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SRCC में नरेंद्र मोदी का वो ग्लास वाला भाषण, जिसने 13 साल पहले उन्हें पीएम कैंडिडेट का चेहरा बना दिया

PM Modi SRCC Speech: आज नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री पद पर हैं और SRCC कॉलेज में पहुंचे हैं. लेकिन 2013 में नरेंद्र मोदी बतौर गुजरात के सीएम दिल्ली के इसी एसआरसीसी कॉलेज में पहुंचे थे. कॉलेज के बाहर उन्हें इस कार्यक्रम में बुलाए जाने को लेकर जबर्दस्त हंगामा भी मचा था. यहां उस समय के गुजरात सीएम मोदी ने हाथों में ग्लास को थामे हुए एक घंटे से भी अधिक का एक भाषण दिया था, जो उनके प्रधानमंत्री पद की रेस के लिए लॉन्चपैड साबित हुआ.

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Teachers Day पर Delhi Government ने 118 शिक्षकों को दिया राजकीय पुरस्कार

नयी दिल्ली, पांच सितंबर दिल्ली सरकार ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर करीब 118 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार स्कूलों में बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम से जुड़ी कमियों को दूर कर शहर की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है। त्यागराज स्टेडियम में शिक्षक महाकुंभ अवॉर्ड कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद शिक्षा को नयी ऊंचाइयों तक ले जाना है, लेकिन इसकी शुरुआत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने से करनी होगी।

गुप्ता ने कहा, हम शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं और काफी प्रगति करना चाहते हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने 12 साल में कुछ नहीं किया। इसलिए सत्ता में आने के बाद हमें बहुत निचले स्तर से काम शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में शौचालयों की मरम्मत, पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराने, रखरखाव, सफेदी और अन्य जरूरी मरम्मत कार्यों पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, कई स्कूलों में शौचालयों की स्थिति बहुत खराब थी। एक बार मैं एक बहुत अच्छे और प्रतिष्ठित स्कूल के निरीक्षण के लिए गई थी, जिसका पिछली सरकारें काफी तारीफ करती थीं। वहां मैंने देखा कि शौचालय में दरवाजा तक नहीं था।

हमारी छात्राएं उसका इस्तेमाल कैसे करती होंगी? मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सरकार पाठ्यक्रम और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री आशीष सूद इन मुद्दों पर लगातार काम कर रहे हैं और सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज की मज़बूत नींव होते हैं और वे न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि छात्रों में संस्कार, कौशल, आत्मविश्वास, कर्तव्य-बोध और सही दिशा भी विकसित करते हैं। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के और संवाद कौशल को मजबूत करने के लिए स्कूलों में 170 आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।

इनमें से 70 मुख्यमंत्री श्री स्कूलों में और 100 अन्य सरकारी स्कूलों में बनाई जाएंगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि हजारों शिक्षकों के अथक प्रयास और समर्पण ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का उद्देश्य केवल बच्चों को स्कूल तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सीखने, समझ और क्षमताओं के लिए तैयार करना था।

दिल्ली सरकार इस नीति को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सूद ने कहा कि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 10,417 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। एक बयान के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में कुल 118 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

इनमें 20 स्कूल प्रमुख, शिक्षा निदेशालय और नगर निगम (एमसीडी) स्कूलों के 69 शिक्षक तथा तीन मुख्यमंत्री श्री स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा पुस्तकालयाध्यक्षों, विशेष शिक्षकों और खेल शिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

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  Sports

Duleep Trophy से बाहर होने पर Karun Nair का बल्ले से जवाब, Thimmappiah Trophy में जड़ा शानदार Century

दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल और चेन्नई में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले के लिए दक्षिण क्षेत्र की टीम में जगह नहीं मिलने के बाद कर्नाटक के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर वापस बेंगलुरु लौट आए हैं। इसके बजाय वह चिन्नास्वामी स्टेडियम में केएससीए सचिव एकादश की ओर से थिम्मापैया ट्रॉफी में खेल रहे हैं। यह लाल गेंद से खेली जाने वाली प्रतियोगिता आमतौर पर कर्नाटक की रणजी ट्रॉफी की तैयारियों की शुरुआत मानी जाती है।

