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BPSC TRE-4 Exam: दिसंबर-जनवरी में हो सकती है शिक्षक भर्ती परीक्षा, दो चरणों में होगी आयोजित; जानें डिटेल्स

BPSC TRE-4 exam: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीआरई-4 (TRE-4) परीक्षा के पैटर्न को लेकर चल रही तमाम अफवाहों और भ्रम पर आखिरकार विराम लगा दिया है। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को स्पष्ट किया कि टीआरई-4 के परीक्षा पैटर्न में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे कई अन्य राज्य भी दो चरणों में परीक्षाएं आयोजित कराते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के सुझावों के आधार पर और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीआरई-4 परीक्षा अब दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी।

प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों होंगी बहुविकल्पीय
आयोग के अनुसार, यह परीक्षा दो चरणों यानी प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) में ली जाएगी। खास बात यह है कि पीटी और मेंस दोनों ही चरण वस्तुनिष्ठ यानी ऑब्जेक्टिव (Objective-based) प्रकार के होंगे।

इस बीच, बिहार में शिक्षक भर्ती (BPSC TRE 4) और 70वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन भी चल रहे हैं। वहीं, सहायक अभियंता (Assistant Engineer) मामले पर बोलते हुए राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जब तक अदालत का मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक आयोग स्तर पर संबंधित परीक्षा परिणाम जारी करना संभव नहीं है।

परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह द्वारा साझा किए गए प्रमुख अपडेट्स

  • दो चरणों में परीक्षा: यूपीएससी, कई अन्य आयोग और बिहार सहित कई राज्य दो या तीन चरणों में परीक्षाएं आयोजित करते हैं। नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा के बाद राधाकृष्णन समिति ने भी दो चरणों की परीक्षा कराने की सिफारिश की थी।
  • टीआरई-4 परीक्षा को लेकर भ्रांतियां: टीआरई-4 को लेकर कई तरह की गलतफहमी फैलाई जा रही है। यह दावा किया जाता है कि बिहार लोक सेवा आयोग पीटी-मेन्स कराने वाला पहला आयोग है, लेकिन हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि पीटी-मेन्स कराने का निर्णय आर्थिक अपराध इकाई और अन्य एजेंसियों के सुझावों के बाद लिया गया है।
  • नेगेटिव मार्किंग: सभी परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग लागू होती है; यह नियम सभी के लिए समान है और इसमें कोई भेद नहीं है।
  • हिंदी भाषी उम्मीदवारों के अंकों पर सफाई: सिंह ने सवाल किया, "यदि हमारे पास यह डेटा ही नहीं है, तो दूसरों के पास कहां से आता है?" उन्होंने कहा कि हम परीक्षा फॉर्म में यह पूछते ही नहीं हैं कि छात्र किस माध्यम से परीक्षा देंगे, इसलिए यह आंकड़े कहां से आते हैं? यह दावा भी पूरी तरह गलत है कि हिंदी भाषियों को कम अंक मिलते हैं।
  • 60% से अधिक अंकों पर नियम: 60 प्रतिशत से अधिक मिलने वाले किसी भी अंक की हेड Examiner द्वारा दोबारा जांच की जाती है।
  • TRE-4 परीक्षा की तिथियां: सिंह ने बताया कि फिलहाल TRE-4 परीक्षा की तारीख की घोषणा नहीं की जा सकती क्योंकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने उम्मीदवार फॉर्म भरेंगे। इस पर फैसला उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर लिया जाएगा, जबकि फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की गई है।
  • ऑब्जेक्टिव सवाल: अब आयोग की हर परीक्षा में दो चरण होंगे और शिक्षक भर्ती के तहत पीटी तथा मेंस दोनों ही चरणों में वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पूछे जाएंगे।

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  Sports

Vaibhav Suryavanshi ने Duleep Trophy Final में मचाया गदर, Tilak Varma के माइंड गेम को किया फेल

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहले ही दिन युवा वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक अंदाज से दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया। पूर्व क्षेत्र की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव और अभिमन्यु ईश्वरन ने शुरुआती 15 ओवर में ही 100 रन जोड़कर मुकाबले का रुख बदल दिया। इस दौरान साउथ ज़ोन  के कप्तान तिलक वर्मा भी काफी परेशान नजर आए और उन्होंने वैभव का ध्यान भटकाने की कोशिश में उनसे कुछ कहासुनी की।

