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नेपाल को डुबोने वाले चीन में भीषण तबाही, लगा लाशों का ढेर!

जो लोग दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं कुदरत उन्हें एक दिन उसी गड्ढे में धकेल देती है। वैसा ही कुछ इन दिनों चीन के साथ भी हो रहा है। क्योंकि जिस चीन पर नेपाल में आई तबाही को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। नेपाल में मौत के तांडव के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। तिब्बत में हुई मौतों के आंकड़ों को छिपाकर चीन इस शक को और ज्यादा पैदा कर रहा है। आरोप है कि अगर चीन पहले ही नेपाल को चेतावनी दे देता तो हजारों लोगों की जाने बच सकती थी। दावे किए जा रहे हैं कि चीन की किसी परियोजना या बांध के कारण पानी छोड़ा गया था। नेपाल चीन से ग्लेशियर और बाढ़ से जुड़े वास्तविक आंकड़े साझा करने की मांग कर रहा था। लेकिन चीन ने ना कोई अलर्ट जारी किया ना ही डाटा साझा किया। अब आप समझ सकते हैं कि चीन का मकसद क्या था। लेकिन कहते हैं कि जैसा बोओ वैसा ही एक दिन काटना भी पड़ेगा। क्योंकि जिस तरह चीन की वजह से नेपाल में बाढ़ ने तबाही मचाई है। कुछ वैसे ही चीन पर भी अब बहुत बड़ा संकट टूट पड़ा है। जिसने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है। 

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लाशों के ढेर लग गए हैं और कोरोना की तरह चीन मौत के आंकड़े छिपाने में जुट गया है। चीन में इस वक्त बाढ़ का मंजर कितना खौफनाक है। दरअसल नेपाल त्रासदी की तस्वीरों ने हर किसी को सन कर दिया था। मगर अब चीन में भी बाढ़, बारिश, तूफान ने भयावह हालात पैदा कर दिए। तस्वीरों की शक्ल में जो मंजर दिखाई दे रहा है वो बेहद ही खौफनाक है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि करीब 3 लाख से ज्यादा लोग पलायन कर गए हैं। मूसलाधार बारिश के साथ फूजियान प्रांत के पोतायन शहर में सड़कों पर सैलाब तेजी के साथ बह रहा है और इसी सैलाब की चपेट में आकर कई मंजिला मकान चंद सेकंड के भीतर धराशाई हो जाता है। बाढ़ का तांडव इतना खतरनाक है कि वह सब कुछ बहा ले जाने पर आमादा है। रिहायशी इलाकों में गुजरने वाले सैलाब में मलवे के साथ गाड़ियां किसी तिनके की तरह बह रही हैं। 

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जिधर देखो उधर पानी ही पानी नजर आ रहा है। एक स्कूल परिसर में तो 2500 से ज़्यादा शिक्षक और छात्र फंस गए। जिसके बाद ड्रोन के जरिए खानापानी पहुंचाया गया। फजियान प्रांत के लोंगयान शहर में सड़कें पानी में डूब गई हैं। जलभराव में दर्जनों गाड़ियां फंस गई हैं और कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया है। चीन के फजियान प्रांत में बाढ़ बारिश ने किस तरह तांडव मचा रखा है। यह ड्रोन की तस्वीरें उसी की गवाह है। ऐसा लग रहा है कि मानो शहर में पानी नहीं बल्कि पानी के बीचोंबीच शहर को बसाया गया है। जहां तक नजर जा रही है पूरा इलाका जलमग्न घर मकान चौक चौराहे और सैकड़ों की तादाद में गाड़ियां डूबी नजर आ रही हैं। आने वाले समय में और बारिश होने पर निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है। जिनपिंग ने अपनी सेना को उतार दिया है। लेकिन स्थिति बेकाबू दिखाई दे रही है। प्रशासन के पसीने छूटे हुए हैं कि इस भीषण तबाही से कैसे निपटा जाए।

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भारत से गद्दारी पड़ गई भारी! China ने बांग्लादेश की दबाई गर्दन

पिछले कुछ महीनों से जो बांग्लादेश चीन की गोद में बैठकर भारत को आंख दिखा रहा है। अब यही बांग्लादेश चीन के चक्रव में ऐसा फंसा है कि वो दिन दूर नहीं कि पूरा देश बर्बाद हो जाएगा। बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान की एक गलती की सजा पूरा बांग्लादेश भुगत रहा है। इसीलिए अब बांग्लादेश की जनता तारिक रहमान के खिलाफ उतर आई है। तारीख के फैसले का विरोध कर रही है। दरअसल बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी और पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। हाल ही में बांग्लादेश ने इस समस्या से उभने के लिए भारत से मदद मांगी थी। लेकिन इसके लिए भारत ने एक छोटी डिमांड कर दी। यह डिमांड बांग्लादेश को पसंद नहीं आई और वो भारत के ऑफर को ठुकरा कर चीन की शरण में चला गया और चीन कितना खिलाड़ी है उसके बारे में पूरी दुनिया जानती है कि कैसे पाकिस्तान और श्रीलंका को चीन ने अपने जाल में फंसाकर बर्बाद कर डाला। अब ठीक उसी तरह बांग्लादेश भी चीन के चंगुल में फंस गया है। 