करुण नायर शनिवार को चेपॉक में दलीप ट्रॉफी फाइनल से पहले दक्षिण क्षेत्र के अभ्यास सत्र का हिस्सा थे। हालांकि, लगातार दूसरे मुकाबले के लिए टीम में चयन नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने रविवार को टीम का साथ छोड़ दिया। इसके अगले ही दिन सोमवार को नायर ने केएससीए सचिव एकादश की ओर से छत्तीसगढ़ के खिलाफ शानदार शतक जड़ दिया।

दलीप ट्रॉफी के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद दक्षिण क्षेत्र के मुख्य कोच विक्रम वर्मा ने कहा कि नायर निजी कारणों से टीम से अलग हुए हैं। हालांकि, नायर की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट से अलग संकेत मिले। इसके बाद दक्षिण क्षेत्र की टीम में चयन को लेकर सवाल उठने लगे।

विक्रम वर्मा ने कहा कि नायर ने घर जाने के लिए अनुमति ली थी और उन्हें निजी कारणों के चलते वापस जाना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए नायर को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। उनके मुताबिक, दक्षिण क्षेत्र की टीम के सामने दोनों मुकाबलों में बाएं हाथ के स्पिनरों की चुनौती थी, इसलिए मध्यक्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज को उतारने की रणनीति बनाई गई।

वर्मा ने बताया कि उत्तर क्षेत्र के खिलाफ पहले मुकाबले में युवा कोडिमेला हिमतेजा को मौका दिया गया था। इसके बाद देवदत्त पडिक्कल की वापसी हुई और टीम संयोजन को देखते हुए उन्हें फिर से अंतिम एकादश में जगह दी गई। ऐसे में नायर को बाहर रखना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं था, लेकिन टीम के संतुलन को प्राथमिकता दी गई।

दक्षिण क्षेत्र की फाइनल टीम में विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज के तौर पर केवल एन जगदीशन हैं। मुकाबले से पहले कप्तान तिलक वर्मा ने चयन का बचाव करते हुए कहा था कि उपकप्तान रिकी भुई भी पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। भुई ने बेंगलुरु में खेले गए सेमीफाइनल में भी पारी की शुरुआत की थी, जहां उन्होंने 5 और 42 रन बनाए थे।

हालांकि, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 90 मुकाबले खेल चुके रिकी भुई ने अब तक केवल तीन मैचों में सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई है। तिलक वर्मा के अनुसार भुई पहले भी पारी की शुरुआत कर चुके हैं और वरिष्ठ खिलाड़ी होने के कारण जरूरत के मुताबिक अपनी भूमिका बदल सकते हैं। इसी वजह से टीम ने उन्हें जगदीशन के साथ पारी की शुरुआत कराने का फैसला किया।

गौरतलब है कि दलीप ट्रॉफी की टीमों का चयन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं द्वारा नहीं किया जाता। प्रत्येक क्षेत्र की टीम के लिए संबंधित राज्य क्रिकेट संघों के चयनकर्ता खिलाड़ियों का चयन करते हैं। ऐसे में करुण नायर के लगातार दो मुकाबलों से बाहर रहने और उनके तुरंत बाद दूसरी प्रतियोगिता में शतक लगाने के घटनाक्रम ने दक्षिण क्षेत्र के चयन और टीम संयोजन पर चर्चा तेज कर दी है। नायर फिलहाल मैदान पर अपने बल्ले से जवाब देते नजर आ रहे हैं और उनके प्रदर्शन पर कर्नाटक की आगामी रणजी तैयारियों के दौरान भी नजरें टिकी हैं।
Tue, 08 Sep 2026 22:12:00 +0530

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