Teachers Day पर Delhi Government ने 118 शिक्षकों को दिया राजकीय पुरस्कार
नयी दिल्ली, पांच सितंबर दिल्ली सरकार ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर करीब 118 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार स्कूलों में बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम से जुड़ी कमियों को दूर कर शहर की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है। त्यागराज स्टेडियम में शिक्षक महाकुंभ अवॉर्ड कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद शिक्षा को नयी ऊंचाइयों तक ले जाना है, लेकिन इसकी शुरुआत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने से करनी होगी।
गुप्ता ने कहा, हम शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं और काफी प्रगति करना चाहते हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने 12 साल में कुछ नहीं किया। इसलिए सत्ता में आने के बाद हमें बहुत निचले स्तर से काम शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में शौचालयों की मरम्मत, पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराने, रखरखाव, सफेदी और अन्य जरूरी मरम्मत कार्यों पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कई स्कूलों में शौचालयों की स्थिति बहुत खराब थी। एक बार मैं एक बहुत अच्छे और प्रतिष्ठित स्कूल के निरीक्षण के लिए गई थी, जिसका पिछली सरकारें काफी तारीफ करती थीं। वहां मैंने देखा कि शौचालय में दरवाजा तक नहीं था।
हमारी छात्राएं उसका इस्तेमाल कैसे करती होंगी? मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सरकार पाठ्यक्रम और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री आशीष सूद इन मुद्दों पर लगातार काम कर रहे हैं और सुधार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज की मज़बूत नींव होते हैं और वे न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि छात्रों में संस्कार, कौशल, आत्मविश्वास, कर्तव्य-बोध और सही दिशा भी विकसित करते हैं। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के और संवाद कौशल को मजबूत करने के लिए स्कूलों में 170 आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।
इनमें से 70 मुख्यमंत्री श्री स्कूलों में और 100 अन्य सरकारी स्कूलों में बनाई जाएंगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि हजारों शिक्षकों के अथक प्रयास और समर्पण ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का उद्देश्य केवल बच्चों को स्कूल तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सीखने, समझ और क्षमताओं के लिए तैयार करना था।
दिल्ली सरकार इस नीति को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सूद ने कहा कि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 10,417 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। एक बयान के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में कुल 118 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इनमें 20 स्कूल प्रमुख, शिक्षा निदेशालय और नगर निगम (एमसीडी) स्कूलों के 69 शिक्षक तथा तीन मुख्यमंत्री श्री स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा पुस्तकालयाध्यक्षों, विशेष शिक्षकों और खेल शिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
भारत दो साल में मेट्रो नेटवर्क की लंबाई में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा: मनोहर लाल
नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कहा कि भारत अगले दो वर्षों में मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है।
इंदौर में विस्तारित मेट्रो रेल सेवा का उद्घाटन करने के बाद मंत्री ने कहा कि भारत का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में 1,170 किलोमीटर तक पहुंच गया है, जबकि अमेरिका में यह 1,386 किलोमीटर है।
उन्होंने कहा कि इंदौर लाइन के विस्तार के साथ, भारत का मेट्रो रेल नेटवर्क 1,170 किलोमीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने आगे कहा कि अब देश अमेरिका के नेटवर्क से 216 किलोमीटर पीछे है।
उनके अनुसार, मुझे लगता है कि अगले दो वर्षों में हम अमेरिका को पीछे छोड़ देंगे और चीन के बाद मेट्रो रेल नेटवर्क के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन में वर्तमान में लगभग 8,000 किलोमीटर मेट्रो रेल लाइनें हैं।
मंत्री के अनुसार, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में पदभार संभाला था, तब पांच शहरों में 245 किलोमीटर के क्षेत्र में मेट्रो रेल सेवाएं चालू थीं।
उन्होंने आगे बताया कि नेटवर्क का विस्तार 26 शहरों में 1,170 किलोमीटर तक हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो रेल केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को सुगम बनाने का भी एक माध्यम है और इसका विस्तार 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य से जुड़ा हुआ है।
2,850 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विस्तारित इंदौर मेट्रो सेवा अब गांधी नगर और मालवीय नगर चौराहा के बीच 17 किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी।
यह सेवा पहले गांधी नगर और सुपर कॉरिडोर-3 स्टेशनों के बीच छह किलोमीटर के खंड पर व्यावसायिक रूप से संचालित हो रही थी।
इसके अतिरिक्त, विस्तारित मार्ग पर पहली ट्रेनें दोनों छोर से प्रतिदिन सुबह 9 बजे रवाना होंगी। वहीं, आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी।
हर 15 मिनट में ट्रेनें उपलब्ध होंगी, जिनमें प्रतिदिन 80 से अधिक ट्रिप निर्धारित हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation







