बाजपुर में मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा, मान्यता के दस्तावेज नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में मदरसों की मान्यता और संचालन से जुड़े नियमों को लेकर प्रशासन की सख्ती जारी है. बुधवार को बाजपुर परगना क्षेत्र में निरीक्षण अभियान के दौरान कई मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई. प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित संस्थानों के संचालक आवश्यक मान्यता और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई.
मान्यता के दस्तावेजों की हुई जांच
जिला प्रशासन के निर्देश पर बाजपुर में एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में टीम ने मदरसों का निरीक्षण किया. कार्रवाई के दौरान राजस्व, शिक्षा, अल्पसंख्यक विभाग और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे. प्रशासन का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि संचालित संस्थान निर्धारित नियमों और आवश्यक मान्यता के अनुरूप चल रहे हैं या नहीं.
निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों के पास आवश्यक दस्तावेज या मान्यता से जुड़े प्रमाण उपलब्ध नहीं मिले, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.
इन मदरसों पर हुई कार्रवाई
ताजा स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार कार्रवाई की सूची में मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम, मदरसा गुलशने इस्लाम, मदरसा जामिया फातिमा और मदरसा मोइनुल उलूम के नाम शामिल हैं. एक अन्य रिपोर्ट में मदरसा हुज्जतुल इस्लाम को भी सील किए जाने की जानकारी दी गई है.
प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आधार संस्थानों द्वारा आवश्यक मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाना बताया गया है.
दूसरे संस्थानों की भी होगी जांच
बाजपुर में हुई कार्रवाई को व्यापक निरीक्षण अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है. प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में संचालित अन्य मदरसों की भी जांच की जा रही है. जिन संस्थानों में मान्यता या निर्धारित नियमों से संबंधित कमियां मिलेंगी, उनके खिलाफ तथ्यों और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर यह अभियान आगे भी जारी रहने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है.
नई शिक्षा व्यवस्था पर जोर
सरकार की ओर से मदरसा शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को उनकी सांस्कृतिक पहचान के साथ आधुनिक विषयों और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है. इसके साथ ही संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है.
हाई कोर्ट पहुंचा मामला
मदरसों की मान्यता से जुड़े नए प्रावधानों को लेकर कुछ संचालकों ने नैनीताल हाई कोर्ट का रुख भी किया है. रिपोर्टों के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं ने मान्यता की अनिवार्यता और उससे जुड़ी शर्तों को चुनौती दी है. मामले में अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है.
आगे भी जारी रह सकता है अभियान
बाजपुर में हुई कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की नजर क्षेत्र के अन्य मदरसों पर है. अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही अगला कदम उठाया जाएगा.
सरकार का रुख साफ है कि शिक्षण संस्थानों को निर्धारित नियमों, मान्यता और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पालन करना होगा. ऐसे में आने वाले दिनों में बाजपुर समेत ऊधमसिंह नगर जिले में मदरसों की जांच और कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है.
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनने पर आया एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का रिएक्शन, देखिए Video
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बुधवार को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया. भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है. नियुक्ति के बाद मिश्रा ने इसे अपने लिए बेहद सौभाग्य की बात बताते हुए कहा कि वह भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं कि देश की सेवा के बाद उन्हें श्रीराम मंदिर और राम भक्तों की सेवा करने का अवसर मिला है.
पहली प्रतिक्रिया में जताया आभार
CEO बनाए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में जितेंद्र मिश्रा ने चयन समिति का आभार जताया. उन्होंने कहा कि इतने उम्मीदवारों के बीच उनका चयन होना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने यह भी कहा कि वह मंदिर के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ बेहतर काम करने का प्रयास करेंगे.
मिश्रा ने अपने बयान में वायुसेना में बिताए करीब 43 वर्षों के सेवाकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सेवा के बाद अब उन्हें श्रीराम मंदिर और श्रद्धालुओं की सेवा का अवसर मिला है. उन्होंने इसे भगवान राम का आशीर्वाद बताया.
ऑपरेशन सिंदूर से भी रहा खास संबंध
जितेंद्र मिश्रा का नाम हाल के वर्षों में भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के कारण चर्चा में रहा है. वह वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख रह चुके हैं. इसी दौरान उन्हें ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी अहम सैन्य जिम्मेदारी संभालने का अनुभव मिला. ताजा रिपोर्टों में उन्हें इस अभियान के दौरान पश्चिमी वायु क्षेत्र की कमान संभालने वाले अधिकारी के तौर पर बताया गया है.
उनका लंबा सैन्य अनुभव अब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज में इस्तेमाल होने की उम्मीद है. CEO की भूमिका मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, प्रशासन और विभिन्न संचालन से जुड़े कामों को अधिक व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण हो सकती है.
#WATCH | Delhi: Air Marshal Jeetendra Mishra (Retd) - the first CEO of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Ayodhya, says, "As I said, I would like to thank the selection committee, Sri Ram Mandir Trust and Lord Ram for having chosen me for this responsibility. I pray to… pic.twitter.com/m6RPNzYzw7
— ANI (@ANI) September 2, 2026
देवरिया के गांव में खुशी का माहौल
जितेंद्र मिश्रा का संबंध उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव से बताया जाता है. राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में उनके चयन की खबर सामने आने के बाद गांव में भी खुशी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने इसे गांव और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया.
एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना के शीर्ष पद तक पहुंचने और अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालने तक का उनका सफर खासा उल्लेखनीय माना जा रहा है.
सैन्य अनुशासन से मंदिर प्रशासन तक
जितेंद्र मिश्रा की नई भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके सैन्य करियर से बिल्कुल अलग क्षेत्र है. हालांकि सैन्य सेवा के दौरान नेतृत्व, रणनीतिक योजना, संगठन और बड़े स्तर पर संचालन का जो अनुभव उन्होंने हासिल किया, उसका उपयोग मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है.
राम मंदिर के निर्माण के साथ अब मंदिर परिसर और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार भी लगातार हो रहा है. ऐसे में एक पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
ट्रस्ट में हुए कई अहम बदलाव
CEO की नियुक्ति के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं. पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नए महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महेश भागचन्दका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है. इस तरह ट्रस्ट में प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियों के स्तर पर भी नए चेहरों को जिम्मेदारी मिली है.
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा अपने सैन्य अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का इस्तेमाल राम मंदिर ट्रस्ट की भविष्य की व्यवस्थाओं को किस तरह दिशा देते हैं.
यह भी पढ़ें - कौन हैं महेश भागचन्दका? राम मंदिर ट्रस्ट में मिली अहम जिम्मेदारी, अशोक सिंघल से है खास संबंध
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