकंडक्टर क्षमताओं के निर्माण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कार्यबल है। यही कारण है कि उद्योग जगत का एक वर्ग मानता है कि भारत केवल चिप निर्माण तक सीमित न रहकर सेमीकंडक्टर डिजाइन और इंजीनियरिंग में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है। यह क्षेत्र अपेक्षाकृत अधिक मूल्यवर्धन वाला है और भारत की मौजूदा प्रतिभा क्षमता के अनुरूप भी है।
अब तक भारत ने छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें से माइक्रोन, केनेस सेमीकॉन और सीजी सेमी ने इस वर्ष वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। हालांकि इनकी प्रमुख गतिविधियां फिलहाल असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग तक केंद्रित हैं, लेकिन इन्हें देश में व्यापक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र की शुरुआत माना जा रहा है।
इस बीच गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन की संयुक्त परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इस परियोजना से दिसंबर में चिप्स का पहला बैच निकलने की उम्मीद है। यह संयंत्र भारत की चिप निर्माण क्षमता को मजबूत करने और घरेलू आपूर्ति शृंखला विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल ही में नीदरलैंड की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनी एएसएमएल के साथ 11 अरब डॉलर के समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों के विकास में सहयोग करना है, जिससे ऑटोमोबाइल, एआई, औद्योगिक स्वचालन और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों की चिप आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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