Daayra Trailer: ‘दायरा’ का ट्रेलर रिलीज, करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन के बीच छिड़ी इंसाफ की जंग
Daayra Trailer Released: फेमस फिल्ममेकर मेघना गुलजार की मचअवेटेड फिल्म 'दायरा' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. करीना कपूर खान (Kareena Kapoor) और पृथ्वीराज सुकुमारन (Prithviraj Sukumaran) स्टारर इस फिल्म के ट्रेलर ने आते ही सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया है. फिल्म में करीना कपूर को डीसीपी अजूनी कोहली के रोल में देखा जाएगा. वहीं, पृथ्वीराज डीसीपी रमन कुमार के रोल में नजर आएंगी. दिलचस्प बात ये है कि दोनों के बीच इंसाफ की जंग होगी और एक दूसरे के सामने लड़ते दिखेंगे.
कैसा है फिल्म का ट्रेलर?
दायरा के ट्रेलर की शुरुआत में एक अपराधी को पुलिस वैन में अंधेरे इलाके में ले जाते देखा गया. वो पूछता है, 'इधर क्यों लाए हैं सब'? पृथ्वीराज सुकुमारन की आवाज आती है, 'बताता हूं'. अगले ही सीन में पृथ्वीराज सुकुमारन प्रेस कांफ्रेंस में अपराधी के एनकाउंटर की वजह बताते हैं कि आरोपी ने मौका ढूंढते ही भागने की कोशिश की. हमारी टीम पर अटैक किया. पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में मार दिया. ट्रेलर में आगे करीना कपूर पीड़ित परिवार के पास जाती हैं और घटना के बारे में शुरू से पूछती हैं कि 07 अक्टूबर को क्या हुआ था?
केस की जांच करती दिखीं करीना
फिर दायरा के ट्रेलर में आगे करीना के किरदार यानि डीसीपी अजूनी कोहली को पता चलता है कि एक मां अपनी गुमशुदा बेटी की सूचना देने थाने गई और एफआईआर दर्ज कराई. जांच के दौरान मालूम हुआ के गुमशुदा बच्ची का यौन शोषण हुआ. आरोपी नाबालिग है. पृथ्वीराज और करीना कपूर दोनों ही इस मामले की जांच करते हैं, मगर, दोनों का तरीका अलग है. ऐसे में दोनों आमने-सामने इंसाफ के लिए जंग लड़ेंगे.‘दायरा’ का ट्रेलर जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, वैसे-वैसे टेंशन भी बढ़ती जाती है. फिल्म के शार्प और सोचने पर मजबूर कर देने वाले डायलॉग्स सच और इंसाफ़ को लेकर कई मुश्किल सवाल सामने रखते हैं.
दायरा की स्टारकास्ट
18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही फिल्म दायरा अपराध, इंसाफ और सजा की कहानी को रोमांच और इमोशन के साथ दिखाएगी. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले यश केसवानी, सीमा अग्रवाल और मेघना गुलजार ने मिलकर लिखा है. इसमें करीना और पृथ्वीराज के अलावा जितेंद्र जोशी, क्षिती जोग, कंवलजीत सिंह, संदीप कुलकर्णी और तृप्ति खामकर जैसे शानदार कलाकार भी है.
करीना कपूर ने क्या कहा?
फिल्म दायरा को लेकर करीना ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट में कहा- 'मेघना के साथ काम करने में मुझे जो बात सबसे ज्यादा पसंद आई, वो ये थी कि वो आपको अपने ही किरदार के बारे में सोची हुई हर बात पर सवाल करने के लिए मजबूर कर देती हैं. हर छोटी से छोटी डिटेल के पीछे इतनी सोच होती है, लेकिन वो कभी भी एक एक्टर के तौर पर आपकी इंस्टिंक्ट को आपसे दूर नहीं करती. डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार मेरे साथ रह गया, क्योंकि उसने मुझे एक ऐसी स्पेस में धकेला, जिसे मैंने इससे पहले कभी सच में एक्सप्लोर नहीं किया था और इस पड़ाव पर अपने करियर में मेरे लिए यही चीज सबसे एक्साइटिंग है.