करीब 10वें ओवर के आसपास तिलक वैभव के पास पहुंचे और उन्हें उकसाने की कोशिश की। उस समय वैभव कुछ ओवर पहले ही मोहम्मद सिराज के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर चुके थे। दक्षिण क्षेत्र के तेज गेंदबाज पूर्व क्षेत्र के दोनों सलामी बल्लेबाजों पर अपेक्षित दबाव नहीं बना पा रहे थे। ऐसे में तिलक ने खुद मोर्चा संभालने की कोशिश की।

हालांकि उनकी तरफ से की गई टिप्पणी भी ज्यादा लंबी नहीं चली। वैभव के पास जाकर तिलक ने कहा, "क्या रे, ये उपकप्तान?" और इसके बाद वहां से हट गए। वैभव पर इस बात का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया और पूर्व क्षेत्र की बल्लेबाजी उसी गति से आगे बढ़ती रही।

बता दें कि दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट की प्रमुख प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें हिस्सा लेती हैं और युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी क्रिकेटरों को भी खुद को साबित करने का मौका मिलता है। ऐसे मुकाबलों में प्रदर्शन खिलाड़ियों के आगे के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए काफी अहम माना जाता है।

फाइनल में पूर्व ज़ोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्हें उम्मीद थी कि शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को पिच से मदद मिल सकती है। मोहम्मद सिराज के पहले ओवर में गेंद ने सीम और उछाल भी दिखाया, लेकिन वैभव और ईश्वरन ने जल्द ही गेंदबाजी आक्रमण की रणनीति को समझ लिया।

वैभव ने खास तौर पर ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाए, जबकि ईश्वरन ने लेग साइड पर गेंदबाजों को निशाना बनाया। दोनों ने बिना अनावश्यक जोखिम लिए तेजी से रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी का दबाव इतना बढ़ गया कि तिलक वर्मा को आठवें ओवर से ही सीमा रेखा के पास पांच क्षेत्ररक्षकों को लगाना पड़ा। लाल गेंद के क्रिकेट में इतनी जल्दी इतने ज्यादा सीमा क्षेत्ररक्षकों को लगाना आम रणनीति नहीं मानी जाती, लेकिन उस समय दक्षिण क्षेत्र को रन रोकने के लिए यह बदलाव करना पड़ा।

ईश्वरन ने अपनी शानदार लय जारी रखते हुए 14वें ओवर में ही अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने केवल 46 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की। दूसरी तरफ वैभव भी अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे और उनकी बल्लेबाजी में वही आक्रामकता दिखाई दे रही थी जिसके लिए वह कम उम्र में चर्चा में आए हैं।

हालांकि 16वें ओवर में दक्षिण क्षेत्र को बड़ी सफलता मिली। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद ने छोटी गेंद फेंकी, जिस पर वैभव अपना विकेट गंवा बैठे। उनकी पारी भले ही अर्धशतक तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन उन्होंने शुरुआती चरण में अपनी टीम को जिस स्थिति में पहुंचाया, उसने मैच की दिशा तय कर दी थी।

इसके बाद पूर्व ज़ोन को एक और झटका लगा। अभिमन्यु ईश्वरन और एस मोहन के बीच मैदान पर हुई गलतफहमी के कारण ईश्वरन रन आउट हो गए। इस तरह साउथ ज़ोन क्षेत्र ने पहले सत्र में दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया।

पहले सत्र की समाप्ति तक पूर्व क्षेत्र का स्कोर दो विकेट पर 133 रन था। शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को मिलने वाली संभावित मदद के बावजूद पूर्व ज़ोन के बल्लेबाजों ने जिस तरह दक्षिण क्षेत्र के आक्रमण का सामना किया, उससे उनकी तैयारी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। खासकर वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में बड़े मंच पर जिस बेखौफ अंदाज का प्रदर्शन किया, उसने दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले ही सत्र को चर्चा में ला दिया हैं।
Sun, 06 Sep 2026 19:54:00 +0530

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