ओरछा के जहांगीर महल का नाम वीर सिंह जूदेव के नाम पर हो सकता है: मुख्यमंत्री मोहन यादव
ओरछा, एक सितंबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओरछा के प्रसिद्ध जहांगीर महल का नाम बुंदेला शासक वीर सिंह जूदेव के नाम पर किए जाने के संकेत दिए। ओरछा में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे यादव ने सोमवार को रामराजा सरकार मंदिर के दर्शन किए और रामराजा लोक में जारी विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जहांगीर महल का निर्माण राजा वीर सिंह ने कराया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत के कई ऐसे पहलू हैं, जिन्हें लोगों के सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी का सम्मान करती है और ओरछा में बुंदेला राजाओं की स्थापत्य कला तथा समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मौके पर मौजूद मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि जहांगीर महल का नाम वीर सिंह महल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस शासक ने महल बनवाया, उसी के नाम पर इसका नाम होना उचित है। बेतवा नदी के किनारे स्थित ओरछा अपने ऐतिहासिक महलों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इतिहासकारों के अनुसार, जहांगीर महल का निर्माण राजा वीर सिंह ने मुगल सम्राट जहांगीर के लिए कराया था।
हालांकि, जहांगीर यहां कभी रहने नहीं आए। यह महल बुंदेला और मुगल स्थापत्य शैली के अनूठे मिश्रण का उदाहरण है। वीर सिंह जूदेव बुंदेला शासक मधुकर शाह के चौथे पुत्र थे।
इतिहासकारों के अनुसार, वह मुगल सम्राट अकबर के विरोधी लेकिन उनके पुत्र सलीम (जहांगीर) के मित्र थे।
सीतापुर में बारिश से कच्ची दीवार ढहने पर बच्ची और चाचा की मौत, एक अन्य घायल
सीतापुर, एक सितंबर उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मंगलवार शाम मिट्टी की दीवार गिरने से एक बच्ची समेत दो लोगों की दबकर मौत हो गई जबकि एक बच्चा घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, कमलापुर थाना क्षेत्र के गौरा गांव में हुए इस हादसे में नेकराम (32) और उनकी पांच वर्षीय भतीजी लक्ष्मी की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि हादसे में घायल आठ वर्षीय मोहित का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मिट्टी से बने घर का ढांचा कमजोर हो गया था और मंगलवार देर शाम बारिश के दौरान घर की दीवार अचानक ढह गई, जिससे नेकराम, लक्ष्मी और मोहित मलबे में दब गए। कमलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया तथा तीनों लोगों को बाहर निकाला।
उन्होंने बताया कि दोनों मृतकों के शव कसमंडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में रखे गए हैं और बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाएगा। चौधरी ने बताया कि घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









