Responsive Scrollable Menu

Ek Din Movie Review: साई पल्लवी ने जीता दिल, मगर कमजोर कहानी और लॉजिक की कमी बनी सबसे बड़ी कमजोरी

Ek Din Movie Review: साई पल्लवी ने जीता दिल, मगर कमजोर कहानी और लॉजिक की कमी बनी सबसे बड़ी कमजोरी

Continue reading on the app

Puja niyam: आंखें बंद रखकर पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए? जानें ध्यान और दर्शन का सही तरीका

Puja niyam: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान आंखों की स्थिति को लेकर भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि भगवान की मूर्ति के समक्ष पूजा करते समय आंखों को पूरी तरह बंद कर लेना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे भगवान के साक्षात दर्शन का लाभ नहीं मिल पाता। यही कारण है कि पूजा और ध्यान की प्रक्रिया में आंखों की स्थिति को लेकर अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं।

दर्शन और ध्यान में क्या है अंतर?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पूजा के दौरान "दर्शन" और "ध्यान" दोनों को अलग-अलग महत्व दिया गया है। मान्यता है कि दर्शन के समय भक्त को भगवान की मूर्ति को खुली आंखों से देखते हुए उनके स्वरूप को अपने मन में बसाना चाहिए, ताकि वह दिव्य छवि हमेशा के लिए स्मृति में बनी रहे। वहीं ध्यान की प्रक्रिया में आंखें बंद करके भगवान के उसी स्वरूप को मन ही मन याद करने की परंपरा है, जो दर्शन के बाद अपनाई जाती है।

कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि भगवान का दर्शन करना स्वयं में एक पुण्यदायी कार्य माना जाता है, इसी वजह से पूजा की शुरुआत में आंखें खुली रखकर मूर्ति के स्वरूप को निहारना आवश्यक बताया गया है।

पूजा में आंखों की सही स्थिति
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, पूजा प्रारंभ करते समय सबसे पहले भगवान की मूर्ति को खुली आंखों से भलीभांति निहारना चाहिए, जिसमें उनके चरणों से लेकर पूरे स्वरूप तक के दर्शन शामिल होते हैं। इसके बाद आरती और मंत्र जाप के दौरान आंखें अर्धखुली रखी जा सकती हैं, जबकि ध्यान लगाने या मन ही मन प्रार्थना करने के समय आंखें बंद करना उचित माना जाता है।

पूरी तरह आंखें बंद रखने से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि पूजा के दौरान शुरुआत से अंत तक पूरी तरह आंखें बंद रखने से भक्त भगवान के साक्षात स्वरूप के दर्शन के पुण्य से वंचित रह जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि दर्शन न करने से भक्त और भगवान के बीच वह आत्मीय जुड़ाव पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाता, जो खुली आंखों से मूर्ति को निहारने पर संभव होता है।

ध्यान के समय आंखें बंद करने का महत्व
हालांकि धार्मिक परंपराओं में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दर्शन के बाद जब भक्त गहन ध्यान या मानसिक जप में लीन होता है, तब आंखें बंद करना पूरी तरह उचित और लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस अवस्था में आंखें बंद करने से मन बाहरी विचलन से दूर होकर पूरी तरह भगवान के स्वरूप और मंत्रों पर केंद्रित हो पाता है।

आज भी पूजा में निभाई जाती है यह परंपरा
समय के साथ भले ही पूजा-पाठ के तरीकों में कुछ बदलाव आया हो, लेकिन दर्शन और ध्यान से जुड़ी यह परंपरा आज भी अनेक श्रद्धालु अपनाते हैं। आज भी मंदिरों में भक्त पहले भगवान की मूर्ति को खुली आंखों से निहारते हैं, और उसके बाद ध्यानमग्न होकर आंखें बंद कर प्रार्थना करते नजर आते हैं।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

Continue reading on the app

  Sports

युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंद पर 6 छक्के उड़ाए थे, आपको पता है रवि शास्त्री ने किसके खिलाफ ये कारनामा किया था?

टी20 विश्व कप 2007 में भारत और इंग्लैंड का वो ऐतिहासिक मुकाबला, जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ लगातार 6 गेंद पर 6 छक्के जड़े तो पूरा इंडिया झूम गया था. हर तरफ सिर्फ युवराज की चर्चा थी. क्योंकि युवराज टी20 क्रिकेट के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी बने थे, जिन्होंने एक ही ओवर के सभी 6 गेंद पर 6 उड़ाए थे, लेकिन उनसे पहले भी एक ऐसे भारतीय क्रिकेटर हुए थे जिन्होंने ये कमाल किया था. हालांकि, ये फर्स्ट क्लास क्रिकेट में हुआ था. Thu, 3 Sep 2026 05:16:03 +0530

  Videos
See all

Bengal News | Kolkata Police के सामने Derek O'Brien की पेशी पर ये क्या बोल गए Madan Mitra? #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T23:15:47+00:00

Sugar Prices Drop : ₹40 के करीब पहुंची चीनी, ग्राहकों को राहत! Sugar New Rates #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T23:30:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers