भारत ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने की निंदा की:100 साल पुराने मंदिर की जगह मदरसा बनाने का आरोप; इस्लामाबाद बोला- बारिश से गिरी इमारत
भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से ज्यादा पुराने एक हिंदू मंदिर को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में था। मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की खबर सामने आई थी। हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया, ताकि उसकी जमीन या आसपास की जमीन का इस्तेमाल मदरसा बनाने के लिए किया जा सके। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण मंदिर की इमारत अपने आप गिर गई। भारत बोला- मंदिर की सुरक्षा नहीं कर पाए अधिकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस घटना की खबरों को गंभीर चिंता के साथ देखा है। उन्होंने पाकिस्तान के सिराज गांव में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को नष्ट किए जाने की निंदा की। भारत के मुताबिक, ऐसी घटनाएं पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की कमजोर स्थिति और उनके धार्मिक अधिकारों व पूजा स्थलों के गंभीर उल्लंघन को दिखाती हैं। आरोप- कट्टरपंथियों ने जानबूझकर मंदिर गिराया पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (PMMP), हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने जानबूझकर मंदिर को गिराया। PTI के मुताबिक, उनका आरोप है कि इसके बाद मंदिर की जमीन को पास के एक मदरसे के इस्तेमाल के लिए लेने की कोशिश की गई। PMMP के अध्यक्ष असलम परवेज सहोत्रा ने सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को उन्होंने पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सहोत्रा ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित दक्षिणपंथी इस्लामिक राजनीतिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कुछ लोग मंदिर गिराने में शामिल थे। मंदिर गिराए जाने के बाद उसके शिखर में लगे धातु के सामान, ईंटें और दूसरी सामग्री वहां से हटा दी गई। सहोत्रा के मुताबिक, मंदिर से लगी जमीन को पहले इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने मदरसा बनाने के लिए लीज पर दिया था। हालांकि, बाद में किराया नहीं चुकाने और जमीन का तय मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं होने के आरोप में लीज रद्द कर दी गई थी। पाकिस्तानी अधिकारी बोले- मंदिर का कोई रिकॉर्ड नहीं पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों से अलग दावा किया है। ETPB के वरिष्ठ अधिकारी राणा इफ्तिखार ने कहा कि भारी बारिश के कारण मंदिर की इमारत गिर गई। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मंदिर 100 साल से ज्यादा पुराना था। इफ्तिखार ने कहा कि रिकॉर्ड में मंदिर का कोई नाम दर्ज नहीं है, लेकिन यह करीब 100 से 125 साल पुरानी इमारत थी। उन्होंने कहा कि मंदिर से लगी जमीन को भले ही एक धार्मिक शिक्षण संस्थान के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन मंदिर की अपनी जमीन किसी को लीज पर नहीं दी गई थी। इफ्तिखार ने कहा कि मंदिर को दोबारा बनाया या बहाल किया जाएगा या नहीं, इसका फैसला ETPB के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान:तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे सऊदी अरब और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ किया। पूरी खबर पढ़ें…
आपका पैसा- टाइम पर EMI नहीं चुकाया तो क्या होगा:RBI ने रिकवरी रूल्स में किया बदलाव, जानिए अब बैंक आपके साथ क्या नहीं कर सकता
