Goa Elections 2027: उत्तर गोवा जिले की 19 सीटों पर बिछी सियासी बिसात...
Goa Elections 2027: गोवा की राजनीति का गढ़ और प्रशासनिक केंद्र माना जाने वाला उत्तर गोवा (North Goa) जिला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और रणनीतिक महत्व रखने वाला क्षेत्र है. 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यहां भी सियासी बिसात बिछने लगी है और चुनावी हलचल तेज हो गई है. अपने खूबसूरत समुद्री तटों, ऐतिहासिक अगुआड़ा किले, प्रतिष्ठित चर्चों और जीवंत नाइटलाइफ के लिए दुनिया भर में मशहूर उत्तर गोवा की राजनीति में तटीय (Coastal) टूरिज्म बेल्ट के मतदाताओं, पारंपरिक मछुआरा समुदाय, खदान-श्रमिकों और ग्रामीण कैथोलिक व हिंदू वोटरों के साथ-साथ पर्यटन-आधारित आजीविका से जुड़े मुद्दों की भूमिका बेहद अहम रहती है.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिले की सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच पारंपरिक और सीधा मुकाबला रहा है, जबकि महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (MGP), आम आदमी पार्टी (AAP), रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP) और कई प्रभावशाली निर्दलीय उम्मीदवार समय-समय पर समीकरण बिगाड़ते रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की सत्ता के साथ जिले की अधिकांश सीटों पर अपना दबदबा बनाकर मजबूत बढ़त बनाई थी, वहीं कांग्रेस और क्षेत्रीय दल अपनी खोई जमीन वापस पाने की पुरजोर कोशिश में हैं. ऐसे में 2027 में भाजपा के सामने अपने इस प्रदर्शन को दोहराने और विपक्ष के लिए इस तटीय सियासी किले को भेदने की बड़ी परीक्षा होगी.
‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात उत्तर गोवा की…
उत्तर गोवा जिला, जिसकी पहचान सिर्फ कलंगूट, बागा या अंजुना के रेतीले तटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक और ऐतिहासिक इतिहास भी बेहद समृद्ध रहा है. यह वही उत्तर गोवा है, जिसकी राजधानी पणजी (Panaji) लंबे समय तक औपनिवेशिक पुर्तगाली शासन का प्रशासनिक केंद्र रही. 1961 में ऑपरेशन विजय के जरिए पुर्तगाली शासन से आजादी के आंदोलन से लेकर गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने तक, उत्तर गोवा की जनता ने हर मोड़ पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है.
उत्तर गोवा जिला आज अपने विश्व प्रसिद्ध कैसिनो, पुराने गोवा के ऐतिहासिक चर्च (Old Goa Basilica), जीवंत स्थानीय बाजारों और मंडोवी नदी के मनोरम दृश्यों के रूप में दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन इन सब के बीच, पणजी और म्हापसा के शहरी व्यावसायिक केंद्रों से लेकर डिचोली, साकेलिम और सत्तरी के ग्रामीण व खनन क्षेत्रों तक यहां की सियासत का अपना एक अलग मिज़ाज है. आखिर उत्तर गोवा जिले की विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किस सीट पर किस पार्टी का दबदबा रहा है? कौन-से चेहरे (जैसे पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत तक) यहां बाजी मारते आए हैं और 2027 में किसका सिक्का चल सकता है? आइये सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं…
उत्तर गोवा जिले की कुल आबादी और साक्षरता दर
| श्रेणी | कुल | पुरुष | महिला |
| जनसंख्या | 8,18,008 | 4,20,568 | 3,97,440 |
| साक्षरता दर | 89.57% | 93.40% | 85.60% |
उत्तर गोवा जिले की धार्मिक आबादी
| धर्म | जनसंख्या | प्रतिशत (%) |
| हिंदू | 6,22,213 | 76.06% |
| ईसाई | 1,34,169 | 16.40% |
| मुस्लिम | 57,941 | 7.08% |
| अन्य | 3,767 (लगभग) | 0.46% |
2022 विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार, उत्तर गोवा जिले की सभी विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम
|
निर्वाचन क्षेत्र (Constituency) |
विजेता प्रत्याशी (पार्टी) |
विजेता को वोट |
उपविजेता प्रत्याशी (पार्टी) |
उपविजेता को वोट |
|
1. मंद्रेम |
जीत आरोलकर (MGP) |
10,387 |
दयानंद सोपते (BJP) |
9,672 |
