टीम इंडिया किसके साथ खेलेगी महिला एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल मैच, जानिए क्या पाकिस्तान से फिर होगी फाइनल में टक्कर?
Womens Asia Cup 2026 : महिला एशिया कप 2026 का खेल काफी रोमांचक हो गया है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम पहले ही टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में जगह बना चुकी है. भारत के अलावा अन्य किसी भी टीम ने सेमीफाइनल के लिए अभी तक प्रवेश नहीं किया है. इस बार एशिया कप 2026 में 8 टीमों को 4-4 के 2 ग्रुप में बांटा गया है. इस बार ग्रुप ए में भारत, पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग चाइना हैं. वहीं ग्रुप बी में श्रीलंका, बांग्लादेश, यूएई और इंडोनेशिया हैं.
ग्रुप ए से भारत ने बनाई सेमीफाइनल में जगह
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ग्रुप ए से सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है. भारत ने 3 मैचों में से 3 मैचों जीत दर्ज कर 6 अंकों के साथ सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है. अब इस ग्रुप से दूसरी टीम सेमीफाइनल में प्रवेश करने वाली पाकिस्तान हो सकती हैं. पाकिस्तान के 2 मैचों में 2 अंक है, उसे एक मैच में जीत और एक में हार मिली है. अभी टीम का एक मैच बाकी है, जो हांगकांग चाइना है, जिसे पाकिस्तान आसानी से जीत लेगा और 4 अंकों के साथ ग्रुप ए सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन जाएगी.
Innings Break!
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 5, 2026
An outstanding bowling performance from #TeamIndia! ???? ????
3️⃣ wickets each for Sree Charani & Prema Rawat
2️⃣ wickets for Deepti Sharma
1️⃣ wicket for Shafali Verma
Stay tuned for India's chase! ⌛️
Scorecard ▶️ https://t.co/1WHHWPMe2o#WomensAsiaCup pic.twitter.com/e27WuNsSL0
ग्रुप बी से कौन सी टीम मारेगी सेमीफाइनल में एंट्री
ग्रुप बी की बात करें तो, श्रीलंका क्रिकेट टीम ने 2 मैचों में 2 जीत के साथ 4 अंक हासिल कर लिए हैं. वहीं बांग्लादेश 1 मैच में 2 अंक लेकर दूसरे स्थान पर हैं. इस ग्रुप में यूएई 2 मैच में 1 जीत और 1 हार के साथ 2 अंक लेकर तीसरे स्थान पर हैं. इस ग्रुप से श्रीलंका क्रिकेट टीम का सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय है. श्रीलंका ग्रुप में टॉप भी कर सकती है. वहीं दूसरी टीम के लिए बांग्लादेश और यूएई के बीच चक्कर होगी. यूएई का एक मैच बचा है, जिसे जीतकर वो ज्यादा से ज्यादा 4 अंक कर सकती है. वहीं बांग्लादेश के 2 मैच बाकी है, जो उसने जीते तो उसके बात 6 अंक करने का मौका होगा. ऐसे स्थिति में साफ है कि, ग्रुप बी से महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका और बांग्लादेश की टीम में जगह बना सकती हैं.
The focus now shifts to another massive rivalry! Sri Lanka and Bangladesh square off this evening with plenty on the line. Given the history between these two sides ~ another cracker could be on the cards ????????????????#DPWorldWomensAsiaCup2026 #SLWvBANW #ACC pic.twitter.com/X5z9NNGoJb
— AsianCricketCouncil (@ACCMedia1) September 6, 2026
टीम इंडिया की सेमीफाइनल में किससे होगी टक्कर?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ग्रुप ए से सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है. अब उसकी टक्कर सेमीफाइनल में किस टीम से होगी. आइए इस बारे में जानते हैं. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली इंडियन क्रिकेट टीम का सेमीफाइनल में श्रीलंका या बांग्लादेश में से किसी एक टीम से भिड़ सकती है.
आपको बता दें कि, पहला सेमीफाइनल मैच ग्रुप-A की नंबर-1 टीम और ग्रुब-B की दूसरे नंबर की टीम के बीच होगा. वहीं दूसरा सेमीफाइनल ग्रुप-A की दूसरे स्थान की टीम और ग्रुप-B की नंबर-1 टीम के बीच होगा. ऐसे में भारतीय महिला क्रिकेट टीम पहला सेमीफाइनल मैच खेलने वाली हैं, जिसमें वो ग्रुप-B की दूसरे नंबर की टीम से खेलने वाली है.
ग्रुप बी से श्रीलंका नंबर 1 रह सकती है, क्योंकि वो इस ग्रुप की सबसे मजबूत टीम है और इस समय टेबल में टॉप पर है. वहीं बांग्लादेश की टीम ग्रुप B में दूसरे नंबर पर रह सकती है. ऐसे में भारत का सेमीफाइनल मैच बांग्लादेश के साथ होने की संभावना ज्यादा है. ऐसे में भारत का सेमीफाइनल मुकाबला बांग्लादेश से हो सकता है.
