सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की, मानहानि केस में पुणे कोर्ट में बोले प्रपौत्र सात्यकि
पुणे, एक सितंबर हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर के प्रपौत्र सात्यकि सावरकर ने मंगलवार को यहां एक विशेष अदालत में कहा कि उनके परदादा ने ‘‘कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की’’ और उनके लेखन में मुसलमानों की प्रगति के रास्ते बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऐसे बयान दिए, जिनमें सावरकर को ‘‘मुसलमानों से बेहद नफरत करने वाले व्यक्ति’’ के रूप में पेश किया गया। सात्यकि ने यह बयान लंदन में दिए गए कथित बयानों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2023 में दर्ज मानहानि मामले में अधिवक्ता मिलिंद पवार द्वारा की गई जिरह के दौरान दिया।
जिरह के दौरान अधिवक्ता पवार ने सात्यकि सावरकर से राहुल गांधी के कथित भाषण के उन सटीक शब्दों को बताने को कहा, जिनसे ‘‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।’’ सात्यकि सावरकर ने राहुल गांधी का यह बयान दोहराया, ‘‘सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक मुस्लिम युवक की पिटाई की थी और उन्हें ऐसा करने में खुशी मिली थी।’’ सात्यकि सावरकर ने कहा, ‘‘इन शब्दों के जरिए सावरकर को मुसलमानों से बेहद नफरत करने वाले व्यक्ति के रूप में पेश किया गया। सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की। बल्कि अपने लेखन में उन्होंने उनकी प्रगति के रास्ते और साधन बताए।
एआई दौर में भारतीय संगीत और भाषाएं बचाने के लिए विशेष प्रयास जरूरी: प्रसून जोशी
नयी दिल्ली, एक सितंबर प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत की सांस्कृतिक विरासत, संगीत और विलुप्त हो रही भाषाओं को बचाने व सुरक्षित रखने को लेकर मंगलवार को गहरी चिंता जताई। जोशी ने संगीत ऐप ‘स्पॉटिफाई’ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, हमारी सभ्यता से जुड़ी कुछ भाषाओं, कुछ रचनाओं को बचाने व सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। एआई की दुनिया में हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि कला नहीं बच पाएगी, हालांकि कलाकारों को कुछ अवसर जरूर मिलेंगे।
जोशी ने कहा कि मनुष्य एआई के साथ मिलकर काम करेंगे और दोनों के बीच कोई ऊंच-नीच या श्रेष्ठता का संबंध नहीं होगा। जोशी ने कहा, मैं एआई को कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं मानता। इसमें कुछ भी कृत्रिम नहीं है।
यह पूरी तरह मनुष्यों से मिली सूचनाओं और उनके अनुभवों से जुड़ा है।” कार्यक्रम से इतर जोशी ने कहा कि वह संगीत समेत भारत की सांस्कृतिक विरासत को बचाने व सुरक्षित रखने को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, सिनेमा और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े एक समूह का मैं नेतृत्व कर रहा हूं। एआई, रचनात्मक क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था, भविष्य में रचनात्मकता किस दिशा में जाएगी और इसमें सरकार तथा निजी कंपनियां किस तरह मिलकर काम कर सकती हैं, इन सभी मुद्दों पर चर्चा जारी है।
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