दिल्ली में भारी बारिश से विमान सेवाएं प्रभावित, इंडिगो और एयर इंडिया ने जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश से विमान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं और इंडिगो एवं एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण उड़ान संचालन में देरी हो सकती है। एयरलाइन ने यात्रियों से एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की अपील की। साथ ही यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी, क्योंकि जलभराव और सड़कों पर धीमी आवाजाही से एयरपोर्ट पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने भी यात्रियों को चेतावनी दी कि खराब मौसम के कारण दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, आईजीआई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार एयरपोर्ट के आसपास खराब मौसम की संभावना है, लेकिन फिलहाल एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रूप से जारी है।
एयरपोर्ट संचालक ने कहा कि यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए उसकी ग्राउंड टीमें सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रही हैं। यात्रियों को उड़ान की ताजा जानकारी के लिए अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों, जिनमें नोएडा और गाजियाबाद भी शामिल हैं, में सुबह मध्यम बारिश हुई। इससे हाल की गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई।
पालम एयरपोर्ट टनल, गीता कॉलोनी, मंडी हाउस और सुब्रतो पार्क समेत कई इलाकों में जलभराव की सूचना मिली, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सामान्य जनजीवन बाधित हुआ।
बारिश के कारण दिल्ली का न्यूनतम तापमान गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 3.4 डिग्री कम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात 11:30 बजे से शनिवार सुबह 5:30 बजे के बीच सफदरजंग में 0.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद सुबह 8:30 बजे तक अगले तीन घंटों में स्टेशन पर 1.3 मिलीमीटर और बारिश दर्ज हुई।
आईएमजी ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और दिन के दौरान पूरे क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
--आईएएनएस
एबीएस
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President Droupadi Murmu ने शिक्षकों से वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना जगाने का किया आह्वान
(फाइल फोटो के साथ जारी) नयी दिल्ली, पांच सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की ऐसी पीढ़ियां तैयार करने का शनिवार को आह्वान किया जिनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण हो और जो ‘‘राष्ट्र सर्वोपरि’’ की भावना से आगे बढ़ें। मुर्मू ने शिक्षक दिवस के अवसर पर लिखे एक लेख में कहा कि विद्यार्थियों को अच्छा व्यक्ति बनाना शिक्षक का पावन कर्तव्य है। राष्ट्रपति ने कहा कि नैतिकता के पथ पर चलते हुए समृद्धि और यश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही शिक्षक की सफलता के जीवंत प्रतिमान होते हैं।
उन्होंने कहा कि देश सामाजिक समावेश के साथ विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘मैं चाहूंगी कि विकास यात्रा के इस क्रम में हमारे शिक्षकगण ऐसी पीढ़ियों का निर्माण करें जो हमारी संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझें, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मानवता के हित में कार्य करें, अंत्योदय के आदर्शों को आत्मसात करें, पर्यावरण और सभी जीव-जंतुओं के संरक्षण में सक्रिय रहें, व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों में उत्कर्ष प्राप्त करें तथा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से आगे बढ़ें।’’ ‘शिक्षक गढ़ते कल का भारत’ शीर्षक वाले लेख में राष्ट्रपति ने कहा कि माता-पिता और अभिभावक बड़े विश्वास के साथ अपने बच्चों को शिक्षकों के पास भेजते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे यह मानकर चलते हैं कि शिक्षक अपनेपन की भावना से बच्चों की सुरक्षा और प्रगति पर ध्यान देंगे।
इस पवित्र आस्था की रक्षा करना प्रत्येक शिक्षक का धर्म है।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक की भावना, आचरण और व्यवहार ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चों में भय और आशंका पैदा न हो, उनका मनोबल न टूटे तथा उनमें हीन भावना विकसित न हो। उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्यार्थी अपने सर्वोत्तम स्वरूप को प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन को प्रोत्साहित करना, उनमें जिज्ञासा उत्पन्न करना, प्रश्न करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना, उनकी तर्क और निर्णय क्षमता को विकसित करना तथा उनके स्वतंत्र व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करना शिक्षण के सबसे उपयोगी और प्रेरक आयामों में शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ऐसी प्रेरक शिक्षा से ही सफल उद्यमियों, प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, सृजनशील कलाकारों और उभरती चुनौतियों के नवीन समाधान प्रस्तुत करने वाले नागरिकों की पीढ़ियां तैयार होंगी।’’ राष्ट्रपति मुर्मू अपने शिक्षकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए ने कहा कि स्नेही और समर्पित शिक्षक विद्यार्थियों में असीम क्षमता और प्रेरणा का संचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोत्साहन से विद्यार्थियों में जीवन की कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने का साहस और बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने का आत्मविश्वास पैदा होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम ही नहीं पढ़ाते, बल्कि अपने आचरण और उदाहरण से विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मेरा सभी देशवासियों से अनुरोध है कि वे निष्ठावान और समर्पित शिक्षकों के प्रति सदैव सम्मान की भावना रखें। मेरी कामना है कि हमारे समर्पित शिक्षकों के योगदान से भारत पढ़े और बहुत आगे बढ़े।
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