Responsive Scrollable Menu

कर्ज के जाल में फंसने के 5 बड़े संकेत:इनकम की 50% से ज्यादा EMI और मिनिमम पेमेंट खतरनाक; ऐसे पहचानें वार्निंग सिग्नल

उधार लिया पैसा अगर सही तरीके से मैनेज हो, तो यह इमरजेंसी में काम आता है और एसेट बनाने में मदद करता है। लेकिन अनियंत्रित उधारी कर्ज के जाल में धकेल देती है। समय रहते इसके संकेतों को पहचानना जरूरी है। कर्ज दो तरीके के होते हैं… 5 मुख्य संकेत जो दिखाते हैं कि आपका कर्ज नियंत्रण से बाहर हो रहा है… 1. सिर्फ मिनिमम ड्यू का भुगतान करना यदि आप क्रेडिट कार्ड का सिर्फ मिनिमम ड्यू चुका रहे हैं, तो आपका मूलधन लगभग उतना ही रहता है और ब्याज लगातार बढ़ता जाता है। यह बढ़ते कर्ज का पहला और बड़ा संकेत है। 2. पिछला कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेना पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया लोन लेना इस बात का संकेत है कि रिपेमेंट साइकिल बिगड़ चुका है। ऐसा करने से व्यक्ति कर्ज के कभी न खत्म होने वाले चक्र में फंस सकता है। 3. कमाई का 40-50% से ज्यादा हिस्सा EMI में जाना अगर आपकी महीने की कमाई का 40% से 50% से ज्यादा हिस्सा EMI में चला जाता है, तो बचत लिए बहुत कम जगह बचती है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी सैलरी ₹1 लाख है और उसमें से ₹60 हजार EMI में जा रहे हैं, तो यह अत्यधिक कर्ज का संकेत है। 4. कुल बकाया कर्ज का हिसाब न होना आपको यह पता न होना कि अलग-अलग खातों में कुल कितना कर्ज है, वित्तीय अव्यवस्था को दिखाता है। ऐसी स्थिति में सभी कर्जों की लिस्ट बनाएं। 5. बिल भरने के लिए बचत या निवेश का इस्तेमाल अगर आपको रोजमर्रा के बिल और खर्चों के लिए इमरजेंसी फंड या म्यूचुअल फंड भुनाने पड़ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी कमाई अब आपकी जीवनशैली का खर्च नहीं उठा पा रही है। आगे का रास्ता: सही योजना और अनुशासन कर्ज अपने आप में बुरा नहीं है, यह तब समस्या बनता है जब इसका प्रबंधन सही से न हो। समय पर इन संकेतों को पहचानकर, अनुशासित बजट बनाकर और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की मदद लेकर वित्तीय स्थिति को सुधारा जा सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'डेट स्पाइरल'? जब कोई व्यक्ति अपने मौजूदा कर्जों की किस्तें (EMIs) या ब्याज चुकाने के लिए बार-बार नया कर्ज लेने लगता है, तो वह कर्ज के एक ऐसे चक्र में फंस जाता है जहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। इसे ही वित्तीय भाषा में 'डेट स्पाइरल' कहा जाता है। इससे बचने का सबसे पहला नियम है- पुराने लोन को चुकाने के लिए कभी नया अनसिक्योर्ड लोन न लें।

Continue reading on the app

FPIs ने भारतीय बाजार से फिर पैसे निकाले:सितंबर के पहले हफ्ते में ₹7,443 करोड़ के शेयर बेचे, वजह- क्रूड की कीमतें बढ़ना