|
2. पेर्नेम |
प्रवीण प्रभाकर आरलेकर (BJP) |
13,063 |
राजन बाबू सो कोरगांवकर (MGP) |
9,645 |
|
3. डिचोली |
डॉ. चंद्रकांत शेट्ये (IND/निर्दलीय) |
9,608 |
नरेश राजाराम सावल (MGP) |
9,290 |
|
4. थिविम |
नीलकंठ रामनाथ हलर्नकर (BJP) |
9,414 |
कविता कंडोलकर (AITC) |
7,363 |
|
5. मपुसा |
जोशुआ पीटर डी सूजा (BJP) |
10,195 |
सुधीर रामा कंडोलकर (INC) |
8,548 |
|
6. सिओलिम |
डेलिला माइकल लोबो (INC) |
9,699 |
दयानंद रायु मांद्रेकर (BJP) |
7,972 |
|
7. सालिगांव |
केदार जयप्रकाश नायक (INC) |
10,045 |
जयेश सालगांवकर (BJP) |
8,146 |
|
8. कलंगुट |
माइकल विंसेंट लोबो (INC) |
9,285 |
जोसेफ रॉबर्ट सिक्वेरा (BJP) |
4,306 |
|
9. पोरवोरिम |
रोहन खौंटे (BJP) |
11,714 |
संदीप वाज़कर (AITC) |
3,764 |
|
10. एल्डोना |
कार्लोस अल्वारेस फेरेरा (INC) |
9,320 |
ग्लेन जॉन विजय ए सूजा टिकलो (BJP) |
7,497 |
|
11. पणजी |
अतानासियो मोन्सरेट (BJP) |
6,787 |
उत्पल मनोहर पर्रिकर (IND/निर्दलीय) |
6,071 |
|
12. तालेगांव |
जेनिफर मोन्सरेट (BJP) |
10,066 |
टोनी रोड्रिग्स (INC) |
7,908 |
|
13. सांता क्रूज |
रोडोल्फो लुईस फर्नांडीस (INC) |
8,841 |
एंटोनियो कैतैनो फर्नांडीस (BJP) |
6,377 |
|
14. सेंट आंद्रे |
वीरेश मुकेश बोरकर (RGP) |
5,395 |
फ्रांसिस्को सिलवीरा (BJP) |
5,319 |
|
15. कुंबरजुआ |
राजेश फालदेसाई (INC) |
9,326 |
जनिता मडकैकर (BJP) |
6,524 |
|
16. माएम / मयेम |
प्रेमेंद्र विष्णु शेट (BJP) |
7,874 |
संतोष कुमार सावंत (GFP) |
4,963 |
|
17. संगेम / सांकेलिम |
डॉ. प्रमोद सावंत (BJP) |
12,250 |
धर्मेश सगलानी (INC) |
11,584 |
|
18. पोरिएम |
देविया विश्वजीत राणे (BJP) |
17,816 |
रंजीत राणे (INC) |
3,873 |
|
19. वालपोई |
विश्वजीत प्रतापसिंह राणे (BJP) |
19,233 |
मनीषा उस्गाँवकर ( क्रांतिकारी गोवा पार्टी) |
11,148 |
सभी विधानसभा सीटों के बारे में विस्तार से जानें...
1. मंद्रेम: यहाँ महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (MGP) के जीत आरोलकर ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने भाजपा के दयानंद सोपते को कड़े मुकाबले में हराया था.
2. पेर्नेम: इस अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीट पर भाजपा के प्रवीण प्रभाकर आरलेकर ने जीत हासिल की थी. उन्होंने MGP के राजन बाबू सो कोरगांवकर को पराजित किया था.
3. डिचोली / बिचोलिम: यहाँ से निर्दलीय (IND) उम्मीदवार डॉ. चंद्रकांत शेट्ये ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत पाई थी. उन्होंने MGP के नरेश राजाराम सावल को कुछ ही वोटों से हराया था.
4. थिविम: भाजपा के नीलकंठ रामनाथ हलर्नकर ने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत रखी थी. उन्होंने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की कविता कंडोलकर को मात दी थी.
5. मपुसा: इस प्रमुख सीट पर भाजपा के जोशुआ पीटर डी सूजा ने विजय हासिल की थी. उन्होंने कांग्रेस (INC) के सुधीर रामा कंडोलकर को सीधे मुकाबले में हराया था.
6. सिओलिम: यहाँ कांग्रेस की डेलिला माइकल लोबो ने भाजपा के कद्दावर नेता दयानंद रायु मांद्रेकर को शिकस्त दी थी. यह चुनाव काफी चर्चा में रहा था.
7. सालिगांव: कांग्रेस के केदार जयप्रकाश नायक ने यहाँ से जीत का परचम लहराया था. उन्होंने भाजपा के जयेश सालगांवकर को सम्मानजनक अंतर से पराजित किया था.
8. कलंगुट: कांग्रेस के कद्दावर नेता माइकल विंसेंट लोबो ने यहाँ एकतरफा और बड़ी जीत दर्ज की थी. उन्होंने भाजपा के जोसेफ रॉबर्ट सिक्वेरा को भारी अंतर से हराया था.
9. पोरवोरिम: भाजपा के रोहन खौंटे ने इस सीट पर बड़े अंतर से एकतरफा जीत हासिल की थी. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (AITC) के संदीप वाज़कर को करारी शिकस्त दी थी.
10. एल्डोना: कांग्रेस के कार्लोस अल्वारेस फेरेरा ने यहाँ से जीत हासिल कर अपनी पार्टी को मजबूती दी थी. उन्होंने भाजपा के ग्लेन जॉन विजय ए सूजा टिकलो को हराया था.
