200MP कैमरा, 16GB रैम, 9000mAh बैटरी के साथ आते ही छा जाएगा OnePlus 16; फीचर्स, लॉन्च टाइम और कीमत लीक
OnePlus 16 को लेकर बड़ा लीक सामने आया है। फोन में 200MP कैमरा, 9000mAh बैटरी, 16GB RAM और दमदार प्रोसेसर मिल सकता है। जानें लॉन्च डेट, कीमत और फीचर्स।
Explainer: महायुति में फिर बढ़ी टेंशन? कैबिनेट बैठक से शिंदे की दूरी ने खोल दी सरकार की पोल! जानें क्या है विवाद की असल वजह...
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में मतभेद की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं. बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट में मनमुटाव की खबरें आ रही हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है. मीडिया में ये खबरें सुर्खियां भी बटोर रही हैं. सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या शिवसेना और भाजपा के बीच सब कुछ वाकई ठीक चल रहा है? वहीं, बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हुए, इस घटनाक्रम ने इन अटकलों को और हवा दी है.
बता दें यह पहला मौका नहीं है जब शिंदे या उनके गुट के मंत्री किसी अहम बैठक से दूरी बनाते नजर आए हों. इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिनके बाद हर बार गठबंधन के भीतर तनाव की चर्चा शुरू हो जाती है.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Non-Marathi auto-rickshaw drivers celebrate and express gratitude to Maharashtra CM Devendra Fadnavis for the decision to grant them a one-year extension to learn Marathi. The decision comes as a major relief for non-Marathi auto-rickshaw drivers. pic.twitter.com/Gu6yp4Uu2u
— ANI (@ANI) August 28, 2026
मराठी भाषा विवाद बना ताजा तनाव की जड़
इस बार का विवाद जुड़ा है गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए बाध्य करने वाले आदेश. बता दें यह आदेश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने जारी किया था जो शिवसेना खेमे से आते हैं. लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस सख्त आदेश को एक साल के लिए टाल दिया. टालने वाले निर्देश के बाद शिवसेना के भीतर सीएम के इस फैसले को लेकर नाराजगी की खबरें आईं, क्योंकि मराठी अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर पार्टी हमेशा से आक्रामक रुख अपनाती रही है. आदेश को टालना शिवसेना की राजनीतिक जमीन पर सीधा असर माना गया.
भाजपा का दावा... नहीं है कोई नाराजगी
भाजपा ने इन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है. पार्टी की तरफ से कहा गया कि शिंदे के कुछ कार्यक्रम पहले से तय थे, इसलिए वे बैठक में शरीक नहीं हो सके. सरकार के भीतर किसी तरह की खींचतान नहीं है. भाजपा नेताओं ने मीडिया के सामने बयान दिया कि शिंदे का दिल्ली दौरा सुप्रीम कोर्ट में चल रहे शिवसेना चुनाव चिन्ह मामले से जुड़ा था, न कि वह किसी से नाराज हैं.
Maharashtra auto, taxi drivers get one year to learn functional Marathi after seeking more time: CM Fadnavis
— ANI Digital (@ani_digital) August 27, 2026
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पहले भी कई बार दिख चुकी है यही तस्वीर
अगर पीछे मुड़कर देखें तो बीते कुछ महीनों में यह तीसरा या चौथा मौका है जब शिवसेना खेमे और कैबिनेट बैठकों के बीच दूरी की खबरें सामने आई हैं. इससे पहले मुंबई महानगरपालिका सहित कई नगर निकाय चुनावों से पहले सीट बंटवारे को लेकर महायुति के भीतर खींचतान इतनी बढ़ गई थी कि दर्जन भर से ज्यादा निकायों में गठबंधन टूट गया था और सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर आए थे. बता दें उस दौर में भी एक अहम कैबिनेट बैठक से शिंदे गुट के मंत्री गायब रहे थे, जिसके बाद यही कहा गया था कि सीटों के तालमेल को लेकर नाराजगी है.
आगे क्या होगा? नगर निकाय चुनाव और 2027 पर टिकी निगाहें
महाराष्ट्र में आने वाले समय में नगर निकाय और महानगरपालिका चुनाव होने हैं और इसी वजह से सीटों के तालमेल को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान और तेज होने की आशंका जताई जा रही है. साथ ही मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में भी भाजपा और शिवसेना के आमने-सामने आने की खबरें हैं जो गठबंधन के भीतर भरोसे की कमी को और उजागर करती हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ छिटपुट मतभेद हैं, जो चुनावी दबाव में वक्त-वक्त पर सामने आते रहेंगे या फिर महायुति की बुनियाद में कोई गहरी दरार पड़ चुकी है.
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