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ईरान ने US Navy पर दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने 3 तेल टैंकर उड़ा दिए! ट्रंप की धमकी के बाद बड़ा एक्शन

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्रीय जल क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरान के कई कथित हमलों से खुद को सफलतापूर्वक बचाया।

ईरान के 3 तेल टैंकरों को बनाया निशाना

अमेरिकी कमांड के अनुसार, ईरानी हमले की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने एमटी डौनी (M/T Downy) और एमटी स्टार्क 1 (M/T Stark 1) नाम के दो IRGC क्रूड ऑयल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इनमें से एक को खार्ग आइलैंड के पास और दूसरे को जास्क के नजदीक निशाना बनाया गया।

इसके अलावा एक खाली तेल टैंकर एमटी काइलो को ओमान की खाड़ी में निष्क्रिय कर दिया गया। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।

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IRGC की फंडिंग से जुड़े थे टैंकर?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये तीनों टैंकर अरबों डॉलर के एक कथित ‘शैडो नेटवर्क’ का हिस्सा थे। अमेरिका के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए IRGC और उससे जुड़े संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है।

सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के तेल बेड़े को भी निशाना बना सकता है। कूपर के मुताबिक, अगर IRGC अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो उसे इसकी और बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

ईरान ने भी अमेरिका पर लगाया टैंकर हमले का आरोप

इस बीच ईरान ने अमेरिका पर खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला करने का आरोप लगाया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है और टैंकर के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। यानी दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।

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ट्रंप पहले ही दे चुके थे खार्ग आइलैंड को लेकर चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक छोटा सा पोस्ट किया था। इसके साथ शेयर किए गए एआई से बनाए वीडियो में उन्होंने खार्ग आइलैंड को “उड़ा देने” की बात कही थी। खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश के कच्चे तेल के निर्यात का प्रमुख केंद्र है।

ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग आइलैंड?

ईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड पर काफी निर्भर है। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर काम करता था। ऐसे में इस इलाके पर किसी भी तरह का हमला ईरान के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।

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कर्ज के जाल में फंसने के 5 बड़े संकेत:इनकम की 50% से ज्यादा EMI और मिनिमम पेमेंट खतरनाक; ऐसे पहचानें वार्निंग सिग्नल

उधार लिया पैसा अगर सही तरीके से मैनेज हो, तो यह इमरजेंसी में काम आता है और एसेट बनाने में मदद करता है। लेकिन अनियंत्रित उधारी कर्ज के जाल में धकेल देती है। समय रहते इसके संकेतों को पहचानना जरूरी है। कर्ज दो तरीके के होते हैं… 5 मुख्य संकेत जो दिखाते हैं कि आपका कर्ज नियंत्रण से बाहर हो रहा है… 1. सिर्फ मिनिमम ड्यू का भुगतान करना यदि आप क्रेडिट कार्ड का सिर्फ मिनिमम ड्यू चुका रहे हैं, तो आपका मूलधन लगभग उतना ही रहता है और ब्याज लगातार बढ़ता जाता है। यह बढ़ते कर्ज का पहला और बड़ा संकेत है। 2. पिछला कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेना पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया लोन लेना इस बात का संकेत है कि रिपेमेंट साइकिल बिगड़ चुका है। ऐसा करने से व्यक्ति कर्ज के कभी न खत्म होने वाले चक्र में फंस सकता है। 3. कमाई का 40-50% से ज्यादा हिस्सा EMI में जाना अगर आपकी महीने की कमाई का 40% से 50% से ज्यादा हिस्सा EMI में चला जाता है, तो बचत लिए बहुत कम जगह बचती है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी सैलरी ₹1 लाख है और उसमें से ₹60 हजार EMI में जा रहे हैं, तो यह अत्यधिक कर्ज का संकेत है। 4. कुल बकाया कर्ज का हिसाब न होना आपको यह पता न होना कि अलग-अलग खातों में कुल कितना कर्ज है, वित्तीय अव्यवस्था को दिखाता है। ऐसी स्थिति में सभी कर्जों की लिस्ट बनाएं। 5. बिल भरने के लिए बचत या निवेश का इस्तेमाल अगर आपको रोजमर्रा के बिल और खर्चों के लिए इमरजेंसी फंड या म्यूचुअल फंड भुनाने पड़ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी कमाई अब आपकी जीवनशैली का खर्च नहीं उठा पा रही है। आगे का रास्ता: सही योजना और अनुशासन कर्ज अपने आप में बुरा नहीं है, यह तब समस्या बनता है जब इसका प्रबंधन सही से न हो। समय पर इन संकेतों को पहचानकर, अनुशासित बजट बनाकर और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की मदद लेकर वित्तीय स्थिति को सुधारा जा सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'डेट स्पाइरल'? जब कोई व्यक्ति अपने मौजूदा कर्जों की किस्तें (EMIs) या ब्याज चुकाने के लिए बार-बार नया कर्ज लेने लगता है, तो वह कर्ज के एक ऐसे चक्र में फंस जाता है जहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। इसे ही वित्तीय भाषा में 'डेट स्पाइरल' कहा जाता है। इससे बचने का सबसे पहला नियम है- पुराने लोन को चुकाने के लिए कभी नया अनसिक्योर्ड लोन न लें।

