जंगल से घर तक पहुंचता ये देसी साग, पसिया के साथ बनती खास सब्जी, सरगुजा में आज भी कायम है परंपरा
सनी माझी ने लोकल 18 को बताया कि बरसात के मौसम में ग्रामीण जंगलों से कोचई पत्ते काटकर घर लाते हैं. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. सूखने के बाद इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत के अनुसार अलग-अलग मौसम में इसकी सब्जी बनाई जा सकती है.सनी राम माझी के अनुसार, धूप में सुखाए गए कोचई पत्ते को सब्जी के लिए तैयार किया जाता है. इसमें चावल का बचा हुआ माड़ यानी ‘पसिया’, नमक, मिर्च, तेल और टमाटर मिलाकर सब्जी बनाई जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि पसिया के साथ तैयार होने वाली इस सब्जी का स्वाद खास और लाजवाब होता है.
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