विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि रूस-यूक्रेन विवाद का समाधान इस आधार पर नहीं होगा कि देश रूसी तेल, खनिज या अन्य सामान खरीदते हैं या नहीं; उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस विवाद को केवल बातचीत, कूटनीति और चर्चा के ज़रिए ही सुलझाया जा सकता है। इस सवाल के जवाब में कि क्या भारत रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने की स्थिति में अपनी रूसी तेल की खरीद कम करेगा, जयशंकर ने भारत की 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौतियों पर प्रकाश डाला और कहा कि इस मुद्दे पर यूक्रेन और भारत, दोनों के नज़रिए का सम्मान किया जाना चाहिए। कीव में यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ बैठक के बाद सवालों का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा, "मुझे लगता है कि यह समझना भी ज़रूरी है कि ऐसे समय में जब दुनिया में ऊर्जा की स्थिति बहुत मुश्किल है, 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा की व्यवस्था करने में क्या चुनौतियां हैं। इसलिए, मैं यह कहूंगा कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें साफ़ तौर पर यूक्रेन का अपना नज़रिया है, जिसका हम सम्मान करते हैं, और हमारा अपना नज़रिया है, जिसकी मैं उम्मीद करता हूं कि दूसरे भी सम्मान करेंगे।
लेकिन मैं बस इतना और कहना चाहूंगा। आप जानते हैं, यह टकराव, जो आज अपने तीसरे साल में है, इसलिए हल नहीं होगा कि कोई तेल, एल्युमिना, मिनरल, मेटल या फर्टिलाइज़र खरीद रहा है या नहीं। यह टकराव बातचीत, कूटनीति और नेगोशिएशन से ही हल होगा। और इसीलिए हम इसे बढ़ावा देंगे। उन्होंने आगे कहा। पिछले महीने, अमेरिकी सीनेट ने एक बाइपार्टिसन बिल पास किया था। यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों (जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं) से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दे सकता है, जो रूस से तेल और गैस का इंपोर्ट जारी रखते हैं। इस कानून का तर्क है कि ऐसा व्यापार मॉस्को की इकॉनमी को सपोर्ट करता है और यूक्रेन में उसके मिलिट्री ऑपरेशन के लिए फंड जुटाने में मदद करता है। सीनेट ने 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026' को 86-11 वोटों से पास किया।
इस कानून का मकसद रूस और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और उन देशों को टारगेट करना है जो मॉस्को के साथ बड़े पैमाने पर एनर्जी का व्यापार करते हैं। इस बिल के तहत, अमेरिकी राष्ट्रपति के पास रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों से होने वाले आयात पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार होगा। चीन के साथ-साथ भारत भी रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल है।
भारत में पिछले एक दशक में डिजिटल और वित्तीय व्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव आया है. UPI, 5G, और इंटरनेट के आंकड़ों से जानिए कैसे 'डिजिटल इंडिया' ने रफ्तार पकड़ी है. ये सरकारी आंकड़े आपको चौंका देंगे.
India Women vs Hong Kong Women: महिला टी20 एशिया कप 2026 में भारत और हांगकांग के बीच मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा। मैच में हांगकांग की कप्तान नताशा माइल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका मानना है कि शुरुआत में परिस्थितियां गेंदबाजों के लिए मददगार रहेंगी। साथ ही उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा जताते हुए लक्ष्य का पीछा करने की बात कही।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी पहले बल्लेबाजी करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि पिच थोड़ी मुश्किल हो सकती है, इसलिए टीम किसी खास स्कोर को ध्यान में रखकर नहीं उतरेगी। भारत का फोकस अपनी ताकत के मुताबिक क्रिकेट खेलने पर रहेगा। हरमनप्रीत ने कहा, “हमारे दिमाग में कोई टारगेट स्कोर नहीं है। हम सिर्फ अपनी ताकत के मुताबिक खेलना चाहते हैं।
Hong Kong wins the toss and elects to bowl first against India at the #WomensAsiaCup
भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत थाईलैंड के खिलाफ आसान जीत से की थी। हालांकि, उस मुकाबले में मिडिल ओवर्स के दौरान टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए थे। भारतीय टीम अब हांगकांग के खिलाफ इस कमजोरी को सुधारने के इरादे से उतरी है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा से टीम को तेज शुरुआत की उम्मीद होगी, जबकि हरमनप्रीत, ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा पर मिडिल ओवर्स में जिम्मेदारी रहेगी।
दूसरी ओर, हांगकांग की टीम अपने पिछले मुकाबले में थाईलैंड से सिर्फ 6 रन से हार गई थी। टीम की ओर से यास्मिन दसवानी ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे। वहीं, मरीना लैमप्लो ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 4 विकेट लेने के बाद तेजी से 22 रन भी बनाए थे।
हांगकांग की कप्तान नताशा माइल्स ने माना कि भारत के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि करीब 140 से 150 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य साबित हो सकता है। हांगकांग ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में दो बदलाव भी किए हैं।
दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने और आगे के मैचों के लिए लय हासिल करने का अहम मौका है।