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Mekedatu Dam प्रोजेक्ट के खिलाफ Tamil Nadu में 20 सितंबर से 5 दिवसीय आंदोलन करेंगे किसान

नयी दिल्ली/चेन्नई, चार सितंबर तमिलनाडु के सभी किसान संगठनों की समन्वय समिति ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे कर्नाटक सरकार द्वारा मेकेदातु में कावेरी नदी पर बांध बनाने की कोशिश के विरोध में 20 सितंबर से पांच दिन का राज्यव्यापी अभियान चलाएंगे। किसान संगठन के अध्यक्ष पी.आर. पांडियन ने यह घोषणा गुरुग्राम में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच पांच घंटे चली विस्तृत बैठक के बाद की। पांडियन ने कर्नाटक के राजनीतिक नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे स्थानीय विरोध के बावजूद राजनीतिक फायदे के लिए मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूमपुहार से शुरू होने वाले इस अभियान के बाद, अगर ज़रूरत पड़ी तो किसान अपनी मांगों को रखने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कावेरी नदी पर प्रस्तावित बांध का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कर्नाटक द्वारा केंद्रीय जल आयोग को सौंपी गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को ‘‘धोखा’’ और कानूनी रूप से अमान्य बताया।

उन्होंने कहा कि डीपीआर में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की जरूरी मंज़ूरी नहीं है। केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए कोई भी पर्यावरण या वन मंज़ूरी न देने का आग्रह करते हुए पांडियन ने चेतावनी दी कि यह बांध तमिलनाडु और कर्नाटक दोनों राज्यों के किसानों के लिए नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के किसान भी मानते हैं कि इस बांध से उन्हें कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि यह कृष्णराजासागर बांध के नीचे की ओर घने जंगलों वाले इलाके में स्थित है।

उन्होंने कहा, ‘‘पानी की कमी के समय पीने के पानी की जरूरतों के बहाने मेकेदातु में पानी जमा करने के लिए बांध बनाना मंज़ूर नहीं है और इससे खेती बर्बाद हो जाएगी।’’ विकल्प के तौर पर, पांडियन ने तमिलनाडु में रासिमानल में बांध बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने दावा किया कि 2024 में हुई एक संयुक्त बैठक में दोनों राज्यों के किसान रासिमानल के स्थान पर सहमत हुए थे, और उन्होंने केंद्र सरकार से इसके निर्माण की मंज़ूरी देने का आग्रह किया। खट्टर के साथ बातचीत के दौरान, पांडियन ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला कानून बनाने और इस संबंध में एम.एस. स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करने का आग्रह किया।

उन्होंने विद्युत नियामक आयोग अधिनियम को वापस लेने, स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता खत्म करने और भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन करने की मांग की। पांडियन ने पत्रकारों को बताया कि मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी और इन्हें प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। पांडियन ने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा दिल्ली की ओर मार्च निकाले जाने के दौरान हरियाणा सीमा पर पंजाब के किसानों को हाल ही में हिरासत में लिए जाने की भी कड़ी निंदा की।

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Kaushambi Firecracker Factory Blast: फरार आरोपी शकील पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये हुआ

कौशांबी, चार सितंबर उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के मामले में अब भी फरार चल रहे एकमात्र आरोपी शकील की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम शुक्रवार को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। कौशांबी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत ने कहा, ‘‘प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्रा ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है।’’ पुलिस के अनुसार 31 अगस्त को मंझनपुर क्षेत्र के मनौरी कस्बे में एक पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी।

इस हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों का प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में फैक्टरी के मालिक एवं संचालक नौशाद समेत छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नौशाद, उसकी पत्नी कहकशां बानो, बेटे आदिल तथा शकील की पत्नी शबाना और बेटी सायना को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि शकील अब भी फरार है।

शबाना और सायना को विस्फोट वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। नौशाद को एक सितंबर को चरवा थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी।

एसपी ने बताया कि आदिल को तीन सितंबर को हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। कहकशां बानो को भी उसी दिन उसके गांव महमूदपुर से गिरफ्तार किया गया।

विस्फोट के बाद प्रशासन ने बुलडोजर से महमूदपुर में नौशाद के तीन मंजिला मकान और उसकी पटाखा फैक्टरी के एक गोदाम को ध्वस्त कर दिया था। पुलिस के अनुसार, मूरतगंज बाजार स्थित उसका एक अन्य गोदाम भी गिरा दिया गया। पुलिस ने इससे पहले आदिल, कहकशां बानो और शकील की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

पुलिस ने बताया कि आदिल और कहकशां बानो की गिरफ्तारी के बाद प्राथमिकी में नामजद छह आरोपियों में से अब केवल शकील ही फरार है।

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  Sports

England Tour से पहले मुश्किल में श्रीलंका, Kusal Mendis की जगह Charit Asalanka को मिली कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी

श्रीलंका क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान कुसल मेंडिस मांसपेशियों की चोट से समय पर उबर नहीं सके हैं और अब वह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी में चरित असलंका टीम की कप्तानी संभालेंगे।

बता दें कि कुसल मेंडिस को जुलाई में लंका प्रीमियर लीग के दौरान कोलंबो कैप्स की ओर से खेलते हुए चोट लगी थी। प्रतियोगिता में केवल दो मुकाबले खेलने के बाद उनकी जांघ की पिछली मांसपेशी में खिंचाव की समस्या सामने आई थी। इस चोट के कारण वह भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज से भी बाहर हो गए थे। अब तक पूरी तरह फिट नहीं होने के चलते इंग्लैंड के खिलाफ सबसे छोटे प्रारूप की श्रृंखला से भी उन्हें बाहर बैठना पड़ेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, चरित असलंका को पहले इस दौरे के लिए उपकप्तान बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें सीधे टीम की कमान सौंपी गई है। यह सीरीज उनके लिए छोटे प्रारूप में वापसी का भी मौका होगी। असलंका को जून में वेस्टइंडीज दौरे के लिए श्रीलंका की टी20 टीम में जगह नहीं मिली थी। ऐसे में कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उनकी वापसी भी टीम के लिए अहम मानी जा रही है।

कुसल मेंडिस की जगह बल्लेबाज पवन रथनायके को टीम में शामिल किया गया है। वहीं बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो की जगह दिलशान मदुशंका को भी टीम में बुलाया गया है। बिनुरा पीठ की चोट से परेशान हैं और इसी वजह से वह टी20 श्रृंखला में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 15 सितंबर को साउथम्पटन के रोज बाउल मैदान में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह श्रृंखला आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। श्रीलंका को खास तौर पर अपने प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता और फिटनेस पर नजर रखनी होगी।

श्रीलंका की संशोधित टीम में कप्तान चरित असलंका के अलावा पथुम निसांका, कमिल मिशारा, लाहिरु उदारा, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानगे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्षणा, थारिंदु रथनायके, दुश्मंथा चमीरा, ईशान मलिंगा, नुवान तुषारा, पवन रथनायके और दिलशान मदुशंका शामिल हैं।

गौरतलब है कि कुसल मेंडिस श्रीलंका के अहम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और टीम की कप्तानी भी संभाल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना श्रीलंका के लिए बड़ा नुकसान है। दूसरी ओर चरित असलंका के सामने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली टीम को संभालने की चुनौती होगी। इंग्लैंड की मजबूत टीम के खिलाफ उनकी कप्तानी की असली परीक्षा 15 सितंबर से शुरू होने वाली है।
Fri, 04 Sep 2026 20:30:00 +0530

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