आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इसरो वैज्ञानिकों को बधाई दी
अमरावती, 4 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी।
राज्यपाल ने इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने शुक्रवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के जरिए अपने सबसे भारी अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट, ईओएस-05, को सफलतापूर्वक लॉन्च करने और उसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित करने की बड़ी उपलब्धि हासिल की।
राज्यपाल ने कहा कि यह मिशन भारत के लिए अपना पहला डेडिकेटेड इमेजिंग सैटेलाइट हासिल करने जैसा है, जो लगातार निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। इससे इसरो की उपलब्धियों में एक और उपलब्धि जुड़ गई है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए गर्व का पल बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च और ईओएस-05 को उसकी तय कक्षा (ऑर्बिट) में सही ढंग से स्थापित करने के लिए इसरो को बधाई। यह शानदार उपलब्धि भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं की ताकत और हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के समर्पण को दिखाती है। भविष्य में और भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए इसरो की पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस लॉन्च को पृथ्वी से सितारों तक भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया मील का पत्थर बताया।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री पवन कल्याण ने कहा, भारत लगातार नई संभावनाएं तलाश रहा है। जीएसएलवी-एफ17 मिशन की सफलता और ईओएस-05 को उसकी तय सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित करना इसरो के लिए एक और शानदार उपलब्धि है। ईओएस-05 जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जो हमारी पृथ्वी की निगरानी करने की क्षमताओं को मजबूत करता है। इसरो के शानदार वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और इस ऐतिहासिक मिशन में शामिल सभी लोगों को हार्दिक बधाई।
पवन कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नई ऊंचाइयां छू रहा है, जिससे हमारे युवाओं को प्रेरणा मिल रही है और दुनिया के प्रमुख अंतरिक्ष देशों के बीच हमारी स्थिति मजबूत हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी श्रीहरिकोटा से ईओएस-05 को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च पर इसरो को बधाई दी। उन्होंने कहा, मैं उन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना करता हूं जिनके समर्पण और सटीकता ने इस उपलब्धि को संभव बनाया। यह मिशन मौसम की निगरानी, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय विकास को मजबूत करता है, जिससे भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं और प्रगति पर बहुत गर्व होता है।
--आईएएनएस
एससीएच/डीएससी
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दक्षिण अफ्रीका के इस युवा बल्लेबाज ने रचा इतिहास, सबसे कम उम्र में T20I शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने
दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज लुहान-ड्रे प्रेटोरियस ने ट्राई सीरीज में नामीबिया के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेलते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है। दरअसल उन्होंने 53 गेंदों में 101 रन बनाए हैं जिसमें 5 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी का स्ट्राइक रेट 190.57 रहा। वहीं इस शतक के साथ ही प्रेटोरियस 20 साल और 161 दिन की उम्र में किसी फुल मेंबर टीम के लिए T20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। बता दें कि इससे पहले यह रिकॉर्ड अफगानिस्तान के हजरतुल्लाह जजई के नाम था, जिन्होंने 20 साल और 337 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
लुहान-ड्रे प्रेटोरियस के लिए यह T20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक रहा है। इससे पहले उन्होंने 1 सितंबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी सीरीज में 94 रन बनाए थे और शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए थे।
वैभव सूर्यवंशी के पास रिकॉर्ड तोड़ने का मौका रहेगा
वहीं इस बार नामीबिया के खिलाफ उन्होंने उस कमी को पूरा कर लिया और तीन अंकों तक पहुंचने में कोई गलती नहीं की। उनकी इस पारी ने उन्हें फुल मेंबर टीम के लिए सबसे कम उम्र में T20I शतक लगाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड दिला दिया है। हालांकि जल्द ही भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास भी इस रिकॉर्ड को चुनौती देने का मौका हो सकता है। बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने T20I में भारत के लिए डेब्यू कर लिया है।
दक्षिण अफ्रीका ने बनाए 228 रन
दरअसल विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए मुकाबले में नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद शानदार रही।प्रेटोरियस के साथ ओपनिंग करने वाले कॉनर एस्टरहुइजेन ने भी 40 गेंदों में 88 रन की तेज पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 8 छक्के लगाए। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 69 गेंदों में 156 रन की साझेदारी की। इस मजबूत शुरुआत की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 228 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। हालांकि शुरुआती साझेदारी के बाद बाकी बल्लेबाज ज्यादा योगदान नहीं दे सके। डेवाल्ड ब्रेविस सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए।
बता दें कि नामीबिया की ओर से जान बाल्ट सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 2 विकेट हासिल किए। वहीं मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा प्रेटोरियस की रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी रही जिसने उन्हें T20 इंटरनेशनल क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में नई जगह दिला दी।
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