11. पणजी: राजधानी की इस हाई-प्रोफाइल सीट पर भाजपा के अतानासियो मोन्सरेट ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे और निर्दलीय उम्मीदवार उत्पल पर्रिकर को कड़े मुकाबले में हराया था.
12. तालेगांव: भाजपा की जेनिफर मोन्सरेट ने यहाँ अपनी पारिवारिक राजनीतिक पकड़ बरकरार रखी थी. उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी टोनी रोड्रिग्स को शिकस्त दी थी.
13. सांता क्रूज: यहाँ से कांग्रेस के रोडोल्फो लुईस फर्नांडीस ने शानदार जीत हासिल की थी. उन्होंने भाजपा के प्रतिद्वंद्वी एंटोनियो कैतैनो फर्नांडीस को पीछे छोड़ दिया था.
14. सेंट आंद्रे: क्रांतिकारी गोवा पार्टी (RGP) के वीरेश मुकेश बोरकर ने यहाँ मात्र 76 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. उन्होंने भाजपा के मौजूदा विधायक फ्रांसिस्को सिलवीरा को हराया था.
15. कुंबरजुआ: कांग्रेस के राजेश फालदेसाई ने इस सीट पर अपना परचम लहराया था. उन्होंने भाजपा की महिला प्रत्याशी जनिता मडकैकर को चुनाव में पराजित किया था.
16. माएम / मयेम: भाजपा के प्रेमेंद्र विष्णु शेट ने इस सीट पर अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित की थी. उन्होंने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के संतोष कुमार सावंत को हराया था.
17. संगेम / सांकेलिम: तत्कालीन मुख्यमंत्री और भाजपा नेता डॉ. प्रमोद सावंत की यह गृह सीट थी. उन्होंने बेहद कांटे की टक्कर में कांग्रेस के धर्मेश सगलानी को कुछ सौ वोटों से हराया था.
18. पोरिएम: भाजपा की देविया विश्वजीत राणे ने यहाँ ऐतिहासिक और सबसे बड़े अंतरों में से एक से जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस के रंजीत राणे को पूरी तरह एकतरफा मुकाबले में हराया था.
19. वालपोई: भाजपा के दिग्गज नेता विश्वजीत प्रतापसिंह राणे ने इस सीट पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई थी. उन्होंने क्रांतिकारी गोवा पार्टी की मनीषा उस्गाँवकर को बड़े अंतर से पराजित किया था.
UP चुनाव में अखिलेश यादव का साथ लेगी CJP? पार्टी ने बताया पूरा प्लान
UP Election: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में अचानक गर्माहट आ गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के पदाधिकारियों के बीच हुई एक गुप्त बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है. इस मुलाकात ने आने वाले चुनावों के समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
लखनऊ में हुई अहम बैठक और इसके सियासी मायने
गुरुवार को सीजेपी के पदाधिकारी आशुतोष रांका ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की. यह मुलाकात सपा मुख्यालय के पास स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के कार्यालय में हुई, जो लगभग डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में चली.
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात मुख्य रूप से आभार व्यक्त करने के लिए थी. सपा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के आंदोलन का समर्थन किया था और संसद में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. सूत्रों के अनुसार, बैठक में राजस्थान में 'स्कूल ठीक करो' अभियान के दौरान आशुतोष रांका पर हुए कथित हमले का मुद्दा भी उठा. इसके अलावा, चर्चा में 'जेन जी' और 'जेन अल्फा' की चिंताओं के साथ-साथ शिक्षा और छात्रों से जुड़े विषय शामिल रहे.
चुनाव लड़ने की अटकलों पर सीजेपी नेताओं का रुख
एक इंटरव्यू के दौरान जब सीजेपी नेताओं से यह सवाल किया गया कि क्या अखिलेश यादव या राहुल गांधी के समर्थन मिलने पर वे उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़ेंगे, तो पार्टी नेताओं ने इस पर सधा हुआ बयान दिया. सीजेपी की नेता रत्ना सिंह ने 'द रेड माइक' से बातचीत में कहा कि वह भविष्य की योजनाएं तय करने के बजाय वर्तमान में जीना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा कि वह हर फैसला उस दिन की स्थिति के अनुसार लेती हैं और उन्हें नहीं पता कि वह भविष्य में चुनाव लड़ेंगी या नहीं. गौरतलब है कि कुछ समय पहले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके को एनडीए (NDA) में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दीपके ने साफ तौर पर ठुकराते हुए उसकी मंशा पर सवाल खड़े किए थे
शिक्षा और बेरोजगारी बना बड़ा चुनावी मुद्दा
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि समाजवादी पार्टी लगातार बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रही है. अखिलेश यादव ने राज्य में स्कूलों के बंद होने और प्राथमिक शिक्षा की स्थिति पर लगातार चिंता जताई है. एक तरफ जहां सीजेपी संसद मार्ग पर प्रदर्शन कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की राजनीतिक मुलाकातें यूपी के सियासी रण को और अधिक दिलचस्प बना रही हैं.
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