हॉलीवुड पर टेक कंपनियां हावी:सिलिकॉन वैली की सत्ता-साजिशों पर गिरा पर्दा; बड़ा सवाल- क्या इनका सच कभी सामने आ पाएगा?
हॉलीवुड हमेशा अपने दौर के ताकतवर लोगों और संस्थाओं की कहानियां बेखौफ चित्रित करता आया है। लेकिन, बड़ी टेक कंपनियां नई चुनौती हैं। मार्क जुकरबर्ग की मेटा, सैम ऑल्टमैन की ओपनएआई और एलन मस्क जैसे टेक दिग्गजों की जिंदगी ड्रामा, सत्ता संघर्ष, विवाद और मुकदमों से भरपूर है। इन पर फिल्में भी बन रही हैं। लेकिन, जिन कंपनियों की जवाबदेही फिल्मों में दिखाई जानी है, वे हॉलीवुड के स्टूडियो, फंडिंग और वितरण सिस्टम में साझेदार बनती जा रही हैं। ऐसे में, सवाल है कि इन बिग टेक की करतूतों पर बेधड़क फिल्म कौन बनाएगा? ओपनएआई पर ‘आर्टिफिशियल’ नाम से फिल्म बनी। ये ओपनएआई बोर्ड द्वारा ऑल्टमैन को हटाने की कोशिश और दांव उलटा पड़ने की घटना पर केंद्रित है। लेकिन, जून में फिल्म पूरी होने पर अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने उसे अचानक छोड़ दिया। कहा, बेहतर होगा कि इसे कोई और रिलीज करे। पर्दे के पीछे की कहानी ये है कि कुछ माह पहले अमेजन और ओपनएआई ने 50 अरब डॉलर की रणनीतिक साझेदारी की थी। इसके तहत अमेजन के ग्राहक-केंद्रित एप्स के लिए विशेष मॉडल तैयार किए जाने हैं। अमेजन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की प|ी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मेलानिया’ पर 4 करोड़ डॉलर खर्च कर दिए। वहीं, नेटफ्लिक्स की घोषित सीरीज ‘थम्बलाइट’ बन ही नहीं पाई। ये सिलिकॉन वैली की सत्ता-साजिशों पर ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ जैसी सीरीज बताई गई थी। ‘द सोशल रेकनिंग’ दिखाती है कि बिग टेक अब भी फिल्मों के लिए सबसे आकर्षक विषय है। फेसबुक की अंदरूनी गतिविधियां उजागर करने वाली व्हिसलब्लोअर फ्रांसेस हाउगन पर आधारित यह फिल्म 2010 की ‘द सोशल नेटवर्क’ का सीक्वल है। मूल फिल्म के बाद के 16 वर्षों में मेटा/फेसबुक पर सामाजिक, भावनात्मक और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के कई आरोप लगे। हाल में मेटा ने अमेरिका में अपने नुकसानदेह उत्पादों से जुड़े अहम मामले में 17 अरब डॉलर के समझौते पर सहमति दी है। यानी कंपनी की जवाबदेही पर कहानी कहने को पर्याप्त सामग्री है। एलेक्स गिब्नी की एलन मस्क पर बनी 4 घंटे की डॉक्यूमेंट्री वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएगी। यह मस्क को 21वीं सदी के ठग के नए अवतार के रूप में दिखाती है। कुल मिलाकर लड़ाई अब ये तय करने की चल रही है कि भविष्य में पर्दे पर किसकी कहानी और किसकी आलोचना दिखाई जाएगी। हॉलीवुड में बिग टेक का विस्तार... स्टूडियो, निवेश और AI डील हॉलीवुड में टेक का दखल नया नहीं है। अमेजन, एपल, सोनी और नेटफ्लिक्स पहले ही स्टूडियो व्यवस्था का हिस्सा हैं। डिज्नी ने पिछले साल ओपनएआई में एक अरब डॉलर निवेश और लाइसेंसिंग समझौता किया। इंडी लेबल ए24 ने गूगल की एआई इकाई डीपमाइंड के साथ 7.5 करोड़ डॉलर की रिसर्च पार्टनरशिप की। पैरामाउंट के वॉर्नर ब्रदर्स के 110 अरब डॉलर के विवादित अधिग्रहण में ओरेकल के सीईओ लैरी एलिसन की बड़ी वित्तीय भूमिका है। इससे जुड़ा मामला अमेरिकी अदालतों में अटका है।
नेपाल: 'अब जीवित तो क्या बचे होंगे, बस लाश मिल जाए' [Hope fades for families of Nepal flood victims]
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में लापता हुए हजारों लोगों के परिजनों की उम्मीद अब टूट रही है कि वे उन्हें जीवित मिल पाएंगे. अब बस वो यही चाहते हैं कि कम से कम उनके शव उन्हें मिल जाएं.
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