इन 5 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर गिरी गाज, नियम तोड़ने पर RBI ने लगाया लाखों का जुर्माना, देखें लिस्ट
सितंबर में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की बड़ी कारवाई सामने आई है। 5 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। मार्च 2025 में RBI द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। जिसके बाद सेंट्रल बैंक ने नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा था। इसपर मिली प्रतिक्रिया और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद जब आरोप सही साबित हो गए, तब पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
इस सूची में ट्रांसयूनियन सिविल लिमिटेड, हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड, इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, सम्मान फिनसर्व लिमिटेड और CRIF हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। आरबीआई ने कार्रवाई की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड
इस कंपनी पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी माइक्रोफाइनेंस लोन की कीमत तय करने के लिए बोर्ड से मंजूर पॉलिसी लागू नहीं कर पाई। न ही सिंटीकेट सिक्योरिटाइजेशन जैसी गतिविधियां नहीं की।
इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 11,94,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। “क्रेडिट जानकारी को अपडेट/सही करने में देरी के लिए ग्राहकों को मुआवजा देने के फ्रेमवर्क” पर जारी निर्देशों के अनुपालन में खामियों को देखते हुए उठाया गया है। कंपनी तय सीमा के भीतर कुछ पात्र शिकायतकर्ता के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा नहीं कर पाई।
सम्मान फिनसर्व लिमिटेड
इस कंपनी पर 4.20 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कंपनी ने “तनाव जल्द पहचान और बड़े क्रेडिट पर जानकारी के केंद्रीय भंडार रिपोर्टिंग (CRILC)” पर जारी निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं किया। अपने उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ क्रेडिट” को रिपोर्ट नहीं कर पाई।
CRIF हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
कंपनी पर 6 लाख 89 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई द्वारा जारी क्रेडिट जानकारी को देर से अपडेट या ठीक करने के लिए ग्राहकों को मुआवजा देने की फ्रेमवर्क” पर जारी निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं किया करता। पात्र ग्राहकों के बैंक खातों में मुआवजे की रकम जमा नहीं कर पाई।
ट्रांस यूनियन सिविल लिमिटेड
इस कंपनी पर पर 26 लाख 82 हजार 800 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी पात्र ग्राहकों के खाते में निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजे की राशि जमा नहीं कर पाई।
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनसे जुड़े ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी लेनदेन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे। अन्य सेवाओं का लाभ भी मिलता रहेगा।
कौन हैं निकिता पोरवाल? मिस वर्ल्ड 2026 के ग्रैंड फिनाले में कर रही भारत का प्रतिनिधित्व
वियतनाम में आज होने वाले मिस वर्ल्ड 2026 के ग्रैंड फिनाले में भारत की ओर से मध्य प्रदेश के उज्जैन की निकिता पोरवाल हिस्सा ले रही हैं। दरअसल फेमिना मिस इंडिया 2024 का खिताब जीतने के बाद निकिता अब विश्व मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। फिनाले के लिए उनके माता-पिता और भाई वियतनाम पहुंच चुके हैं जबकि उज्जैन में परिवार के अन्य सदस्य टीवी पर लाइव प्रसारण देखने की तैयारी कर रहे हैं।
निकिता के दादा धन्नालाल पोरवाल ने बताया कि वियतनाम पहुंचने के बाद से वह लगातार वीडियो कॉल के जरिए परिवार के संपर्क में हैं। वह प्रतियोगिता की तैयारियों और वहां की गतिविधियों की जानकारी परिवार के साथ साझा करती रही हैं। परिवार को उनकी सफलता की पूरी उम्मीद है।
उज्जैन से वियतनाम तक निकिता का सफर
दरअसल निकिता पोरवाल उज्जैन के अरविंद नगर की रहने वाली हैं। उनके पिता अशोक पोरवाल ऑयल कारोबार से जुड़े हैं और माता का नाम राजकुमारी पोरवाल है। उन्होंने पहले फेमिना मिस इंडिया मध्य प्रदेश 2024 का खिताब जीता था और उसके बाद मुंबई में आयोजित मिस इंडिया 2024 प्रतियोगिता में विजेता बनीं।
खास बात यह रही कि निकिता ने पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया था और पहली ही कोशिश में राष्ट्रीय स्तर का खिताब अपने नाम कर लिया। मॉडलिंग के अलावा उनकी रुचि अभिनय और लेखन में भी है। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए नाटकों की स्क्रिप्ट लिखी हैं जिनमें 250 पेज की कृष्ण लीला भी शामिल है। बता दें कि फिनाले से पहले निकिता उज्जैन आई थीं। इस दौरान उन्होंने बाबा महाकाल, काल भैरव और मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया था। परिवार के अनुसार उन्होंने उस समय कहा था कि वह मिस वर्ल्ड बनकर लौटना चाहती हैं।
उज्जैन में दादा-दादी कर रहे प्रार्थना
वहीं निकिता के इस खास पल का गवाह बनने के लिए उनके माता-पिता और भाई वियतनाम पहुंच चुके हैं। वे फिनाले के दौरान वहां मौजूद रहकर उनका उत्साह बढ़ाएंगे। दूसरी ओर उज्जैन में उनके दादा धन्नालाल पोरवाल और दादी सहित परिवार के अन्य सदस्य उनकी जीत के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। उनके दादा ने बताया कि शनिवार को वह अपने मित्रों के साथ टीवी पर फिनाले देखने की तैयारी कर चुके हैं। उनके मुताबिक, निकिता पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं और परिवार को भी भरोसा है कि वह विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करेंगी।
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