UN experts ने Pakistan से Ahmadiyya समुदाय पर हिंसा और उत्पीड़न रोकने की मांग की
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, आठ सितंबर पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ भेदभाव और हिंसा की लगातार सामने आ रही खबरों पर गंभीर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इस्लामाबाद से ऐसे मामलों में ‘‘दंडमुक्ति के चलन’’ को खत्म करने का आग्रह किया, जिससे हमलावरों को बिना रोक-टोक कार्रवाई करने का अवसर मिलता है। जिनेवा से सोमवार को जारी एक बयान में विशेषज्ञों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देश के अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों को पूरा करने का भी आह्वान किया। विशेषज्ञों ने कहा, ‘‘हम लगातार सामने आ रही उन खबरों से बेहद चिंतित हैं कि अहमदिया समुदाय के सदस्यों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण उत्पीड़न, आपराधिक मुकदमों, हिंसा और बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान को दंडमुक्ति के उस चलन को खत्म करना चाहिए, जिसने हमलों और नफरत तथा हिंसा के लिए उकसाने वालों को बिना किसी रोक-टोक के काम करने दिया है।’’ विशेषज्ञों ने कहा कि ये हमले ‘‘अप्रत्यक्ष आधिकारिक मिलीभगत’’ के बीच हो रहे हैं, जबकि भय के माहौल में लोग और संस्थाएं इन अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा नहीं कर पाते।
पाकिस्तान की संसद ने 1974 में अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित किया था। इसके एक दशक बाद उन्हें खुद को मुस्लिम कहने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्हें धार्मिक प्रचार करने और हज के लिए सऊदी अरब जाने पर भी रोक है।
विशेषज्ञों ने अहमदिया समुदाय के पूजा स्थलों पर जारी हमलों, कब्रों को क्षतिग्रस्त किए जाने, ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा समेत शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप, धार्मिक आस्था या पहचान से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियों एवं मुकदमों और उनके खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषणों की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट हिंसा रोकने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और कमजोर समुदायों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत को रेखांकित करती हैं।
China के Export में अगस्त में 25 प्रतिशत उछाल, Trade Surplus 119 अरब डॉलर पार
बैंकॉक, आठ सितंबर (एपी) चीन का निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़ा। सीमा शुल्क एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि मोटर वाहन और उच्च प्रौद्योगिकी वाले सामान की मजबूत मांग से निर्यात को बढ़ावा मिला। जुलाई में निर्यात सालाना आधार पर 23.9 प्रतिशत बढ़ा था।
अगस्त में आयात भी सालाना आधार पर 28.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि जुलाई में इसमें 27.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इससे चीन का व्यापार अधिशेष 119.1 अरब डॉलर हो गया जो जुलाई के 112.5 अरब डॉलर के मुकाबले अधिक है। नीति-निर्माताओं ने अमेरिका और अन्य देशों में चीन के लगातार बढ़ते व्यापार अधिशेष को लेकर चिंता जताई है।
चीन का व्यापार अधिशेष पिछले साल रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। हालांकि, चीन का कहना है कि उसका व्यापार अधिशेष को अधिकतम करने का कोई लक्ष्य नहीं है। अमेरिका को चीन का निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 34.4 प्रतिशत बढ़कर 42.5 अरब डॉलर हो गया।
इसकी मुख्य वजह यह है कि अमेरिका द्वारा ऊंचे शुल्क लगाए जाने से पिछले साल चीन का निर्यात घट गया था। आंकड़ों के अनुसार, चीन को अमेरिका का निर्यात पिछले महीने 13.3 अरब डॉलर रहा। इस तरह चीन के पक्ष में करीब 29.2 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष रहा।
यूरोपीय संघ (ईयू) को चीन का निर्यात 6.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया और लातिन अमेरिका को निर्यात में क्रमशः 30.2 प्रतिशत और 17.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। नीदरलैंड के बैंक आईएनजी में ग्रेटर चीन के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा कि चीन का निर्यात लगातार आयात से अधिक रहा है और ‘‘इस साल व्यापार अधिशेष के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के आसार हैं।’’ सीमा शुल्क के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में वाहनों का निर्यात सालाना आधार पर 43 प्रतिशत जबकि सेमीकंडक्टर का 129.8 प्रतिशत बढ़ गया। घरेलू स्तर पर चीन अब भी अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संघर्ष कर रहा है, क्योंकि कई वर्षों से जारी रियल एस्टेट क्षेत्र के संकट के बाद खपत और निवेश कमजोर बने हुए हैं।
चीन की सरकार ने रविवार को कहा था कि वह अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद के लिए सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों में करीब 54 अरब डॉलर डालेगी।
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