आजकल कोई भी लोन लेना पहले के मुकाबले आसान हो गया है। लेकिन किसी वजह से EMI मिस हो जाए या लोन डिफॉल्ट हो जाए, तो बैंक ग्राहक के खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकता है। इसे लेकर लोगों के मन में अक्सर कई सवाल रहते हैं। एक जरूरी सवाल यह है कि क्या बैंक या रिकवरी एजेंट लोन की रकम वसूलने के लिए ग्राहक के मोबाइल, लैपटॉप या दूसरे डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं? इन्हीं सवालों के बीच हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लोन रिकवरी से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों का मकसद ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा करना और लेंडर्स की जिम्मेदारियां स्पष्ट करना है। इसलिए आज 'आपका पैसा' में RBI के नए रिकवरी रूल्स पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- हाल ही में RBI ने लोन डिफॉल्ट को लेकर एक नया फैसला लिया है। इसकी पूरी डिटेल बताएं? जवाब- RBI ने लोन डिफाॅल्ट और रिकवरी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पहले बैंक लोन वसूली के लिए ग्राहकों को किन तरीकों से परेशान करते थे? जवाब- बैंक और लोन लेंडिंग कंपनियां लोन रिकवरी के लिए ये तरीके आजमाती थीं- 1. फोन को दूर से लॉक कर देना। ग्राहक फोन हाथ में होने पर भी उसे यूज नहीं कर पाते थे। अब क्या होगा: अब फोन लॉक नहीं किया जा सकेगा। 2. डिवाइस की कुछ सुविधाएं बंद कर देना। यह तरीका लोन पर डिवाइस लेने पर इस्तेमाल किया जाता था। अब क्या होगा: RBI ने अब इस तरह के तकनीकी प्रतिबंधों के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया तय की है। 3. बार-बार रिकवरी कॉल करना रिकवरी के लिए ग्राहकों को बार-बार फोन किया जाता था। अब क्या होगा: RBI के नए नियमों में अब रिकवरी कॉल का रिकॉर्ड रखने और कॉल रिकॉर्ड करने का प्रावधान है। 4. लगातार दबाव बनाना और धमकाना रिकवरी एजेंट ग्राहकों को डराते-धमकाते और आक्रामक व्यवहार करते थे। अब क्या होगा: RBI ने साफ किया है कि रिकवरी का तरीका ग्राहक के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। 5. परिवार या दूसरे लोगों से संपर्क करना रिकवरी एजेंट परिवार, दोस्तों को फोन कर ग्राहक पर दबाव बनाते थे। अब क्या होगा: नए नियमों में ऐसे उत्पीड़न पर ज्यादा स्पष्ट सीमाएं लगाई गई हैं। 6. फोन के पर्सनल डेटा का इस्तेमाल अब तक डिवाइस में मौजूद कॉन्टैक्ट, एसएमएस, कॉल लॉग, फोटो और लोकेशन हिस्ट्री जैसे डेटा को रिकवरी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। अब क्या होगा: बैंक ने साफ किया है कि ये पर्सनल डेटा लोन रिकवरी के लिए यूज नहीं किया जा सकता। सवाल- यह नियम किस तरह के लोन पर लागू होगा? जवाब- यह नियम उन सभी लोन पर लागू होगा, जिनकी रिकवरी RBI के रेगुलेटेड बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और अन्य वित्तीय संस्थान करते हैं। सवाल- RBI को ये फैसला लेने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- लोन रिकवरी को लेकर पहले क्या स्थिति थी? जवाब- पहले इसके लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियों के पास सामान्य अधिकार थे। लेकिन डिजिटल डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट और एकसमान नियम नहीं थे। खासकर EMI पर खरीदे गए मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप के मामलों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाते थे। इसी वजह से RBI ने अब इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सवाल- क्या अब किसी भी स्थिति में मोबाइल या लैपटॉप लॉक नहीं किया जा सकेगा? जवाब- नहीं, RBI के नए नियमों में कुछ अपवाद भी हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की कुछ सर्विसेस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके लिए RBI ने स्पष्ट शर्तें तय की हैं। सवाल- अगर फोन या लैपटॉप EMI पर खरीदा गया हो तो क्या होगा? जवाब- डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक या फाइनेंस कंपनी उसकी कुछ सुविधाओं पर प्रतिबंध लगा सकती है। हालांकि ऐसा तभी किया जा सकेगा, जब इसकी