Narsighpur मंडी में किसानों की परेशानी, व्यवस्था सुधारने को लेकर उठी आवाज
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा कृषि उपज मंडी में किसानों ने शासन-प्रशासन और मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी गंभीर समस्याएं उठाई हैं. News State के विशेष कार्यक्रम "जनता बोले" के तहत आयोजित इस बातचीत में स्थानीय अन्नदाताओं ने फसलों के उचित मूल्य, समर्थन मूल्य (MSP) पर पूर्ण खरीदी, खाद की किल्लत, ई-टोकन प्रणाली और कृषि लागत में अप्रत्याशित वृद्धि पर अपना आक्रोश जाहिर किया. किसानों का कहना है कि मंडी में व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं और फसलों की बिक्री के बाद समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है. किसानों को खाद से लेकर मूंग बेचने तक के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है. किसानों ने बताया कि मूंग की MSP पर खरीदी को लेकर पूरे मध्य प्रदेश में व्यापक आंदोलन हुआ. सरकार ने प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो (25%) खरीदी का आदेश दिया था. गाडरवारा मंडी परिसर में लगभग 6,000 किसान और 1,000 ट्रैक्टर एकत्र हुए. इसके बाद 17 किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में नर्मदापुरम से भोपाल तक पैदल मार्च निकाला.
Maharshtra: BJP प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ और NCPA के बीच अहम वेतन करार
बीजेपी समर्थित अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ ने नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स NCPA के कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण वेतन समझौता किया है. इस समझौते के तहत NCPA के सभी कर्मचारियों के वेतन में हर महीने ₹7,250 की बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा कर्मचारियों को हर साल ₹50,000 का बोनस भी मिलेगा. यह वेतन समझौता भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के नेतृत्व में संपन्न हुआ. समझौते की अवधि 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2028 तक चार वर्ष की होगी.
NCPA के साथ तीसरा वेतन समझौता
रविंद्र चव्हाण ने बताया कि NCPA प्रबंधन और कामगार संगठन के बीच यह तीसरा वेतनवृद्धि समझौता है. उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ ने अपनी संगठनात्मक ताकत के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन और हितों के लिए लगातार प्रयास किए हैं और यह समझौता उन्हीं प्रयासों की महत्वपूर्ण सफलता है.
मुंबई लेबर यूनियन के सदस्यों के संगठन में शामिल होने का दावा
संगठन के मुताबिक, इससे पहले NCPA में मुंबई लेबर यूनियन बहुसंख्यक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियन थी. अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ का दावा है कि संगठनात्मक स्तर पर प्रभावी काम करते हुए मुंबई लेबर यूनियन के पूरे सदस्य वर्ग को अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ के साथ जोड़ा गया. संगठन के अनुसार, इसके बाद औद्योगिक न्यायालय में चली कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ NCPA में सबसे बड़ी और एकमात्र प्रमाणित कामगार यूनियन के रूप में सामने आई है. संघ का कहना है कि इस संगठनात्मक सफलता से NCPA के कर्मचारियों के अधिकारों और मांगों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाने की ताकत मिली है.
हस्ताक्षर समारोह में NCPA और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद
वेतन समझौते के हस्ताक्षर समारोह में NCPA की ओर से अध्यक्ष श्री संटूक, निदेशक श्री फ्रेडी तलाठी, तकनीकी निदेशक श्री काळे और मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक श्री व्हिन्सेंट डिसूजा उपस्थित रहे. वहीं अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ की ओर से महासचिव श्री साई साटे, उपाध्यक्ष श्री प्रशांत वर्तक सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे.
‘एकजुटता और संगठनात्मक ताकत की जीत’
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि कामगारों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करने वाले अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ के प्रयासों को मिली यह सफलता कर्मचारियों की एकजुटता, संगठनात्मक ताकत और न्यायसंगत मांगों के लिए किए गए संघर्ष की जीत है. उन्होंने कहा कि संघ के नेतृत्व में NCPA कर्मचारियों को मिली यह वेतनवृद्धि भविष्य में बेहतर सेवा-सुविधाओं और कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
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