पृथ्वीराज की करीना ने की तारीफ
वहीं, करीना ने अपने को-स्टार पृथ्वीराज की जमकर तारीफ की. एक्ट्रेस ने कहा- 'मेरे सामने पृथ्वीराज का होना अपने आप में एक बहुत खूबसूरत एक्सपीरियंस था. वो एक बेहद इंटेलिजेंट एक्टर हैं, बहुत प्रेजेंट, बहुत इंस्टिंक्टिव और हमारे साथ काम करने में एक ऐसी सहजता थी, जिसे मैंने वाकई एंजॉय किया. ये उन फिल्मों में से एक थी जहां आपके आसपास के लोग पूरे एक्सपीरियंस को और भी रिच बना देते हैं.'
फिल्म को लेकर क्या बोलें पृथ्वीराज?
दायरामें अपने रोल के बारे में पृथ्वीराज ने कहा- 'डीसीपी रमन कुमार के किरदार की ओर मैं सबसे ज्यादा इस वजह से आकर्षित हुआ कि उसके शांत और संयमित बाहरी व्यक्तित्व के पीछे कितनी जटिलता छिपी हुई है और जांच के दौरान उसे किन सवालों से जूझना पड़ता ह. मुझे फिल्म की सबसे खास बात ये लगी कि यह कहानी आखिर तक अपनी ऑब्जेक्टिविटी बनाए रखती है और दर्शकों को अपना नजरिया बनाने की पूरी आजादी देती है.
मेघना और करीना की तारीफ की
पृथ्वीराज ने आगे करीना और मेघना गुलजार के साथ काम करने का एक्सपीरियंस शेयर किया. उन्होंने कहा- 'मेघना गुलजार ऐसी फिल्ममेकर हैं, जिनके काम को मैंने हमेशा करीब से फॉलो किया है और ‘दायरा’ ने मुझे उनके साथ काम करने का मौका दिया. यह मेरे लिए बेहद रिवार्डिंग एक्सपीरियंस रहा और करीना के साथ काम करने ने इस सफर को और भी खास बना दिया. मुझे उम्मीद है कि दर्शक हमारे बनाए हुए इस संसार से जुड़ेंगे. ये एक ऐसी कहानी है जो रोमांचक भी है और बेहद ह्यूमन भी.'
डायरेक्टर मेघना गुलजार ने क्या कहा?
मेघना गुलजार ने फिल्म को लेकर कहा- 'दायरा’ ब्लैक एंड व्हाइट के बीच आराम से नहीं बैठता. ये ग्रे को एक्सप्लोर करता है और फिर उसे परत-दर-परत खोलता है. एक फिल्ममेकर के तौर पर ये ग्रे स्पेस हमेशा चुनौतीपूर्ण भी होता है और उतना ही आकर्षक भी, क्योंकि यहीं किरदार अपने फैसले लेते हैं, फिर उन्हीं फैसलों के साथ जीते हैं और दर्शकों को सामने घट रही कहानी से अपने तरीके से जुड़ने का मौका मिलता है. करीना और पृथ्वीराज ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से जीवंत किया है. मैं बेहद आभारी हूं कि मुझे इन दोनों के रूप में ऐसा डायनैमिक कॉम्बिनेशन मिला, साथ ही एक शानदार एन्सेम्बल कास्ट भी मिली.'
दायरा को लेकर बोलें जंगली पिक्चर्स के सीईओ
जंगली पिक्चर्स के सीईओ अमृता पांडे ने दायरा के बारे में बात करते हुए कहा- 'जंगली पिक्चर्स में हम हमेशा ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित हुए हैं, जो हमारे आसपास की दुनिया से निकलती हैं, खासकर वो कहानियां जो सच्ची घटनाओं या वास्तविक अनुभवों से प्रेरित होती हैं. ‘दायरा’ ऐसी ही कहानी है, जिसे हमने अपने राइटर्स और मेघना के साथ बेहद करीब से डेवलप किया है. ये फिल्म आज के दौर में बेहद प्रासंगिक महसूस होती है, लेकिन अपने विषय को उतनी ही संवेदनशीलता के साथ पेश करती है, जितनी इसकी जरूरत है. साथ ही ये एक पावरफुल क्राइम थ्रिलर भी है, जो कॉन्फ्लिक्ट, मुश्किल फैसलों और दो बेहद मजबूत नजरियों से चलती है.'
