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Karan Singh ने की Himalayan Authority के गठन की मांग

नयी दिल्ली, दो सितंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने नेपाल की विनाशकारी बाढ़ का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि हिमालय से लगे देशों को एक हिमालयी प्राधिकरण गठित करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया। सिंह ने उत्तराखंड में चार धामों को जोड़ने वाले राजमार्ग को चार लेन का किए जाने को ‘‘निंदनीय’’ करार दिया और कहा कि भारत सरकार को हिमालय को विनाश से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

सिंह ने नेपाल में आपदा के कारण हुई जनहानि पर वहां के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी दिवंगत पत्नी नेपाल की रहने वाली थीं और इसलिए इस ‘‘खूबसूरत देश’’ तथा वहां के लोगों से उनका विशेष लगाव है। सिंह ने कहा, ‘‘नेपाल में हुई विनाशकारी घटनाओं से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है।

मैं इस त्रासदी की घड़ी में नेपाल के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं।’’ उन्होंने कहा कि जिस घटना से यह आपदा शुरू हुई, वह तिब्बत में हुई और इसने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की संवेनदशीलता का स्मरण कराया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सिंह ने कहा, ‘‘इसीलिए मेरे जैसे हिमालय प्रेमी लगातार यह आग्रह करते रहे हैं कि भारत सरकार को हिमालय को विनाश से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चार लेन की सड़कों के लिए बड़े पैमाने पर विस्फोट और सड़कों को चौड़ा किया जाना ‘‘निंदनीय’’ है। उनके अनुसार, हिमालय में चार लेन की सड़कों पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और पर्यटकों तथा तीर्थयात्रियों के लिए दो लेन की सड़कें पर्याप्त हैं।

सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि हिमालयी देशों को एक हिमालयी प्राधिकरण गठित करना चाहिए, जिसमें पाकिस्तान, तिब्बत, भारत से लेकर बांग्लादेश और भूटान तक के क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तभी एक समान नीति अपनाई जा सकेगी। यह उचित होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ पहल करें।

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हिंदू अधिकारियों को खतरा क्यों नहीं? कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों पर फारूक अब्दुल्ला का बयान

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को हाल ही में मिली धमकियां एक साजिश का हिस्सा हैं, जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा फिर से मिलने से रोकना है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि केंद्र शासित प्रदेश में तैनात वरिष्ठ हिंदू पुलिस अधिकारियों को ऐसी धमकियों का सामना क्यों नहीं करना पड़ रहा है। 
 

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कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को हाल ही में मिली धमकियों पर JKNC के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ये धमकियां कौन दे रहा है? क्या कश्मीरी पंडित यहां नहीं रहते? यहां के अधिकारी—DIG, DG और SP (जिला SP समेत)—सभी बाहर के हिंदू हैं। डिप्टी कमिश्नर भी हिंदू हैं। उन्हें धमकियां क्यों नहीं मिल रही हैं? सवाल यह है कि अगर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, तो उन्हें धमकियां क्यों नहीं मिल रही हैं? यह एक साजिश है; यह इस इलाके को राज्य का दर्जा न देने और डर का माहौल बनाने की चाल है। वे दुनिया भर में दावा कर रहे हैं कि यहां शांति बहाल हो गई है और उग्रवाद खत्म हो गया है। तो फिर यह सब कहां से आ रहा है? उन्हें इसका जवाब देने दें। 

अब्दुल्ला की बातों पर राजनीतिक कमेंटेटर प्रदीप भंडारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता की आलोचना की। X पर एक पोस्ट में, भंडारी ने अब्दुल्ला पर कश्मीरी हिंदुओं का मज़ाक उड़ाने का आरोप लगाया और समुदाय को मिली कथित धमकियों पर उनकी प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। भंडारी ने कहा कि हिंदुओं को मिल रही इस्लामी धमकियों का सामना करने के बजाय, वह पूछते हैं: 'हिंदू अधिकारियों को धमकियां क्यों नहीं मिल रही हैं?
 

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उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इन बयानों से आतंकवाद-समर्थक सोच झलकती है और कहा कि इन्हीं की वजह से घाटी से कश्मीरी हिंदुओं को विस्थापित होना पड़ा। भंडारी ने यह भी आरोप लगाया कि 70 कट्टर आतंकवादियों को रिहा किया गया और कश्मीरी हिंदुओं के मुद्दे पर कांग्रेस और फारूक अब्दुल्ला के रुख की आलोचना की।
 
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  Sports

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Iceland cricket brutal trolls Mohsin Naqvi: पाकिस्तान क्रिकेट टीम की इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार हार और बीच दौरे से 7 खिलाड़ियों को वापस भेजने के फैसले पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस निर्णय पर 'आइसलैंड क्रिकेट' ने पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर तंज कसा. वहीं, आलोचनाओं से घिरे नकवी ने लंदन में आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा कि जीवन में कुछ न हासिल करने वाले लोग बयानबाजी कर रहे हैं. Fri, 4 Sep 2026 22:25:21 +0530

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