Manipur Election 2027: इंफाल पूर्व की 10 सीटों पर क्या है राजनीतिक हलचल?
Manipur Election Imphal East: अगले साल देशभर के 7 राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं. इसमें मणिपुर राज्य भी शामिल है. आज हम बात करेंगे मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले की. यह जिला मणिपुर की राजनीति में इंफाल पूर्व जिला बेहद अहम माना जाता है. 18 जून 1996 को पुराने इंफाल जिले के विभाजन के बाद अस्तित्व में आया यह जिला राज्य के मध्य हिस्से में स्थित है और इसका मुख्यालय पोरोमपत में है.
खेती, छोटे कारोबार और पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर इस जिले की अपनी अलग सामाजिक और आर्थिक पहचान है. 2011 की जनगणना के मुताबिक, इंफाल पूर्व में प्रति वर्ग किलोमीटर 643 लोगों की आबादी थी और यह राज्य की कुल आबादी का करीब 16 फीसदी हिस्सा है. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में जिले की राजनीतिक तस्वीर और यहां के मतदाताओं का रुख मणिपुर की सत्ता के समीकरणों पर असर डाल सकता है.
कैसी है इंफाल पूर्व सीट की राजनीति?
इंफाल पूर्व मणिपुर की चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाला जिला है. यह इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और जिले की 10 विधानसभा सीटें राज्य की सत्ता के समीकरणों को प्रभावित करती हैं. यहां हीनगांग, थोंगजू, खुराई, क्षेत्रीगाओ, खुन्द्रकपम, लामलाई, केइराव, आंद्रो, याइस्कुल और वांगखेई प्रमुख विधानसभा क्षेत्र हैं. जिले की राजनीति में बीजेपी का प्रभाव मजबूत रहा है, जबकि एनपीपी और कांग्रेस भी कई सीटों पर अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं.
पूर्व सीएम बीरेन सिंह का है जिला
हीनगांग से मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह विधायक रहे हैं, जबकि थोंगजू से भाजपा नेता थोंगैम बिश्वजीत सिंह प्रतिनिधित्व करते हैं. खुराई से एल सुसिंद्रो मेइतेई भाजपा विधायक हैं, वहीं क्षेत्रीगाओ सीट एनपीपी के पास और खुन्द्रकपम कांग्रेस के पास है. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में इंफाल पूर्व की इन सीटों पर होने वाली राजनीतिक टक्कर और मतदाताओं का रुख राज्य के व्यापक चुनावी समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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अब हर एक सीट के बारे में विस्तार से जानें
1. खुंड्राकपाम विधानसभा सीट: खुंड्राकपाम सीट पर कांग्रेस के थोकचोम लोकेश्वर सिंह ने जीत दर्ज की. उन्हें 12,211 वोट मिले, जबकि भाजपा के थांगजाम मोहेंद्रो सिंह को 11,996 वोट मिले और वे उपविजेता रहे. दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा.
2. हींगांग विधानसभा सीट: हींगांग सीट पर भाजपा के नोंगथोमबाम बीरेन सिंह ने बड़ी जीत हासिल की. उन्हें 24,814 वोट मिले. कांग्रेस के पांगइजाम शरतचंद्र सिंह को 6,543 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे.
3. खुरई विधानसभा सीट: खुरई सीट पर भाजपा के लैशंगथेम सुसिंद्रो मेइतेई विजयी रहे. उन्हें 11,131 वोट मिले। नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) के लैतोंजाम जयानंद सिंह को 8,894 वोट मिले और वे उपविजेता रहे.
4. क्षेत्रीगांव विधानसभा सीट: क्षेत्रीगांव में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) के शेख नूरुल हसन ने जीत दर्ज की. उन्हें 13,118 वोट मिले. भाजपा के नाहकपम इंद्रजीत सिंह को 12,376 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. यहां भी दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला.
5. थोंगजु विधानसभा सीट: थोंगजु सीट पर भाजपा के थोंगम बिस्वजीत सिंह ने जीत हासिल की. उन्हें 15,338 वोट मिले. कांग्रेस के सेराम नेकेन सिंह को 8,649 वोट मिले और वे उपविजेता रहे.
6. केइराव विधानसभा सीट: केइराव सीट पर भाजपा के लउरेम्बम रामेश्वर मीतेई विजेता रहे. उन्हें 17,335 वोट मिले. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) के मो. नासिरुद्दीन खान को 9,126 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे.
7. एंड्रो विधानसभा सीट: एंड्रो सीट पर भाजपा के थौनाओजम श्यामकुमार ने जीत दर्ज की. उन्हें 16,739 वोट मिले. NPEP के लउरेम्बम संजोय सिंह को 15,282 वोट मिले और वे उपविजेता रहे. दोनों के बीच मुकाबला काफी नजदीकी रहा.
