महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2 करोड़ से ज्यादा नाम गायब, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; जानें क्या है पूरा मामला
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. राज्य की पिछली मतदाता सूची में शामिल रहे 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं. इस आंकड़े के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
ड्राफ्ट लिस्ट से हर पांचवां मतदाता बाहर
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक SIR से पहले महाराष्ट्र में करीब 9.78 करोड़ मतदाता दर्ज थे. पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट सूची में 7.71 करोड़ से अधिक मतदाताओं को जगह मिली है. वहीं, 2,06,88,487 नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए.
अधिकारियों के अनुसार इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं. बड़ी संख्या में मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले. कुछ लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कई मतदाता दूसरे स्थान पर चले गए हैं. डुप्लीकेट पंजीकरण और एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध नहीं होने जैसी वजहें भी बताई गई हैं.
राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला
इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने चुनाव आयोग के लिए ‘वोट चोरी आयोग’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि रणनीतियां बदलती रहती हैं, लेकिन उद्देश्य बीजेपी को चुनावी लाभ पहुंचाना है.
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की मतदाता सूची में हुए बदलाव को 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि अलग-अलग समय पर मतदाताओं की संख्या में इतना अंतर क्यों दिखाई दे रहा है.
बंगाल और महाराष्ट्र का उदाहरण दिया
राहुल गांधी ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए बड़ी संख्या में नाम अपील के बाद दोबारा जोड़े गए. इसके आधार पर उन्होंने महाराष्ट्र में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए.
हालांकि, चुनावी प्रक्रिया में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अंतिम सूची नहीं होती. योग्य मतदाताओं को नाम वापस जुड़वाने और गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाता है.
पुणे में सबसे ज्यादा फॉर्म नहीं मिले
आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र नहीं हो सके. पुणे में करीब 28.6 लाख फॉर्म नहीं मिल पाए. इसके बाद ठाणे में लगभग 28.5 लाख, मुंबई उपनगर में 26.5 लाख, नागपुर में 14.43 लाख और नासिक में 10.27 लाख फॉर्म का आंकड़ा सामने आया है.
इन मामलों में मतदाता का निर्धारित पते पर नहीं मिलना, स्थान परिवर्तन, मृत्यु या दोहरी एंट्री जैसे कारण शामिल हो सकते हैं.
नाम गायब है तो 30 सितंबर तक मौका
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि योग्य मतदाता का नाम हमेशा के लिए हट गया है. चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं.
नाम जुड़वाने के लिए पात्र मतदाता फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं. किसी मतदाता की एंट्री पर आपत्ति के लिए फॉर्म 7 और नाम, पता, उम्र या लिंग जैसी जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म 8 का इस्तेमाल किया जा सकता है.
4 नवंबर को आएगी अंतिम सूची
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव अधिकारियों की ओर से दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.
फिलहाल महाराष्ट्र में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं. वहीं, अंतिम तस्वीर दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने और फाइनल मतदाता सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
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Uttarakhand News: खटीमा को मिला नगर वन ऑक्सीजन पार्क का बड़ा तोहफा, सीएम धामी ने की कई अहम घोषणाएं
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा वासियों को एक बड़ी सौगात दी. उन्होंने शहर में बने नए नगर वन ऑक्सीजन पार्क का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे पार्क परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. खटीमा पहुंचे मुख्यमंत्री ने केवल पार्क का उद्घाटन ही नहीं किया, बल्कि सीमांत क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए छह बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं. इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का भारी उत्साह देखने को मिला.
क्षेत्र के विकास के लिए 6 बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए खटीमा के विकास को नई दिशा देने वाली घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि नगर वन ऑक्सीजन पार्क का और अधिक विस्तार किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें. इसके साथ ही पार्क परिसर के पास स्थित पुराने वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय को नए रूप में पार्क के अंदर ही बनाया जाएगा. युवाओं और खेल प्रेमियों की मांग को देखते हुए उन्होंने खटीमा में एक भव्य स्टेडियम बनाने का एलान किया. इसके अलावा क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए क्रियाशाला, बाहर से आने वाले अतिथियों और पर्यटकों के लिए सर्किट हाउस और स्थानीय छोटे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित करने के लिए आधुनिक वेंडिंग जोन बनाने की घोषणा भी की.
पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा खटीमा
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा की भौगोलिक स्थिति बेहद खास है और यह कुमाऊं क्षेत्र का एक प्रमुख प्रवेश द्वार है. व्यास वैली, पंचाचूली और पवित्र आदि कैलाश की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यह एक अहम पड़ाव बनता है. दूर-दराज से आने वाले इन यात्रियों और श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सके, इसी सोच के साथ खटीमा में एक सर्वसुविधायुक्त सर्किट हाउस का निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही नगर वन पार्क के विस्तार और अन्य जरूरी सुविधाओं को जुटाने के लिए सरकार की ओर से पूरा बजट दिया जाएगा, जिससे यह इलाका एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे.
प्रकृति और आधुनिकता का सुंदर संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर वन ऑक्सीजन पार्क बन जाने से आसपास के नागरिकों को टहलने, कसरत करने और ताजी हवा लेने के लिए एक बेहद सुंदर और हरा-भरा स्थान मिल गया है. उन्होंने कहा कि यह पार्क केवल एक सरकारी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसे साफ-सुथरा और हरा-भरा रखना हर नागरिक की अपनी जिम्मेदारी है. उन्होंने पार्क में आने वाली महिलाओं और बालिकाओं की सुविधा और स्वच्छता का खास ध्यान रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर में जल्द से जल्द एक आधुनिक पिंक शौचालय का निर्माण किया जाए.
पर्यावरण और आर्थिक विकास में संतुलन जरूरी
बदलते मौसम और वैश्विक तापवृद्धि की समस्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में हरियाली और जंगलों का महत्व बहुत बढ़ गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण दोनों एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि दोनों साथ-साथ चलते हैं. प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना उद्योगों और व्यापार को आगे बढ़ाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है. इससे आने वाली पीढ़ी को शुद्ध वातावरण भी मिलेगा और उनके लिए रोजगार के पक्के साधन भी बनेंगे. इसी सोच के तहत राज्य में बिजली से चलने वाली गाड़ियों, चार्जिंग स्टेशनों और सौर ऊर्जा से जुड़े कामों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है.
अग्रणी राज्यों की कतार में शामिल हो रहा उत्तराखंड
समारोह में मौजूद सांसद अजय भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है और आज उत्तराखंड की गिनती देश के अग्रणी राज्यों में होने लगी है. वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने ऑक्सीजन पार्क के विस्तार और वन विभाग के दफ्तर को नया रूप देने की मांग रखी और खटीमा को इतनी सुंदर सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया. इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.
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