शर्त लोन एग्रीमेंट में पहले से स्पष्ट रूप से शामिल हो और RBI के तय नियमों का पालन किया जाए। इसके अलावा डिवाइस पर प्रतिबंध लगाने से पहले ग्राहक को नोटिस देना भी जरूरी होगा। सवाल- डिवाइस लॉक होने पर कौन-सी सुविधाएं चालू रहनी चाहिए? जवाब- RBI के मुताबिक, अगर किसी डिवाइस पर प्रतिबंध लगाया भी जाता है, तब भी कुछ जरूरी सुविधाएं बंद नहीं की जा सकतीं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- लोन डिफॉल्ट से रिकवरी के लिए अब बैंकों के पास क्या अधिकार होंगे? जवाब- RBI के नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि बैंक या फाइनेंस कंपनियां लोन की वसूली नहीं कर सकेंगी। उन्हें अब भी बकाया राशि वसूलने के लिए कई अधिकार प्राप्त रहेंगे। लेकिन यह प्रक्रिया तय नियमों और ग्राहक के अधिकारों को ध्यान में रखकर पूरी करनी होगी। लोन रिकवरी के लिए बैंक के पास कौन-से अधिकार हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या इस फैसले का मतलब ये है कि EMI न भरने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी? जवाब- नहीं, RBI के नए नियम सिर्फ लोन रिकवरी के तरीके तय करते हैं, लोन चुकाने की जिम्मेदारी खत्म नहीं करते। अगर कोई व्यक्ति EMI नहीं भरता है, तो उसे डिफॉल्टर माना जा सकता है और उसके खिलाफ नियमानुसार रिकवरी प्रक्रिया जारी रह सकती है। सवाल- EMI न भरने पर ग्राहक को क्या नुकसान हो सकता है? जवाब- इससे सिर्फ पेनल्टी ही नहीं लगती, बल्कि क्रेडिट हिस्ट्री पर भी इसका असर पड़ता है। लगातार डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक या फाइनेंस कंपनी रिकवरी और कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। ग्राफिक में देखिए EMI न भरने पर ग्राहक को क्या नुकसान हो सकते हैं- सवाल- लोन की EMI नहीं चुकाने पर क्या बैंक घर, कार या दूसरी संपत्ति जब्त कर सकता है? जवाब- हां, लेकिन यह लोन के प्रकार पर निर्भर करता है। अगर आपने होम लोन, कार लोन या किसी अन्य सिक्योर्ड लोन के बदले कोई संपत्ति गिरवी रखी है, तो लगातार डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक तय कानूनी प्रक्रिया के तहत उस संपत्ति पर कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, बैंक तुरंत घर या कार जब्त नहीं कर सकते। इसके लिए नोटिस देने जैसी अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। वहीं पर्सनल लोन जैसे इनसिक्योर्ड लोन में बैंक के पास कोई गिरवी संपत्ति नहीं होती। ऐसे मामलों में बैंक रिकवरी और कानूनी प्रक्रिया अपना सकते हैं, लेकिन सीधे किसी संपत्ति पर दावा नहीं कर सकते। सवाल- लोन लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- लोन लेते समय सिर्फ EMI की रकम नहीं, बल्कि उसकी पूरी जिम्मेदारी को समझना भी जरूरी है। समय पर भुगतान और सही वित्तीय योजना से डिफॉल्ट की स्थिति से बचा जा सकता है। ग्राफिक में देखिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए- RBI का यह फैसला याद दिलाता है कि लोन लेते समय सिर्फ रकम और EMI नहीं, बल्कि उससे जुड़ी शर्तों को समझना भी जरूरी है। जागरूक उधारकर्ता अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और अनावश्यक विवादों से बच सकता है। ***** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………… ये खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- इंवेस्टमेंट के 7 आसान नियम:एक्सपर्ट से समझें पैसा कब होगा डबल, कितना करें निवेश और कितना रिस्क लेना सही हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ दोगुना, तीन गुना या चार गुना हो जाए। इसके लिए कुछ लोग जल्दबाजी में बिना प्लानिंग के निवेश शुरू कर देते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि उन्हें अलग-अलग जगहों से अलग-अलग सलाह मिलती है। पूरी खबर पढ़ें…
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