Moradabad news: विश्व इतिहास में ऐसी दो बहुत ही रोचक और महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. उनमें से पहली घटना राजस्थान की प्रसिद्ध मतीरे की राड़ है. यह युद्ध बीकानेर के तत्कालीन राजा कर्ण सिंह और नागौर रियासत के बीच केवल एक मतीरे के लिए हुआ था. जो आज भी अपनी अनोखी वजह से इतिहास के पन्नों में बड़े चाव से याद किया जाता है. इसी प्रकार मुरादाबाद में भी कद्दू को लेकर झगड़ा हुआ था. जो आज भी इतिहास में दर्ज है और इस कद्दू के झगड़े में कई लोगों की जान तक चली गई थी.
Jainendrajeet IIT Success Story: 10वीं की मार्कशीट में सिर्फ 54% मार्क्स देखकर लोग ताने मारते थे. लेकिन बिहार के जैनेंद्रजीत ने बीमारी और तानों को दरकिनार कर ऐसी वापसी की कि सब हैरान रह गए. जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया 349वीं रैंक लाकर आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस की सीट हासिल करने वाले जैनेंद्रजीत की कहानी बहुत इंस्पायरिंग है.
Lakshya Sen: भारतीय शटलर लक्ष्य सेन का खराब फॉर्म चाइना मास्टर्स (शेंजेन) में भी जारी रहा। बुधवार को खेले गए मुकाबले में 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन को कनाडाई खिलाड़ी विक्टर लाई के हाथों शुरुआती दौर में ही शिकस्त का सामना करना पड़ा। महज 38 मिनट तक चले इस मुकाबले में लक्ष्य सेन को सीधे गेमों में 14-21, 7-21 से हार मिली। विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज विक्टर लाई ने मैच के अधिकांश समय अपना दबदबा बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ी की गलतियों का पूरा फायदा उठाकर आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
शुरुआत अच्छी रही लेकिन लय बरकरार नहीं रख सके सेन मैच की शुरुआत में लक्ष्य सेन ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 4-0 की बढ़त हासिल की थी, लेकिन इसके बाद विक्टर लाई ने शानदार वापसी करते हुए अपनी लय पकड़ ली। कनाडाई खिलाड़ी की मजबूत डिफेंस ने भारतीय शटलर को काफी परेशान किया, जिससे लक्ष्य रैलियों को अपने पक्ष में मोड़ने में असफल रहे और अंक हासिल करने के लिए ज्यादा जोखिम उठाने लगे। बैकहैंड साइडलाइन पर लगातार शॉट बाहर मारने के कारण उन पर दबाव बढ़ता गया और लाई ने इसका फायदा उठाकर पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी नहीं कर पाए वापसी पहला गेम हारने के बाद लक्ष्य सेन मैच में वापसी करने में पूरी तरह नाकाम रहे। गेम के बीच में अंतराल (इंटरवल) के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। विक्टर लाई लगातार लंबी रैलियां खींचकर भारतीय खिलाड़ी के हमलों को नाकाम करते रहे, जबकि सेन की निराशा साफ झलकने लगी। भारतीय खिलाड़ी 4-11 से पिछड़ने के बाद फासला पाटने में असमर्थ रहे। मैच में वापसी के लिए किए गए प्रयासों के दौरान उनसे कई अनफर्स्ड एरर (बेवजह की गलतियां) हुए, जिसका फायदा उठाकर लाई ने दूसरा गेम 21-7 से जीतकर लक्ष्य के सफर का अंत कर दिया। इस हार के साथ ही हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में भी विक्टर लाई की स्थिति मजबूत हो गई है, जिन्होंने अब तक दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए चार मुकाबलों में तीन बार जीत दर्ज की है।
किदांबी श्रीकांत और मिक्स्ड डबल्स में मिली सफलता दूसरी ओर, किदांबी श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की एकल चुनौती को मजबूती दी है। 2021 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता श्रीकांत ने अपने पहले दौर के मुकाबले में चीनी ताइपे के ची यू जेन को सीधे गेमों में 21-16, 21-15 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। श्रीकांत ने दोनों ही गेमों में नियंत्रण बनाए रखा और बिना कोई गेम गंवाए मैच अपने नाम किया।
इसके अलावा, मिक्स्ड डबल्स वर्ग में भी भारत को सफलता मिली, जहां ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी ने थाईलैंड के तन्नाकोर्न सेहेन्ग और तन्निचा सेहेन्ग को 21-8, 21-9 से मात दी। बुधवार को बाद के सत्र में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी मेंस डबल्स में, जबकि तन्वी शर्मा और देविका सिहाग विमेंस सिंगल्स में अपनी चुनौती पेश करने उतरने वाली थीं।