The spinners brought their A-game tonight and have put India within touching distance of two more points. Pakistan will need something special early in the second half to turn this around. Stay tuned!????#DPWorldWomensAsiaCup2026 #INDWvPAKW #ACC pic.twitter.com/JIxwiPyeCb
— AsianCricketCouncil (@ACCMedia1) September 5, 2026
वहीं अगर पाकिस्तान ग्रुप A से दूसरे नंबर पर रहकर दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका से खेलती है और उसे जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लेती है और पहले सेमीफाइनल को जीतकर भारत फाइनल में जगह बना लेती है, तो इन दोनों टीमों के बीच एक बार फिर टक्कर होगी और दोनों टीमें एशिया कप 2026 में फाइनल में खेलती हुई नजर आ सकती हैं.
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2029 तक भारत को नशामुक्त बनाएंगे: गृह मंत्री अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान, तैयार होंगे 1 लाख 'नशामुक्ति मित्र'
India drug free 2029: केंद्र की मोदी सरकार ने देश को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के लिए वर्ष 2029 का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिस तरह सरकार ने देश से नक्सलवाद और आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए काम किया है, ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के वास्ते देश को नशामुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) और 'माई भारत' (My Bharat) प्लेटफार्मों के माध्यम से एक लाख 'नशामुक्ति मित्रों' (Drug-free India Ambassadors) को प्रशिक्षित करेगी। इसके अलावा, शिक्षा मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा शैक्षणिक संस्थानों ने मिलकर यह दृढ़ संकल्प लिया है कि सभी शैक्षणिक परिसरों को नशामुक्त बनाया जाएगा।
मार्च 2027 तक हर राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का होगा गठन
एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री ने कहा कि क्षमता निर्माण और समन्वय के लिए 100% केंद्रीय सहायता दी जाएगी। हम देश के हर राज्य में मार्च 27 तक पूरी तरह सुसज्जित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTFs) की स्थापना करेंगे।
We are resolved to build a drug-free India. Addressing a press conference in Goa, on control of narcotics. https://t.co/4NR4XwmhjS
— Amit Shah (@AmitShah) September 6, 2026
गृह मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था करेगा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर उपलब्ध हो जाएं। इसके अलावा, हमने समयबद्ध तरीके से लागू किए जाने वाले पच्चीस से अधिक घटकों और कार्रवाई बिंदुओं को भी तय किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस तीन वर्षीय 'नशामुक्त भारत' अभियान में हमें पूरे देश का भरपूर सहयोग मिलेगा।
इस मिशन को सफल बनाने के लिए गृह मंत्रालय और सभी राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। हमारे रोडमैप और विजन डॉक्यूमेंट के चार मुख्य स्तंभ हैं- पहला: खुफिया और ऑपरेशन आधारित प्रवर्तन; दूसरा: प्रीकर्सर रसायनों और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण; तीसरा: मांग और नुकसान को कम करना; तथा चौथा: क्षमता निर्माण और समन्वय।
100 अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट और 100 भगोड़ों को वापस लाने का लक्ष्य
सरकार ने 100 अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने तथा नशीली दवाओं के मामलों से जुड़े 100 भगोड़ों को देश वापस लाने का भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय नीति, खुफिया फ्यूजन, बड़े कार्टेल की जांच और राज्यों के साथ इनपुट साझा करने पर बनी मजबूत नींव का लाभ उठाकर गृह मंत्रालय और एनसीबी (NCB) प्रवर्तन प्रयासों को और तेज करेंगे।
राज्य पुलिस, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस मिलकर सरगनाओं के डोजियर तैयार करेंगे, फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज पर तालमेल बिठाएंगे और व्यावसायिक मात्रा में ड्रग्स से जुड़े हर मामले की वित्तीय जांच करेंगे। इस अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय ट्रेल की जांच और एयरपोर्ट्स पर सख्त निगरानी
नशामुक्ति के इस अभियान के तहत सरकार ने ड्रग माफियाओं को वापस लाने और उनके वित्तीय लेन-देन (फाइनेंशियल ट्रेल) का पता लगाने के लिए सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
गृह मंत्री ने कहा कि हम हवाई अड्डों और कार्गो टर्मिनलों पर जोखिम-आधारित प्रोफाइलिंग स्कैनर तैनात करके निगरानी अभियानों को और अधिक धार देंगे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रीकर्सर रसायनों और सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन में शामिल अवैध प्रयोगशालाओं को नष्ट करने में हमें अब तक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हमने अगले तीन वर्षों में ऐसी 100 प्रयोगशालाओं को ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में राजस्व विभाग, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, जीएसटीएन (GSTN) और आबकारी विभाग मिलकर सख्त कार्रवाई को अंजाम देंगे।
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