देहरादून में नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, 208 मुकदमे दर्ज, 237 आरोपी जेल; बिना पंजीकरण नशामुक्ति केंद्र होगा सीज
उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत देहरादून जिला प्रशासन ने अब कार्रवाई को और तेज कर दिया है. नशे की सप्लाई चेन पर प्रहार के साथ-साथ अवैध रूप से संचालित नशामुक्ति केंद्रों, मेडिकल स्टोर, शिक्षण संस्थानों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए.
बिना पंजीकरण चल रहे नशामुक्ति केंद्र पर कार्रवाई
जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की समीक्षा बैठक में मोथरोवाला क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केंद्र की शिकायत सामने आई. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने केंद्र को तत्काल सीज करने के निर्देश दिए.
इसके साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है. प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे केंद्र निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही संचालित हों.
अब ऑनलाइन डैशबोर्ड से होगी निगरानी
जिले के सभी नशामुक्ति केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा. इस व्यवस्था से केंद्रों की जानकारी और उनकी व्यवस्थाओं की केंद्रीकृत निगरानी संभव होगी.
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल निगरानी से अनियमितताओं की पहचान तेजी से की जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
कॉलेजों में होगी औचक जांच और सैंपलिंग
नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों पर भी विशेष ध्यान देने का फैसला किया है. कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में औचक निरीक्षण किए जाएंगे. संदिग्ध मामलों में रैंडम सैंपलिंग के निर्देश भी दिए गए हैं.
छात्रों को नशे से दूर रखने के लिए ई-शपथ और एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यशालाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा. हॉस्टल, पीजी और कोचिंग संस्थानों में सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.
2026 में 208 मामले, 237 आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 208 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 237 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है. नशे की सप्लाई चेन से जुड़े 40 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 और चार के खिलाफ धारा 27ए के तहत कार्रवाई की गई है.
वहीं, औषधि विभाग ने जुलाई तक 58 औचक निरीक्षण किए. इनमें 15 संदिग्ध मामलों में नमूने लिए गए. नकली या मिलावटी दवाओं से जुड़े चार मामलों में एफआईआर दर्ज हुई और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की गई.
GIS मैपिंग से चिन्हित होंगे नशे के हॉटस्पॉट
पुलिस को पुराने अपराध आंकड़ों का GIS आधारित विश्लेषण कर नशे से प्रभावित संवेदनशील इलाकों और हॉटस्पॉट की पहचान करने को कहा गया है. इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध कार्रवाई के जरिए नशे की डिमांड और सप्लाई दोनों पर प्रहार करने की रणनीति बनाई गई है.
मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी, दवा रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर की भी नियमित जांच होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध अफीम, गांजा और भांग के उत्पादन एवं कारोबार पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी.
रायवाला में बनेगा 75 बेड का नशामुक्ति केंद्र
नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए उपचार और पुनर्वास व्यवस्था मजबूत करने की भी तैयारी है. रायवाला के पास 75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र का प्रस्ताव है. भवन निर्माण के लिए 775.09 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई है, जबकि पहली किस्त के रूप में 132 लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं.
प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा. सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ जागरूकता, निगरानी, उपचार और पुनर्वास को भी अभियान का अहम हिस्सा बनाया जाएगा.
यह भी पढे़ं - Uttarakhand: मुख्य सचिव ने की प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा, तेजी लाने के दिए निर्देश
'Sheesha' गाने पर लड़की ने लगाए जबरदस्त ठुमके, सफेद सूट में डांस देख लोग हुए दीवाने
'Sheesha' गाने पर लड़की ने लगाए जबरदस्त ठुमके, सफेद सूट में डांस देख लोग हुए दीवाने
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Samacharnama






