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Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण की आखिरी लीला क्या थी? महाभारत के बाद क्या हुआ था

Lord Krishna Last Story: महाभारत के बाद कृष्ण के जीवन में क्या हुआ था? कान्हा के जन्मोत्सव के अवसर पर जानिए भगवान श्रीकृष्ण की अंतिम लीला से जुड़ी पौराणिक कथा।

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मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर क्यों चढ़ाया जाता है? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

Hanuman ji ko sindoor kyon chadhate hain: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमान मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। कई भक्त मंगलवार को व्रत भी रखते हैं और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंगलवार के अलावा शनिवार को भी हनुमान जी की विशेष पूजा करने की परंपरा कई स्थानों पर प्रचलित है।

हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की क्यों है परंपरा?
हनुमान जी की प्रतिमाओं पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके पीछे भगवान राम और माता सीता से जुड़ी एक लोकप्रिय कथा प्रचलित है।

कहा जाता है कि एक दिन हनुमान जी ने माता सीता को मांग में सिंदूर लगाते हुए देखा। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो माता सीता ने भगवान राम की लंबी आयु और मंगल की कामना से जुड़ी बात बताई।

माता सीता की कथा से जुड़ी है मान्यता
लोकप्रिय पौराणिक कथा के अनुसार, माता सीता से सिंदूर का महत्व जानने के बाद हनुमान जी ने भगवान राम के प्रति अपनी अगाध भक्ति और प्रेम प्रकट करने के लिए अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।

जब भगवान राम ने इसका कारण पूछा तो हनुमान जी ने बताया कि यदि थोड़ा सा सिंदूर लगाने से प्रभु की मंगलकामना होती है, तो पूरे शरीर पर सिंदूर लगाने से उन्हें और अधिक प्रसन्नता मिलेगी। इसी कथा के आधार पर हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा को जोड़ा जाता है।

मंगलवार को सिंदूर चढ़ाने का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दिन हनुमान मंदिर में जाकर सिंदूर चढ़ाते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करते हैं।

कुछ भक्त प्रसाद के रूप में गुड़ और चने का भी भोग लगाते हैं। हालांकि, पूजा की विधि और सामग्री अलग-अलग क्षेत्रों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है।

हनुमान जी की पूजा करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
धार्मिक परंपराओं में पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा को विशेष महत्व दिया जाता है। मंगलवार के दिन सुबह स्नान के बाद हनुमान जी की पूजा करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने की परंपरा है।

श्रद्धालु अपनी पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार सिंदूर, चमेली का तेल, फूल और प्रसाद अर्पित कर सकते हैं। विशेष पूजा विधि को लेकर स्थानीय परंपराओं या धार्मिक जानकारों की सलाह भी ली जा सकती है।

आज भी निभाई जाती है सिंदूर चढ़ाने की परंपरा
देशभर के हनुमान मंदिरों में मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा भी आज कई जगह श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

भगवान राम के प्रति हनुमान जी की अटूट भक्ति से जुड़ी यह मान्यता भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और लोक-परंपराओं पर आधारित है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।

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  Sports

Mike Hesson का बड़ा खुलासा: Rizwan और Imam-ul-Haq को हटाने के फैसले में मेरा कोई हाथ नहीं, PCB पर फोड़ा ठीकरा

पाकिस्तान क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो हार के बाद मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में टीम में किए गए बड़े बदलावों को लेकर अंतरिम लाल गेंद कोच माइक हेसन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। हेसन ने कहा कि मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा और इमाम-उल-हक को टीम से बाहर करने के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि जब उन्हें जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया, तब तक ये तीनों खिलाड़ी टीम छोड़कर स्वदेश लौट चुके थे।

बता दें कि इंग्लैंड ने सीरीज के पहले मुकाबले में हेडिंग्ले में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी इंग्लैंड ने 194 रन से जीत दर्ज की। इन लगातार दो हार के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। अब दोनों टीमों के बीच तीसरा और अंतिम टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है।

इन हार के बाद पाकिस्तान बोर्ड ने टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के स्तर पर बड़े बदलाव किए। मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद आवैस जफर और खुर्रम शहजाद को टीम से हटा दिया गया। इसके अलावा मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया।

माइक हेसन को इसके बाद अंतिम टेस्ट के लिए पाकिस्तान की लाल गेंद वाली टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई। बर्मिंघम में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने रिजवान, आगा और इमाम को हटाए जाने के फैसले से खुद को अलग करते हुए कहा कि बोर्ड ने जब उनसे अंतिम टेस्ट की जिम्मेदारी संभालने के बारे में पूछा, तब तक तीनों खिलाड़ी टीम से बाहर किए जा चुके थे और घर लौट रहे थे।

हालांकि हेसन ने यह भी स्पष्ट किया कि बाकी खिलाड़ियों को हटाने और कुछ नए चेहरों को टीम में शामिल करने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका थी। उनके मुताबिक, उनका उद्देश्य अंतिम टेस्ट के लिए टीम में बेहतर संतुलन तैयार करना था।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हेसन पाकिस्तान की सीमित ओवरों वाली टीम के साथ काम करने के बाद जापान से लौटे थे। जापान में एशियाई खेलों का आयोजन चल रहा है। लाहौर में पाकिस्तान का सीमित ओवरों का प्रशिक्षण शिविर भी हुआ था। इसी दौरान क्रिकेट बोर्ड ने उनसे टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा।

हेसन ने कहा कि अब उनका मुख्य जोर ऐसी गेंदबाजी इकाई तैयार करने पर है जिसमें अलग-अलग तरह के गेंदबाज मौजूद हों। वह टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भी रखना चाहते हैं जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में योगदान दे सकें। उनके अनुसार, अंतिम टेस्ट में टीम का संतुलन सुधारना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

नई पाकिस्तान टीम में सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनके अलावा अराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बैग, मोहम्मद इमरान और रजाउल्लाह जैसे ऐसे खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं जिन्हें अभी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करना बाकी है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पहले ही श्रृंखला गंवा चुका है, इसलिए एजबेस्टन टेस्ट उसके लिए परिणाम से ज्यादा अपनी कमजोरियों को सुधारने का अवसर होगा। लगातार हार के बाद टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करना चाहता है। ऐसे में अंतिम मुकाबले में नए चेहरों के प्रदर्शन और माइक हेसन की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Fri, 04 Sep 2026 21:59:00 +0530

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