उत्तराखंड और असम में भारी बारिश से तबाही, 11 लोगों की मौत
नयी दिल्ली, एक सितंबर देश के कई हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश ने तबाही मचाई, जिसके कारण असम और उत्तराखंड में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। वहीं झारखंड और उत्तर प्रदेश में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया, सड़कें और मकान पानी में डूब गए, ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं और स्कूलों को बंद करना पड़ा। बारिश का सबसे बुरा असर उत्तराखंड में दिखा, जहां मकान गिरने और तेज बहाव के कारण गाड़ी बहने जैसी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई।
अल्मोड़ा के ओद्युडा गांव में तड़के एक मकान की दीवार ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। अल्मोड़ा की एक अन्य घटना में, धारकितुनी इलाके में एक पुराने मकान की दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गई। इन ताजा घटनाओं के बाद अल्मोड़ा जिले में बारिश के कारण जान गंवाने वालों की संख्या कम से कम पांच हो गई है।
देहरादून में, सोमवार देर रात लोअर कंडोली इलाके में कंडोली पुल के पास पानी के तेज बहाव में एक कार बह गई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई। देहरादून-मसूरी राजमार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक रहा, जहां बार-बार भूस्खलन, सड़क धंसने और चट्टानें गिरने के कारण मसूरी के पास के रास्ते बंद हो गए।
भारी बारिश के कारण नदियां और नाले भी उफान पर आ गए। ऋषिकेश में बिन नदी पहले से ही उफान पर थी वहीं हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर बढ़ गया। हल्द्वानी में मंगलवार को खत्म हुए 24 घंटों में 192 मिमी बारिश दर्ज की गई।
नैनीताल के मॉल रोड पर सीवर का पानी भर गया, जबकि रामनगर-हल्द्वानी राज्य राजमार्ग पर बेलगढ़ नाले का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण यातायात बाधित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नैनीताल और अल्मोड़ा के लिए ‘रेड अलर्ट’ और राज्य के ज़्यादातर अन्य हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। अधिकारियों ने नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।
असम में भी भारी बारिश का कहर देखने को मिला। गुवाहाटी में भूस्खलन की दो घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई जिनमें तीन लोग एक ही परिवार के थे। झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद राज्य के 10 ज़िलों के लिए अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में सोमवार से 217 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं गिरिडीह के डुमरी में 162.2 मिमी और लातेहार के महुआडांड़ में 146.2 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा ज़िलों के लिए अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।
इस बीच ओडिशा के कई हिस्सों में कम दबाव के कारण भारी बारिश हुई जिससे राज्य के उत्तरी इलाके की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया और मयूरभंज व जाजपुर जिलों में फिर से बाढ़ आ गई। मौसम विभाग ने बुधवार को सुंदरगढ़, मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर, देवगढ़ और अंगुल समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। राज्य सरकार ने बाढ़ के पानी से डूबे 147 गांवों में राहत और बचाव दल तैनात करके स्थिति से निपटने की तैयारी की है।
अधिकारियों ने बताया कि मयूरभंज जिले में 2,000 से ज़्यादा लोगों को राहत केंद्रों में पहुंचाया गया। मयूरभंज जिले में 84 गांवों और दो शहरी वार्डों में बाढ़ का पानी घुस गया, जबकि जाजपुर जिले में 62 गांव प्रभावित हुए हैं।
अभिषेक बनर्जी के कोलकाता कार्यालय को अग्नि सुरक्षा खामियों पर मिला नोटिस
कोलकाता, दो सितंबर पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय को कथित सुरक्षा खामियों को लेकर नोटिस जारी किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि परिसर की अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की अवधि 10 अगस्त को समाप्त हो गयी थी और उसका अब तक नवीनीकरण नहीं कराया गया।
अधिकारी ने मंगलवार शाम ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘कुछ सुरक्षा खामियां पाई गई हैं और हमने 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा है।’’ विभाग ने इमारत के मालिक और किरायेदार से यह भी स्पष्टीकरण मांगा है कि आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना परिसर का संचालन किए जाने के कारण उसे सील क्यों नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत की मंजिलों की जांच की थी। इस दौरान सातवीं और आठवीं मंजिल पर स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय वाले हिस्सों का भी निरीक्षण किया गया।
यह जांच जारी अग्नि सुरक्षा ऑडिट का हिस्सा थी। नोटिस के अनुसार, निरीक्षण में परिसर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां पाई गईं। इनमें सातवीं मंजिल पर आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता नहीं होना और आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए अलग से अग्नि निकास मार्ग का नहीं होना शामिल है।
नोटिस में कहा गया है कि अग्नि चेतावनी प्रणाली भी काम नहीं कर रही थी या ठीक से संचालित नहीं हो रही थी। यह नोटिस कैमक स्ट्रीट स्थित परिसर से कथित रूप से अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई के कुछ दिनों बाद आया है। इस कार्रवाई के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं, पुलिस और नगर निकाय अधिकारियों के बीच कथित तौर पर टकराव हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि आगे की कार्रवाई का फैसला करने से पहले अग्निशमन विभाग भवन मालिक और किरायेदार की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर सकता है।
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