अभिषेक बनर्जी के कोलकाता कार्यालय को अग्नि सुरक्षा खामियों पर मिला नोटिस
कोलकाता, दो सितंबर पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय को कथित सुरक्षा खामियों को लेकर नोटिस जारी किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि परिसर की अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की अवधि 10 अगस्त को समाप्त हो गयी थी और उसका अब तक नवीनीकरण नहीं कराया गया।
अधिकारी ने मंगलवार शाम ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘कुछ सुरक्षा खामियां पाई गई हैं और हमने 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा है।’’ विभाग ने इमारत के मालिक और किरायेदार से यह भी स्पष्टीकरण मांगा है कि आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना परिसर का संचालन किए जाने के कारण उसे सील क्यों नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत की मंजिलों की जांच की थी। इस दौरान सातवीं और आठवीं मंजिल पर स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय वाले हिस्सों का भी निरीक्षण किया गया।
यह जांच जारी अग्नि सुरक्षा ऑडिट का हिस्सा थी। नोटिस के अनुसार, निरीक्षण में परिसर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां पाई गईं। इनमें सातवीं मंजिल पर आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता नहीं होना और आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए अलग से अग्नि निकास मार्ग का नहीं होना शामिल है।
नोटिस में कहा गया है कि अग्नि चेतावनी प्रणाली भी काम नहीं कर रही थी या ठीक से संचालित नहीं हो रही थी। यह नोटिस कैमक स्ट्रीट स्थित परिसर से कथित रूप से अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई के कुछ दिनों बाद आया है। इस कार्रवाई के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं, पुलिस और नगर निकाय अधिकारियों के बीच कथित तौर पर टकराव हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि आगे की कार्रवाई का फैसला करने से पहले अग्निशमन विभाग भवन मालिक और किरायेदार की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर सकता है।
ओरछा के जहांगीर महल का नाम वीर सिंह जूदेव के नाम पर हो सकता है: मुख्यमंत्री मोहन यादव
ओरछा, एक सितंबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओरछा के प्रसिद्ध जहांगीर महल का नाम बुंदेला शासक वीर सिंह जूदेव के नाम पर किए जाने के संकेत दिए। ओरछा में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे यादव ने सोमवार को रामराजा सरकार मंदिर के दर्शन किए और रामराजा लोक में जारी विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जहांगीर महल का निर्माण राजा वीर सिंह ने कराया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत के कई ऐसे पहलू हैं, जिन्हें लोगों के सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी का सम्मान करती है और ओरछा में बुंदेला राजाओं की स्थापत्य कला तथा समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मौके पर मौजूद मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि जहांगीर महल का नाम वीर सिंह महल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस शासक ने महल बनवाया, उसी के नाम पर इसका नाम होना उचित है। बेतवा नदी के किनारे स्थित ओरछा अपने ऐतिहासिक महलों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इतिहासकारों के अनुसार, जहांगीर महल का निर्माण राजा वीर सिंह ने मुगल सम्राट जहांगीर के लिए कराया था।
हालांकि, जहांगीर यहां कभी रहने नहीं आए। यह महल बुंदेला और मुगल स्थापत्य शैली के अनूठे मिश्रण का उदाहरण है। वीर सिंह जूदेव बुंदेला शासक मधुकर शाह के चौथे पुत्र थे।
इतिहासकारों के अनुसार, वह मुगल सम्राट अकबर के विरोधी लेकिन उनके पुत्र सलीम (जहांगीर) के मित्र थे।
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