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  Sports

tilak varma sledge: दलीप ट्रॉफी फाइनल में तिलक वर्मा का पारा चढ़ा, वैभव सूर्यवंशी को बोले- 'क्या रे ये वाइस-कैप्टन'

स्पोर्ट्स डेस्क। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहले ही दिन मैदान पर रोमांच के साथ गर्मागर्मी भी देखने को मिली। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ईस्ट जोन के ओपनर्स वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की शानदार बल्लेबाजी से इस कदर परेशान हुए कि उन्होंने 10वें ओवर के आसपास वैभव को स्लेज करना शुरू कर दिया। हालांकि तिलक की यह कोशिश युवा बल्लेबाज पर ज्यादा असर नहीं डाल सकी।

ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत से ही वैभव और ईश्वरन ने साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया था। मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाज के खिलाफ भी दोनों बल्लेबाजों ने आसानी से रन बनाए। कुछ ओवर पहले ही वैभव ने सिराज की गेंदों पर जोरदार शॉट लगाए थे। इसके बाद तिलक ने खुद वैभव के पास जाकर उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की।

तिलक ने वैभव के सामने जाकर कहा- 'क्या रे ये वाइस-कैप्टन' इसके बाद वह वहां से चले गए। तिलक की इस छोटी सी स्लेजिंग का वैभव की बल्लेबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी लय बरकरार रखी और ईस्ट जोन को शानदार शुरुआत दिलाई।

ईश्वरन ने महज 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वह 14वें ओवर में इस मुकाम तक पहुंचे। दूसरी ओर वैभव भी तेजी से अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 16वें ओवर में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।

हालांकि, तब तक दोनों बल्लेबाज मैच का रुख तय कर चुके थे। वैभव और ईश्वरन ने शुरुआती 15 ओवर में ही 100 रन जोड़ दिए। खास बात यह थी कि जिस पिच पर पहले घंटे में बल्लेबाजों से संभलकर खेलने की उम्मीद थी, वहां दोनों ने आक्रामक अंदाज दिखाया।

इससे पहले ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। उन्हें उम्मीद थी कि शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को पिच से मदद मिलेगी। मोहम्मद सिराज के पहले ओवर में सीम और बाउंस के संकेत भी मिले, लेकिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने धीरे-धीरे साउथ के गेंदबाजी आक्रमण की धार कुंद कर दी।

वैभव ने ऑफ साइड पर जमकर रन बटोरे, जबकि ईश्वरन ने लेग साइड को निशाना बनाया। दोनों की बल्लेबाजी से परेशान तिलक को 8वें ओवर से ही पांच बाउंड्री राइडर्स लगाने पड़े। रेड-बॉल क्रिकेट में इस तरह का फील्ड सेटअप कम ही देखने को मिलता है।

हालांकि, साउथ जोन ने पहले सत्र में दोनों बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। वैभव शॉर्ट गेंद पर आउट हुए, जबकि ईश्वरन रन आउट हो गए। पिच पर बल्लेबाज एस मोहन के साथ हुई गलतफहमी के कारण ईश्वरन को विकेट गंवाना पड़ा। पहले सत्र के अंत तक ईस्ट जोन का स्कोर 133 रन पर दो विकेट था।

Sun, 06 Sep 2026 15:04:48 +0530

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