'रामायण' के 'लक्ष्मण' से मुंहबोली बहन संग हुई गलती, अब मांगी माफी, बोले- 'भावनाओं में बह गया था', जानें वजह
Sunil Lahri Rakhi Controversy: इंडियन सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर रामानंद सागर की 'रामायण' में 'लक्ष्मण' का किरदार निभाकर सुनील लहरी (Sunil Lahri) काफी पॉपुलर हुए. वह अपने बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहते हैं. हालांकि, इस बार वजह उनका बयान नहीं है बल्कि एक छोटी से भूल है. दरअसल, उन्होंने रक्षा बंधन के मौके पर अपनी मुंहबोली बहन से राखी बंधवाई थी. इस दौरान उनसे एक गलती हो गई थी. जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली थी. अब उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी सफाई दी है. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा.
मुंहबोली बहन से बंधवाई थी राखी
दरअसल, सुनील लहरी ने रक्षा बंधन के मौके पर एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें वह अपनी मुंहबोली बहन सोनम से राखी बंधवाते हुए नजर आए थे. सोशल मीडिया पर लोगों ने मुंहबोली बहन के हाथों राखी बंधवाने के लिए उनकी खूब तारीफ की. एक्टर ने वीडियो शेयर लिखा था, 'मिलिए मेरी नई बहन से, इनका भाई नहीं है, इन्होने मुझे अपना भाई बनाने का अनुरोध किया है, इनका नाम सोनम है, कई सालों से मैं इन से फल खरीदता हूं, रिश्ते खून के ही नहीं, आदर और सम्मान के भी होते हैं.'
मुंहबोली बहन संग हुई गलती
वीडियो में सुनील अपनी मुंहबोली बहन से राखी बंधवाते समय सभी रीति-रिवाज फॉलो करते हुए दिखे. हालांकि, जब उनकी राखी बंधवाने की बारी आई तो उन्होंने अपने सीधे हाथ की कलाई की जगह अपना उल्टा हाथ आगे कर दिया. उस समय ना तो यह बात सुनील के ध्यान में रही और ना ही उनकी मुंहबोली बहन सोनम को पता थी. जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया तो लोगों ने इस चीज को नोटिस कर लिया और इस पर बहस शुरू हो गई है. कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें इतना तो पता होना चाहिए कि राखी सीधे हाथ की कलाई में बांधी जाती है. वहीं, कुछ लोगों ने उनके सपोर्ट में कहा कि हो सकता है उन्हें यह बात याद ना रही हो. बहरहाल, अब इस पूरे मामले में उन्होंने अपनी सफाई दी है. उन्होंने वीडियो शेयर कर अपनी गलती मानी है.
मिलिये मेरी नई बहन से, इनका भाई नहीं है, इन्होने मुझे अपना भाई बनाने का अनुरोध किया है, इनका नाम सोनम है, कई सालों से मैं इन से फल खरीदता हूं, रिश्ते खून के ही नहीं, आदर और सम्मान के भी होते हैं
— Sunil lahri (@LahriSunil) August 29, 2026
Meet my new sister, she doesn't have a brother, she requested me to be her brother, pic.twitter.com/aHuptBYlFh
भावनाओं में बह जाने की वजह से हुई गलती
एक्टर ने वीडियो शेयर कहा कि उनसे यह गलती भावनाओं में बह जाने की वजह से हुई थी. उन्होंने कहा कि अगर भाव सही हो तो गलती माफ की जा सकती है. उन्होंने कहा, 'कभी-कभी भावुक होकर, भावनाओं में बहकर आप कुछ गलतियां कर बैठते हैं. परन्तु, आपके भाव सही हों तो वो गलतियां माफ करने लायक भी होती हैं. जैसे कि रक्षा-बंधन वाले दिन मैं भावुक हो गया था इस बात को सोचकर कि एक छोटी बच्ची, जिसने बचपन में अपने मां-बाप को खोया हो, जिसका कोई भाई नहीं है, आज वो मुझे भाई मानकर मेरे हाथ में राखी बांध रही है.'
लोगों ने पॉइंट आउट किया तब पता चला
उन्होंने आगे कहा कि यह बात उन्हें तब पता चली जब उनके घरवालों और आप लोगों ने पॉइंट आउट किया. उन्होंने कहा, 'इस भावुकता में मैं ये भी भूल गया कि मुझे सीधे हाथ में राखी बंधवानी चाहिए न कि उल्टे हाथ में. और मैंने अनजाने में उल्टा हाथ आगे कर दिया और सोनम ने मुझे उल्टे हाथ में राखी बांध दी. क्योंकि इससे पहले उसने कभी राखी बांधी ही नहीं, उसे इस बारे में पता ही नहीं. ये बात मुझे तब पता लगी जब मेरे घरवालों ने और आपमें से कुछ लोगों ने इस बात को पॉइंट आउट किया. मैं आप लोगों से यही कहूंगा कि मैं कोशिश करूंगा कि आगे इस तरह की कोई गलती न हो.'
ये भी पढ़ें: 51 साल की प्रीति जिंटा करती थीं 18 घंटे काम, शूटिंग के दौरान बच्चों की याद में तड़पीं, अब कही ये बात
खाद्यान्न उत्पादन 376.5 मिलियन टन रहने का अनुमान, मजबूत विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण ढांचे से मिल रहा सपोर्ट
नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2025-26 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 376.563 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के 357.732 मिलियन टन उत्पादन की तुलना में करीब 18.8 मिलियन टन यानी 5.3 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी एक आधिकारिक फैक्टशीट में गुरुवार को दी गई।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक को संचालित करता है, जिसके दायरे में करीब 80 करोड़ लोग आते हैं।
फैक्टशीट में कहा गया, “भारत में कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा प्रयासों के विस्तार के साथ देशभर में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण ढांचे का महत्व बढ़ गया है। सहकारी क्षेत्र में 2023 में शुरू की गई विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) के माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण, खरीद और वितरण प्रणालियों को बेहतर बनाने में मदद की है।”
इस योजना को संस्थागत समन्वय और वित्तीय सहायता तंत्र के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है।
9,750 मिलियन टन भंडारण क्षमता वाले 11 राज्यों में पायलट परियोजनाओं से शुरू हुई यह पहल लगातार विस्तार कर रही है।
फैक्टशीट के अनुसार, जुलाई 2026 तक देशभर में 313 पीएसीएस में गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका था, जिससे 1.80 लाख टन (एलएमटी) से अधिक की भंडारण क्षमता तैयार हुई है। इस ढांचे में गुणवत्ता मानकों, पारदर्शिता और संचालन की व्यवहार्यता पर भी जोर दिया गया है।
सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना का उद्देश्य खाद्यान्न की बर्बादी को कम करना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना, किसानों को संकट में बिक्री से बचने और बेहतर कीमत प्राप्त करने के लिए अधिक लचीलापन देना,खरीद केंद्रों, गोदामों और उचित मूल्य दुकानों के बीच परिवहन लागत कम करना और कृषि गतिविधियों में विविधता लाकर प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) की भूमिका का विस्तार करना है।
यह योजना किसानों के लिए अधिक आय के अवसर पैदा करने में भी मदद करती है।
पायलट परियोजनाओं को महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, असम, कर्नाटक और त्रिपुरा में लागू किया गया।
फैक्टशीट में कहा गया है कि इन पायलट परियोजनाओं ने महत्वपूर्ण परिचालन आधार तैयार किया है और सहकारी स्तर पर स्थानीय भंडारण ढांचे की व्यवहार्यता को प्रदर्शित किया है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







