शिवपुरी में अज्ञात बीमारी का कहर, 10 दिन में एक ही परिवार के 4 बच्चों की गई जान
शिवपुरी (मध्यप्रदेश), दो सितंबर मध्यप्रदेश के शिवपुरी में अज्ञात बीमारी से विगत 10 दिन में एक ही परिवार के तीन नाबालिगों सहित चार की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया और मंगलवार शाम उसकी एक टीम ने पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात कर जानकारी हासिल की।
अधिकारी के मुताबिक मामला शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र का है, जहां के तनवीर अहमद नामक शख्स के परिवार में 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच एक के बाद एक कुल चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारी के मुताबिक चारों की तबीयत लगभग एक जैसी बिगड़ी। पहले बुखार आया, इसके बाद पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और हालत तेजी से गंभीर होती चली गई।
अधिकारी ने बताया कि परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन दो-तीन दिन के भीतर ही एक के बाद एक चारों बच्चों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन बच्चे सगे भाई हैं, जबकि चौथा बच्चा उनका रिश्तेदार है। अचानक हुई इन मौतों से परिवार में मातम पसरा है और परिजन सदमे में हैं।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) डाक्टर संजय ऋषिश्वर ने बताया कि वह स्वयं परिवार के पास पहुंचे थे और प्रारंभिक जांच में चारों की मौत संक्रमण से होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया, बच्चों की प्लेटलेट्स तेजी से कम हुई थीं। एक बच्चे के मामले में स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।
परिवार के सभी सदस्यों के नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारण के संबंध में कोई स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। परिजनों के मुताबिक सबसे पहले 18 अगस्त को तनवीर अहमद के 14 वर्षीय बेटे ताहिर की तबीयत खराब हुई।
उन्होंने बताया कि उसे बुखार के साथ उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई तथा हालत बिगड़ने पर उसका इलाज कराया गया लेकिन दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान उसकी प्लेटलेट्स तेजी से कम होने की बात सामने आई थी। ताहिर की मौत के सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि तनवीर की बहन के 19 वर्षीय बेटे अयाज की तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों ने बताया कि उसे पहले शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर ग्वालियर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान 23 अगस्त को अयाज ने भी दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक अयाज की जांच में संक्रमण की बात सामने आई थी।
इसके बाद परिवार के दो और बच्चों नौ वर्षीय तारूफ और 11 वर्षीय तासिफ को बुखार आया और दोनों की तबीयत भी तेजी से बिगड़ने लगी। परिवार ने उनका इलाज कराया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। 31 अगस्त की सुबह तारूफ की मौत हो गई, जबकि उसी दिन शाम को उसके बड़े भाई तासिफ ने भी दम तोड़ दिया।
सिर्फ 10 दिनों के भीतर परिवार के चार बच्चों की मौत ने परिजनों को पूरी तरह तोड़ दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने कम समय में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसकी गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
परिजनों के मुताबिक चारों बच्चे 16 अगस्त को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोरा टीला के पास स्थित एक झरने पर नहाने गए थे। उन्होंने कहा कि झरने से लौटने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और कुछ ही दिनों में चारों बच्चे बीमार पड़ गए और फिर एक के बाद एक उनकी मौत हो गई। परिवार और स्थानीय लोगों ने झरने के पानी के दूषित होने की आशंका जताई है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार शाम परिवार के घर पहुंची और वहां मौजूद लोगों के नमूने लिए। विभाग अब बच्चों की बीमारी, उनके इलाज की रिपोर्ट और परिवार के अन्य सदस्यों की जांच रिपोर्ट के आधार पर मौतों की वजह पता करने में जुटा है।
एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ, ऐसे में मौत का मुख्य कारण स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भदोही में सीएमएस की हत्या की साजिश रचने वाले दो संविदा स्वास्थ्यकर्मी गिरफ्तार
भदोही (उप्र), दो सितंबर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दो संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) संतोष कुमार चक ने बताया कि सीएमएस फूलचंद बिंद करीब एक महीने पहले भानिपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात हुए थे।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले कहासुनी के बाद बिंद का संविदा कर्मियों अजीत कुमार (39) और श्याम सुंदर सिंह (51) के साथ विवाद हो गया था। सीएमओ ने कहा कि बिंद ने बाद में विभागीय शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हुई जांच में दोनों कर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। पुलिस ने बताया कि बिंद ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि अजीत और श्याम ने उनकी हत्या की साजिश रची है और अपने आरोपों के समर्थन में कई ऑडियो क्लिप भी सौंपी हैं।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर भी प्रसारित एक क्लिप में दोनों को कथित तौर पर इस बारे में चर्चा करते हुए सुना जा सकता है कि जब बिंद स्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकलें तो उन्हें सड़क हादसे में मरवा दिया जाए। इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि अजीत को ऊंज थाना क्षेत्र से और श्याम को ज्ञानपुर क्षेत्र से मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया गया। कुमार ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि क्या इस कथित साजिश में कोई अन्य लोग भी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि बिंद द्वारा सौंपी गई आवाज की रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा और आरोपी व्यक्तियों के आवाज के नमूनों का उनसे मिलान किया जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी। सीएमओ ने बताया कि दोनों संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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