MP IAS Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले, 5 को मिला अतिरिक्त प्रभार
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सितंबर 2026 को आदेश जारी (MP IAS Transfer Order) कर 11 आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। इसके साथ ही 5 अन्य IAS अधिकारियों को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बदलाव में सागर संभाग के कमिश्नर से लेकर राजस्व, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य और आदिवासी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
सागर संभाग के आयुक्त अनिल सुचारी को मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इस पद पर उन्हें सचिव, मध्यप्रदेश शासन के समकक्ष दर्जा रहेगा। वहीं उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार को सागर संभाग का नया आयुक्त बनाया गया है। दिलीप कुमार अभी उद्योग आयुक्त के साथ मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
अनुभा श्रीवास्तव को राजस्व विभाग, सतेन्द्र सिंह को दो विभागों में सचिव की जिम्मेदारी
प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बनाया गया है। वे अभी प्रमुख राजस्व आयुक्त के साथ राजस्व विभाग की पदेन सचिव और आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।
सतेन्द्र सिंह को सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के साथ सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग बनाया गया है। इसके अलावा आयुक्त अनुसूचित जाति विकास, मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक और आयुक्त-सह-संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहेगा।
नेहा मारव्या सिंह को ST वित्त एवं विकास निगम की कमान
नेहा मारव्या सिंह को मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इस पद पर उन्हें अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन के समकक्ष दर्जा रहेगा। वे अभी संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं होने के साथ MAPCET, अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम और आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहीं निधि निवेदिता को अब वि.क.अ.-सह-प्रमुख राजस्व आयुक्त, मध्यप्रदेश, भोपाल बनाया गया है। इसके साथ उन्हें आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अनुराग वर्मा नागरिक आपूर्ति निगम के MD
अनुराग वर्मा को मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। वे अभी मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम के MD थे और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के MD की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में संभाल रहे थे।
मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के MD मयंक अग्रवाल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन (ग्रामीण)-VB-GRAMG बनाया गया है। इसके साथ उन्हें मिशन संचालक, समग्र नर्मदा मिशन भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
संदीप जी.आर. को महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी
इंदौर में श्रम आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे संदीप जी.आर. को वि.क.अ.-सह-आयुक्त, महिला एवं बाल विकास बनाया गया है। इसके साथ वे अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पदेन मिशन संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग के पदेन अपर सचिव और मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवि प्रसाद को मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इसके साथ उन्हें अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नेहा जैन को उज्जैन स्मार्ट सिटी की कमान
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर की अपर संचालक नेहा जैन को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्मार्ट सिटी उज्जैन बनाया गया है। इसके साथ उन्हें अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम उज्जैन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इन 5 IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
- श्रम विभाग के सचिव रघुराज एम.आर. को सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- आयुक्त आदिवासी विकास तरुण राठी को संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, MAPCET के प्रबंध संचालक और आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव और कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त मंडी की जिम्मेदारी संभाल रहे कुमार पुरुषोत्तम को आयुक्त उद्योग और मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
- मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर की सचिव शीतला पटले को श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर की कार्यकारी संचालक अनिशा श्रीवास्तव को ग्वालियर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बने सरकारी सिस्टम: जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील और उपयोगी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम की सीएसएस शील्ड पहल के शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास, मुश्किल समय में अपने सहकर्मियों के साथ खड़े रहने की नई संस्कृति विकसित कर सकते हैं।
यह पहल सीएसएस अधिकारियों के निधन पर उनके परिवारों को आपसी सहयोग प्रदान करने की एक व्यवस्था है। इस पहल के तहत मंत्री ने दिवंगत अधिकारियों मोहन चंद्र भट्ट और राजेंद्र चंद्र के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि जब सहकर्मी एक परिवार की तरह मिलकर किसी शोकाकुल परिवार की मदद करते हैं, तो यह केवल संगठन ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश होता है। उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति सरकारी व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि नियमों और प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा करने तथा जहां सुधार की आवश्यकता हो वहां आवश्यक बदलाव करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।
सरकार के अनुसार, सीएसएस फोरम के प्रतिनिधियों ने बताया कि सीएसएस शील्ड के औपचारिक शुभारंभ से पहले भी फोरम स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के परिवारों की सहायता करता रहा है।
सरकार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कई सीएसएस अधिकारियों की मृत्यु हुई थी। इस अनुभव ने आपसी सहयोग की एक व्यवस्थित और मजबूत व्यवस्था की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट किया।
फोरम ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक सीएसएस अधिकारियों ने मिलकर लगभग 1.30 करोड़ रुपए का योगदान दिया है, जिससे करीब 65 से 70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
सरकार के अनुसार, नई पहल के तहत फोरम का लक्ष्य प्रत्येक शोकाकुल परिवार को कम से कम 15 लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही, भागीदारी बढ़ने के साथ भविष्य में इस सहायता राशि को और बढ़ाने का भी उद्देश्य है।
--आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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