पेन स्टूडियोज के सीएमडी का बयान
पेन स्टूडियोज के सीएमडी डॉ. जयंतीलाल गड़ा ने दायरा के बारे में कहा- 'सिनेमा मनोरंजन कर सकता है, लेकिन साथ ही वह सही सवाल भी पूछ सकता है. ‘दायरा’ इसी दूसरी कैटेगरी की फिल्म है और यही बात इस कहानी को हमारे लिए खास बनाती है. मेघना गुलजार ऐसी फिल्ममेकर हैं, जिन्होंने लगातार ऐसा सिनेमा बनाया है जो आपको सोचने पर मजबूर करता है. गहराई, संवेदनशीलता और संयम के साथ कहानी कहने की उनकी कला वाकई काबिल-ए-तारीफ है. करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे दो शानदार एक्टर्स का साथ आना फिल्म में एक और दिलचस्प आयाम जोड़ता है. हमें उम्मीद है कि ‘दायरा’ दर्शकों को सिर्फ अपनी सीट से बांधे नहीं रखेगा, बल्कि थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी उनके साथ रहेगा और उन्हें कई सवालों और बातचीत के बारे में सोचने पर मजबूर करेगा.'
ये भी पढ़ें- 'रामायण' में 'क्राइम पेट्रोल' का ये एक्टर बनेगा रणबीर कपूर का ससुर, पर्दे पर निभाएगा सीता के पिता का किरदार
'भारत हमारे लिए बड़े भाई जैसा', पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बोले किर्गिज नागरिक
Kyrgyz citizen: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान के आधिकारिक दौरे पर हैं। यात्रा के दौरान उनसे देश-विदेश के लोगों ने मुलाकात की। उनसे मिलने वाले लोगों के लिए यह महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी। किसी के लिए यह "जिंदगी भर याद रहने वाला मौका" था, तो किसी के लिए वह क्षण खास था जब टीवी पर दिखाई देने वाले प्रधानमंत्री को पहली बार सामने से देखने का मौका मिला। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद किर्गिस्तान के सैन्य अधिकारियों, योग प्रशिक्षकों और भारत से जुड़े लोगों की भावनाएं जानने की कोशिश आईएएनएस ने की।
किर्गिस्तान के एक सैन्य अधिकारी कैप्टन तालाइबेक ने भारत के साथ अपने व्यक्तिगत रिश्ते को दोनों देशों के संबंधों की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने भारत की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में तीन साल और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में एक साल प्रशिक्षण लिया है। उनके लिए भारत केवल एक मित्र देश नहीं, बल्कि उनके सैन्य जीवन और व्यक्तिगत अनुभवों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
'भारत के साथ मेरा रिश्ता बहुत मजबूत'
उन्होंने कहा, “भारत के साथ मेरा रिश्ता बहुत मजबूत है। वहां मेरे दोस्त हैं, मेरे कोर्समेट हैं। आज जब हम दोनों अकादमियों से प्रशिक्षण लेकर बाहर आ चुके हैं, तो हम भारत और किर्गिस्तान के बीच एक पुल की तरह काम कर रहे हैं।” किर्गिस्तान और भारत के बीच सैन्य सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खंजर’ का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ और सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है।
कैप्टन तालाइबेक के लिए विशेष अनुभव रहा
किर्गिज गणराज्य की महिला कांग्रेस के अंतर्राष्ट्रीय विभाग की प्रमुख गुलाइम एशबायेवा के मुताबिक पीएम मोदी से मुलाकात प्रेरणास्पद थी। उन्होंने कहा, "मैं उनसे मिली और मुझे ये पल हमेशा याद रहेंगे। उनसे मैं बहुत प्रेरित हुई।" लेफ्टिनेंट तिलेमन ने कहा, ये शानदार थी और कल्पना से परे थे। हमारे देशों के संबंध बहुत सहज हैं। हम लोग साथ मिलकर सैन्य अभियान का हिस्सा बनते हैं। उन्होंने इसे “लाइफटाइम अपॉर्च्युनिटी” बताते हुए कहा कि हर किसी को किसी देश के प्रधानमंत्री से आमने-सामने मिलने का अवसर नहीं मिलता।
लेफ्टिनेंट मुर्जा ने हिंदी में की बात
एक अन्य सैन्य अधिकारी सीनियर लेफ्टिनेंट बैमुर मुर्जा ने हिंदी में बात की। उन्होंने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को यादगार बताया। उन्होंने खुद को सैन्य प्रशिक्षण से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि भारत में प्रशिक्षण के दौरान बनाए गए रिश्ते आज भी उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अपने भारतीय कोर्समेट्स को संदेश देते हुए कहा, “मैं अपने पुराने कोर्समेट्स और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। सभी के लिए खुशहाल जीवन की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री से मिलना बड़ा अवसर था, जो सबको नसीब नहीं होता।”
अब तक सिर्फ टेलीविजन पर देखते थे...