8. लमलाई विधानसभा सीट: लमलाई में भाजपा के खोंगबांताबम इबोमचा सिंह ने जीत हासिल की. उन्हें 10,105 वोट मिले. जनता दल (यूनाइटेड) यानी JD(U) के क्षेत्रीमयुम बीरेन सिंह को 9,984 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. दोनों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा.
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9. याइसकुल विधानसभा सीट: याइसकुल सीट पर भाजपा के थोकचोम सत्यब्रत सिंह विजेता बने. उन्हें 9,724 वोट मिले। NPEP के हुइदरोम विक्रमजीत सिंह को 9,092 वोट मिले और वे उपविजेता रहे.
10. वांगखेई विधानसभा सीट: वांगखेई सीट पर जनता दल (यूनाइटेड) यानी JD(U) के थांगजाम अरुनकुमार सिंह ने जीत दर्ज की. भाजपा के ओकरामी हेनरी सिंह उपविजेता रहे। उपलब्ध आंकड़ों में दोनों प्रत्याशियों के वोटों की संख्या दर्ज नहीं है.
अब आगे क्या होगा?
2022 के विधानसभा चुनाव में इंफाल पूर्व जिले की ज्यादातर सीटों पर BJP ने मजबूत प्रदर्शन किया था. हींगांग, खुरई, थोंगजु, केइराव, एंड्रो और लमलाई जैसी अहम सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव में तस्वीर कैसी होगी, इसे लेकर अभी से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं. राज्य में बदले सामाजिक और राजनीतिक हालात के बीच अलग-अलग स्रोतों और राजनीतिक विश्लेषणों में चुनाव को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं. ऐसे में इंफाल पूर्व की इन प्रमुख सीटों पर BJP अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा पाती है या चुनावी समीकरण बदलते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी.
शिकायतों के बाद एक्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग, बेंगलुरु क्लब और ब्लिंकिट सुविधा केंद्र का किया निरीक्षण
बेंगलुरु, 4 सितंबर (आईएएनएस)। फूड सेफ्टी को लेकर शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पिछले 24 घंटों में बेंगलुरु के एक क्लब और मेंगलुरु में एक ऑनलाइन ग्रॉसरी रिटेल फैसिलिटी पर छापेमारी की है। इस दौरान एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स जब्त किए गए और स्टोरेज एरिया को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया।
बेंगलुरु में अधिकारियों ने 3 सितंबर को डॉलर्स कॉलोनी के पास सहकारनगर स्थित चेयरमैन्स क्लब में स्पेशल इंस्पेक्शन किया। जांच में कई गड़बड़ियां मिलीं। क्लब में 40 किलो एक्सपायर्ड मिर्च और बिना सही लेबल वाले फूड प्रोडक्ट्स पाए गए।
अधिकारियों को किचन में अनधिकृत आर्टिफिशियल कलर भी मिले और किचन की हालत बेहद अस्वच्छ पाई गई। साथ ही वेज और नॉन-वेज फूड प्रोडक्ट्स को एक साथ स्टोर किया जा रहा था, जिससे फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई।
एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स को जब्त कर लिया गया और क्लब की किचन को बंद कर सील कर दिया गया। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वहीं मेंगलुरु में फूड सेफ्टी अधिकारियों ने फलनीर स्क्वायर में चल रही ब्लिंकिट की ऑनलाइन रिटेल फैसिलिटी का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद की गई, जिसमें कहा गया था कि प्लेटफॉर्म से खरीदे गए अंडे टूटे हुए थे और एक अंडे के अंदर कथित तौर पर कीड़ा मिला था। शिकायत स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर को सौंपी गई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने फैसिलिटी का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान अधिकारियों को वहां टूटे हुए अंडों वाले पैकेट मिले। संबंधित कर्मचारियों को तुरंत उन प्रभावित अंडों के पैकेट को हटाने और नष्ट करने का निर्देश दिया गया।
एहतियात के तौर पर और फूड स्टोरेज एरिया की पूरी तरह से सफाई और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करने के लिए स्टोरेज रूम को अस्थायी रूप से बंद कर सील कर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ब्लिंकिट फैसिलिटी को नोटिस जारी करेगा और इस घटना के बारे में मैनेजमेंट से जवाब मांगेगा। इंस्पेक्शन के निष्कर्षों और कंपनी के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने और तय हाइजीन और स्टोरेज नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक्शन लेने के प्रयासों के तहत की गई है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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