NEET PG 2026 Admit Card: नीट पीजी एडमिट कार्ड आज होंगे जारी, 30 अगस्त को होगी परीक्षा; ऐसे करें डाउनलोड
NEET PG 2026 admit card: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) आज यानी 25 अगस्त 2026 को NEET PG 2026 के प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी करने जा रहा है। बोर्ड द्वारा जारी हालिया अधिसूचना के मुताबिक, उम्मीदवार आज से ही अपने एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके आधिकारिक पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। यह घोषणा ठीक उस परीक्षा से कुछ दिन पहले की गई है, जिसका आयोजन निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 30 अगस्त 2026 को होना है।
परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम और तारीखें
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नीचे दिए गए जरूरी परीक्षा शेड्यूल को अच्छी तरह नोट कर लें:
- एडमिट कार्ड जारी होने की तिथि: 25 अगस्त 2026
- NEET PG 2026 परीक्षा तिथि: 30 अगस्त 2026
- रिजल्ट घोषणा की संभावित तिथि: 30 सितंबर 2026 तक
- इंटर्नशिप पूरी करने की अंतिम तिथि (कट-ऑफ): 30 सितंबर 2026
बोर्ड ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय प्रवेश पत्र जारी होते ही उसे फौरन डाउनलोड कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया
जैसे ही वेबसाइट पर प्रवेश पत्र का लिंक सक्रिय किया जाएगा, उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं:
- सबसे पहले एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं।
- वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए NEET PG 2026 सेक्शन को ढूंढें और उस पर क्लिक करें।
- इसके बाद उम्मीदवार/आवेदक लॉगिन (Candidate Login) लिंक पर जाएं।
- अपने रजिस्टर्ड यूजर आईडी और पासवर्ड को दर्ज करके अपने अकाउंट में प्रवेश करें।
- इसके बाद आपकी स्क्रीन पर NEET PG 2026 का एडमिट कार्ड दिखाई देने लगेगा।
- प्रवेश पत्र पर छपी सभी जानकारियों की अच्छी तरह से जांच कर लें।
- भविष्य की जरूरतों के लिए इसे डाउनलोड कर सुरक्षित सेव कर लें।
- अंत में इसका एक साफ प्रिंटआउट निकाल लें और परीक्षा के दिन दिशानिर्देशों के अनुसार इसे केंद्र पर साथ लेकर जाएं।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे लिंक एक्टिवेट होने पर किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए अपनी लॉगिन डिटेल्स पहले से ही तैयार रखें।
प्रवेश पत्र पर दर्ज होंगी ये जरूरी जानकारियां
NEET PG 2026 के एडमिट कार्ड पर परीक्षा से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण और आवश्यक विवरण मुद्रित होंगे, जिनमें उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, एप्लीकेशन आईडी, स्कैन की गई तस्वीर, परीक्षा केंद्र का पूरा पता, परीक्षा की तिथि और समय, रिपोर्टिंग टाइम तथा परीक्षा के दिन पालन किए जाने वाले निर्देश शामिल हैं।
दस्तावेज डाउनलोड करने के बाद परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे सभी विवरणों को बेहद सावधानी से जांच लें। यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि या गलती पाई जाती है, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत संबंधित प्राधिकारी के संज्ञान में लाना चाहिए। इसके अलावा, परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए केंद्र का पता और रिपोर्टिंग समय पहले ही देख लें, ताकि उसके अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाई जा सके।
Raksha Bandhan 2026: इस रक्षाबंधन चॉकलेट नहीं, भाई-बहन को दें हेल्थ इंश्योरेंस का गिफ्ट; Gen-Z का बदल रहा अंदाज
Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन पर अब उपहारों के मायने तेजी से बदल रहे हैं। देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z अब पारंपरिक मिठाइयों और महंगे गैजेट्स से आगे निकलकर अपनों को 'वित्तीय सुरक्षा' (Financial Protection) का तोहफा देने पर जोर दे रही है। प्रोबोस इंश्योरेंस (Probus Insurance) के डायरेक्टर राकेश गोयल ने इस बदलते ट्रेंड पर रोशनी डालते हुए बताया है कि कैसे आज के युवा भाई-बहन को शॉर्ट-टर्म गिफ्ट देने के बजाय लॉन्ग-टर्म हेल्थ इंश्योरेंस कवर देना ज्यादा सार्थक मान रहे हैं।
चॉकलेट या हेल्थ कवर: क्या है बेहतर विकल्प?
राकेश गोयल ने त्योहारों पर होने वाले खर्चों की तुलना करते हुए एक दिलचस्प उदाहरण सामने रखा है:
- पारंपरिक तरीका (चॉकलेट और मिठाइयां): आमतौर पर लोग त्योहार पर प्रीमियम चॉकलेट हैम्पर या गिफ्टी आइटम्स पर करीब 7,000 रुपये खर्च कर देते हैं। कुछ ही दिनों में मिठाइयां खत्म हो जाती हैं और उस पैसे का कोई स्थाई या दीर्घकालिक लाभ नहीं बचता।
- मॉडर्न ट्रेंड (हेल्थ इंश्योरेंस): इसके विपरीत, अगर उसी 7,000 रुपये का उपयोग किसी भाई या बहन के लिए 5 लाख रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में किया जाए, तो यह भविष्य के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बन जाता है।
मामूली खर्च और बड़ा सुरक्षा चक्र
इस वित्तीय प्लानिंग के गणित को समझाते हुए उन्होंने बताया कि 7,000 रुपये सालाना का खर्च महीने के हिसाब से महज 600 रुपये से भी कम बैठता है। यानी दो कप कॉफी या कुछ ओटीटी सब्सक्रिप्शन के खर्च के बराबर।
आज के समय में मेडिकल इंफ्लेशन (चिकित्सा महंगाई) हर साल 14% से 15% की दर से बढ़ रही है। ऐसे में एक छोटी सी अनहोनी या अस्पताल का बिल युवा प्रोफेशनल की सालभर की बचत को पलभर में खत्म कर सकता है। यही वजह है कि Gen-Z इसे एक बोरिंग खर्च नहीं बल्कि 'अल्टीमेट फाइनेंशियल फ्लेक्स' मान रहा है, जो परंपरा के साथ आधुनिक रिस्क मैनेजमेंट का बेहतरीन मेल है।
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