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दरअसल बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीन बाजार में लग रहे वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट से 42 मेगावाट बिजली 25 टका यानी करीब ₹19 प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी और इसके लिए 25 साल का करार हुआ है। इन दिनों राजधानी ढाका और मुख्य शहरों में घंटों तक बिजली की कटौती हो रही है। इसके साथ ही वहां के विदेशी मुद्रा को लेकर भी स्थिति डामाडोल है। बांग्लादेश भारत से सस्ती कीमतों में बिजली की खरीद करता आया है। लेकिन भारत की ओर से मामूली टैक्स बढ़ाए जाने पर आपत्ति जता रहा है। भारत ने सीमा पार बिजली लेनदेन और ग्रिड से जुड़े खर्च के लिए 1 पैसे प्रति यूनिट शुल्क प्रस्तावित किया था। मगर बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड ने इसका विरोध किया। इसके बाद भारत ने शुल्क को घटाकर आधा पैसा प्रति यूनिट करने की बात कही। लेकिन फिर भी बांग्लादेश को यह ऑफर रास नहीं आई। इसके उलट वो चाइना प्रेम के चक्कर में ड्रैगन को बिजली के लिए भारत के मुकाबले 127% अधिक भुगतान कर रहा है। 

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भारत से बांग्लादेश को करीब 11 टका यानी 8.5 प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। यानी कि चीन से मिलने वाली बिजली की कीमत भारत से दो गुने से भी ज्यादा है। 2 सितंबर को बीजिंग में हुए समझौते का बांग्लादेश में विरोध भी शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर हैं। दरअसल चीन बांग्लादेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। वह तीस्ता नदी पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट समेत बिजली से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अमीन बाजार का वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट भी इसी बढ़ती भागीदारी का हिस्सा है। चीन की योजना बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार तक भी ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की है। लेकिन चीन से हर कोई वाकिफ है कि कैसे वह लालच देकर छोटे-छोटे देशों को अपने चंगुल में फंसाकर उनको कस देता है। उनकी फिर जमीन पर कब्जा कर लेता है। वैसे अब उसने बांग्लादेश के साथ भी करना शुरू कर दिया है। 

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  Sports

Women's Asia Cup में India-Pakistan की भिड़ंत: Dubai की 'संतुलित' Pitch पर किसका चलेगा राज?

महिला एशिया कप 2026 का सबसे ज़्यादा इंतज़ार किया जाने वाला मैच होने वाला है। 5 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी और दोनों ही टीमें अपना बेहतरीन खेल दिखाने की कोशिश करेंगी। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है; टीम ने टूर्नामेंट के अपने शुरुआती दो मैचों में थाईलैंड और हांगकांग की महिला टीमों का सामना किया और दोनों ही मैचों में जीत हासिल की। ​​अब 'वुमन इन ब्लू' अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ़ भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं।
 

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वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान की महिला टीम ने अब तक टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक ही मैच खेला है। फ़ातिमा सना की कप्तानी वाली टीम ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में थाईलैंड का सामना किया और एकतरफ़ा जीत हासिल की। ​​अब भारत के खिलाफ़ होने वाले मैच से पहले वे अपनी इसी लय को बनाए रखने की उम्मीद कर रही हैं। मुकाबला बहुत करीब है, इसलिए कई फ़ैन्स सोच रहे होंगे कि दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच कैसी रहेगी; आइए देखते हैं कि जब भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना होगा, तो पिच कैसा व्यवहार कर सकती है।
 

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दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच काफी संतुलित है। यहाँ बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों, दोनों को ही पिच से मदद मिलती है। मैच की शुरुआत में बल्लेबाज़ों को धैर्य रखना होगा क्योंकि गेंदबाज़ों को थोड़ी मूवमेंट मिलती है, लेकिन धैर्य रखने का फ़ायदा यह हो सकता है कि बल्लेबाज़ खेल के बाद के चरणों में काफ़ी रन बना सकें।
 
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Sat, 05 Sep 2026 12:46:00 +0530

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