सितंबर के पहले हफ्ते में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का रुख अपनाया है। विदेशी निवेशकों ने इस दौरान भारतीय इक्विटी (शेयर) बाजार से ₹7,443 करोड़ निकाल लिए हैं। कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत होते डॉलर की वजह से विदेशी निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कम हुआ है। इससे पहले लगातार दो महीनों- जुलाई में ₹20,200 करोड़ और अगस्त में ₹29,600 करोड़ तक FPIs ने भारतीय बाजारों में भारी खरीदारी की थी। जुलाई और अगस्त की लिवाली से पहले, मार्च से जून तक लगातार चार महीनों तक विदेशी निवेशक नेट सेलर (बिकवाल) बने रहे थे। 2026 में अब तक ₹2.32 लाख करोड़ की निकासी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के डेटा के अनुसार, सितंबर में हुई इस ताजा बिकवाली के बाद साल 2026 में अब तक भारतीय शेयरों से FPIs की कुल निकासी बढ़कर ₹2.32 लाख करोड़ पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा साल 2025 में हुई कुल ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से भी काफी अधिक है। बिकवाली की मुख्य वजहें: कच्चा तेल, US बॉन्ड और महंगे वैल्युएशन NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने 4 सितंबर तक भारतीय शेयरों से ₹7,443 करोड़ निकाले हैं। इस बिकवाली के पीछे के मुख्य कारणों को एक्सपर्ट्स ने इस तरह समझाया है: प्राइमरी मार्केट (IPO) में विदेशी पूंजी का भरोसा बरकरार द्वितीयक (सेकंडरी) बाजार में बिकवाली के बावजूद प्राथमिक (प्राइमरी) बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों का रुझान मजबूत है। राजकुमार राठी ने कहा, "शुरुआती सितंबर में जैसा देखा गया, आगामी आईपीओ (IPO) की पाइपलाइन विदेशी पूंजी के लिए एक मजबूत साधन बनी रहेगी। यदि कंपनियां अपने प्राइमरी ऑफरिंग्स की कीमतें आकर्षक रखती हैं, तो सेकंडरी मार्केट में बिकवाली के बावजूद प्राइमरी मार्केट में FPI इनफ्लो बना रहेगा।" डेट मार्केट से भी निकाले पैसे समीक्षाधीन अवधि के दौरान विदेशी निवेशकों ने इक्विटी के साथ-साथ डेट (बॉन्ड) मार्केट में भी बिकवाली की। FPIs ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए ₹377 करोड़ और वॉ Voluntary रिटेंशन रूट (VRR) के जरिए ₹231 करोड़ निकाले। हालांकि, उन्होंने जनरल रूट के माध्यम से ₹217 करोड़ का निवेश किया है। आगे कैसा रहेगा रुख? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का मानना है कि आने वाले समय में ग्लोबल बॉन्ड यील्ड्स FPI फ्लो की मुख्य दिशा तय करेंगे। वहीं, बजाज ब्रोकिंग के रिसर्च डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतें, अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मध्य-सितंबर नीति बैठक से पहले आने वाले यूएस इन्फ्लेशन (महंगाई) के आंकड़े विदेशी फंड्स के रुख को प्रभावित करेंगे। क्या होते हैं FPI, FAR और VRR?

Continue reading on the app

  Sports

'इन तीन खिलाड़ियों को बख्श दो', पाकिस्तान क्रिकेट में मची उथल-पुथल पर बोले शोएब अख्तर

shoaib Akhtar statement on Pakistan cricket: पाकिस्तान क्रिकेट में मची खलबली पर पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि बोर्ड भविष्य के लिए टीम तैयार कर रहा है, मौजूदा खिलाड़ियों पर उन्हें यकीन नहीं है. इतना ही नहीं, अख्तर ने इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट में मिली हार पर टीम को आलोचना करते हुए कहा कि लड़ने का जज्बा ही नहीं दिखा. Sun, 6 Sep 2026 15:21:05 +0530

  Videos
See all

Delhi Building Collapse: बिल्डिंग गिरने के बाद चश्मदीदों ने क्या-क्या बताया? Latest News | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-06T10:41:14+00:00

Iran Nuclear Site Attack | ईरान के न्यूक्लियर बेस पर हमला? Trump | Iran War | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-06T10:45:35+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers