..तो क्या 2027 के IPL में नहीं खेलेंगे माही? MS धोनी ने Impact Player बनने से क्यों किया मना?
धोनी के IPL भविष्य पर बड़ा अपडेट सामने आया है। बद्रीनाथ के मुताबिक, माही Impact Player नहीं बनेंगे और बतौर विकेटकीपर पूरा मैच खेलना चाहते हैं।
Kerala के Kottayam में ननों ने शुरू किया Stand By Me क्लोदिंग ब्रांड
कोट्टायम (केरलम), तीन सितंबर कैथोलिक बिशप पर दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई लड़ने वाली एक नन और उनके साथ खड़ी रहीं दो अन्य ननों के लिए ‘स्टैंड बाय मी’ ‘क्लोदिंग ब्रांड’ अब उनके जीवन का नया अध्याय बन गया है। कपड़ों का यह ‘क्लोदिंग ब्रांड’ न केवल उनकी आजीविका का साधन बना है बल्कि उन्हें अपना भविष्य संवारने का अवसर भी दे रहा है। पूर्व जालंधर बिशप फ्रैंको मुलक्कल से जुड़े दुष्कर्म मामले ने जब देशभर में ध्यान आकर्षित किया था, उसके कई साल बाद इन तीनों ननों के सामने एक अलग चुनौती खड़ी हुई कि अपने दम पर जीवनयापन कैसे किया जाए।
कुराविलंगाडु स्थित अपने ‘कॉन्वेंट’ में उन्हें इसका जवाब एक सिलाई मशीन के रूप में मिला। जिस काम को उन्होंने कभी एक कौशल सीखने के तौर पर शुरू किया था अब वही एक छोटे लेकिन धीरे-धीरे बढ़ते कपड़ों के कारोबार में बदल गया है। इससे उन्हें केवल काम ही नहीं मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और उस मुश्किल दौर से आगे बढ़ने का अवसर भी मिला, जिसने उन्हें सार्वजनिक रूप में चर्चा में ला दिया है।
बिशप के खिलाफ आरोप लगाने वाली नन ने बृहस्पतिवार को मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमने इसकी शुरुआत जरूरत के कारण की थी। पहले सीखी गई सिलाई अब हमारे लिए आजीविका का साधन बन गई है।’’ उन्होंने कहा कि भोजन, कपड़े और दवाइयों के लिए पैसे की जरूरत होती है। जब आर्थिक मदद मिलनी बंद हो गई तो तीनों ने खुद कमाने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें भोजन, कपड़े और दवाइयों के लिए पैसे चाहिए। जब ये चीजें हमें उपलब्ध नहीं कराई गईं तो हमने खुद काम करके धन कमाने का फैसला किया।’’ यह कारोबार शुरुआत में बहुत छोटे स्तर पर शुरू हुआ और अधिकतर ऑर्डर उनके परिचित लोगों से मिले। लोगों के समर्थन और उत्साह को देखते हुए अब उन्होंने इसे बड़े स्तर पर ले जाने और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया है।
नन ने कहा, ‘‘हमने इसे बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। कई लोग हमारे साथ खड़े रहे हैं और उन्हीं लोगों ने इसका नाम ‘स्टैंड बाय मी’ रखने का सुझाव दिया।’’ उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही हैं। हालांकि, आर्थिक आत्मनिर्भरता की उनकी यात्रा बेहद कठिन दौर से शुरू हुई।
वर्ष 2023 में जब ‘कॉन्वेंट’ से मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई तो उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का सवाल खड़ा हो गया। नन ने उस समय को याद करते हुए कहा, ‘‘हम सोच रहे थे कि हाथ में एक पैसा भी नहीं होने पर हम कैसे जिंदा रहेंगे।’’ इनमें से दो ननों के पास सामाजिक कार्य (एमएसडब्ल्यू) की डिग्री है। उन्होंने इंटर्नशिप की तलाश की, लेकिन कानूनी मामले से जुड़े होने के कारण उनके लिए अवसर हासिल करना मुश्किल साबित हुआ।
नन ने कहा, ‘‘तभी हमें समझ आया कि नौकरी पाना आसान नहीं है। इसलिए हमने ऐसा काम करने का फैसला किया जिसे कोई हमसे छीन न सके।’’ अपने शुभचिंतकों की मदद से उन्होंने सिलाई मशीनें खरीदीं और अपने पुराने सिलाई कौशल को फिर से अपनाकर आजीविका कमाने लगीं। अब उनका काम कुछ ऑर्डर तक सीमित नहीं रहा है।
वे नाइटी, चूड़ीदार टॉप, को-ऑर्ड सेट, बैग, टेबल मैट और टेबल रनर जैसे उत्पाद तैयार करती हैं। उन्होंने दो अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है। इन तीनों ननों के लिए ‘स्टैंड बाय मी’ केवल एक कारोबार का नाम नहीं है।
यह उन लोगों की याद दिलाता है जो कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे और साथ ही यह उनके अपने पैरों पर खड़े होने के संकल्प का प्रतीक भी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Asianetnews
prabhasakshi








/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