उन्होंने आगे कहा कि वह मोदी को अब तक सिर्फ टेलीविजन पर देखते थे, लेकिन पहली बार उन्हें सामने से देखने का अवसर मिला। उन्होंने इसे अपने लिए एक बड़ा मौका बताया। प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत में सिर्फ कूटनीति या राजनीति ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। स्नो लेपर्ड संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी छोटी-सी बातचीत बेहद सार्थक रही। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास की जरूरत पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री के साथ बातचीत लेकिन बहुत उत्पादक
उन्होंने कहा, "पहाड़ी क्षेत्रों के लिए पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत छोटी थी, लेकिन वह “बहुत उत्पादक” रही।" भारत-किर्गिस्तान संबंधों को लेकर शर्मा ने कहा कि दोनों देश पहले से ही अच्छे मित्र हैं और दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव मौजूद है। हालांकि, उनके मुताबिक व्यापार, लोगों के बीच संपर्क, क्षमता निर्माण और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की अभी काफी संभावनाएं हैं।
भारत को बताया किर्गिस्तान का बड़ा भाई
उन्होंने कहा, "आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, संरक्षण और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सकता है।" योग साधक अरीना नियाजबेकोवा ने भारत को किर्गिस्तान का “बड़ा भाई” बताते हुए कहा कि भारत हमेशा किर्गिस्तान के साथ खड़ा रहा है और दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हैं। भारत और किर्गिस्तान के रिश्तों में योग एक अलग तरह की कड़ी बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान योग से जुड़े कई लोगों ने भी भारत के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
'रिश्ते बहुत गर्मजोशी भरे'
किर्गिस्तान की योग प्रशिक्षक लुनारा ने कहा कि भारत और किर्गिस्तान के रिश्ते “बहुत गर्मजोशी भरे” हैं। उन्होंने कहा, “हम भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का अवसर हमारे लिए बहुत खास है।” उन्होंने भारत में योग सिखाने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उनके मुताबिक, उन्होंने भारत में करीब 10 वर्षों तक योग सिखाया है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को योग से जोड़ने का अवसर मिला।
'खुद को फिट रखने के लिए योग सीखा'
एक अन्य योग प्रशिक्षक असिलकान ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में खुद को फिट रखने के लिए योग सीखा था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनके जीवन का हिस्सा बन गया और फिर उन्होंने दूसरों को भी योग सिखाना शुरू किया। उन्होंने कहा, "मेरे लिए योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है। यह सांस लेने, चलने-फिरने और सोचने के तरीके से भी जुड़ा है। योग अब मेरी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।”
किर्गिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, खासकर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में। बिश्केक में रहने वाले लोगों ने भी भारत और किर्गिस्तान के बीच बढ़ते मानवीय संपर्क को दोनों देशों के रिश्तों की महत्वपूर्ण ताकत बताया। असिलकान ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध बेहद गर्मजोशी और मित्रता वाले हैं। उन्होंने भारत की यात्रा का अपना अनुभव भी साझा किया और कहा कि किर्गिस्तान में भारतीय छात्रों की मौजूदगी दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संबंधों को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्र किर्गिस्तान में बड़ी संख्या में पढ़ाई कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच संपर्क लगातार बढ़ रहा है।
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









